scriptUrban and city council indifferent to cleanliness survey | स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रति उदासीन नगरीय व नगर परिषद | Patrika News

स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रति उदासीन नगरीय व नगर परिषद

जगह-जगह लगा गंदगी का अंबार

मंडला

Published: December 31, 2021 11:49:41 pm

स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रति उदासीन नगरीय व नगर परिषद
मंडला. स्वच्छता रैंकिंग को बेहतर करने नपा व नगर परिषद द्वारा किए जा रहे प्रयास सफल नहीं दिखाई दे रहे है। तय मानकों के अंतर्गत कार्य नहीं किया जा रहा हे जिसके कारण जिले की स्वच्छता रैकिंग नहीं सुधर पा रही है। स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैकिंग के लिए नगरपालिका परिषद और नगर परिषद इस बार प्रयास कर अपनी रैकिंग सुधार सकते है, लेकिन जगह-जगह फैली गंदगी इस रैकिंग में सुधार कैसे लाईगी।
जानकारी अनुसार देशभर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 का सर्वेक्षण कार्य जारी है। स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छे नंबर और अव्वल दर्जा पाने के लिये महानगरों से लेकर नगरों तक में होड़ लगी है। नगरीय निकाय क्षेत्र में स्वच्छता बनाये रखने के लिये एड़ी-चोटी का जोर लगाने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 को लेकर पूरे जिले भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वच्छता अभियान के लिए कई प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते है लेकिन नगरपालिका और नगर परिषद इस ओर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
जिले में स्वच्छता अभियान के लिए सिर्फ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, साथ ही स्वच्छता सर्वेक्षण सिर्फ सोशल मीडिया और कागज तक रह कर रह गया है। इन तस्वीरों से जिसका बड़ी ही आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगरपालिका और नगर परिषद स्वच्छता अभियान को लेकर कितना सजग है। जिले भर में जहां तहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। वहीं दूसरी ओर नालियां भी गंदगी से बजबजा रहीं हैं और सड़ांध मार रहीं हैं। जबकि स्वच्छता अभियान के लिये एक बड़ी राशि शासन से प्राप्त होती है जिसका उपयोग कहां और कैसे किया जा रहा है यह प्रश्न चिन्ह है।

जागरूकता की कमी :
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगर को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए आमजनों में जागरूकता की कमी है, लेकिन इस बार स्वच्छता रैकिंग में अपनी स्थिति सुधारने एक और मौका मिला है। लेकिन लोगों में अभी भी स्वच्छता बनाए रखने में जागरूकता की कमी देखी जा रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर नगर में देखे जा सकते है।
पॉलीथिन पर नहीं लग रही रोक :
वातावरण को जिससे सबसे ज्यादा खतरा है, वह है पॉलीथिन प्लास्टिक। सबसे जहरीला कचरा पॉलीथिन प्लाटिक को माना जाता है। इसका निपटान नपा नहीं कर पा रही है, ना ही पॉलीथिन पर रोक लगाने में कामयाब है। जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक की भरमार है। जिसका दुष्प्रभाव मूक पशुओं समेत इंसानों पर भी पड़ता है।
2017 में लगा था जिले में प्रथम स्थान :
बताया गया कि वर्ष 2017 में निवास नगर परिषद का जिले में स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रथम स्थान लगा था। उसी समय निवास नगर ओडीएफ भी घोषित हो गया था। जिसके लिए निवास नगर परिषद का सम्मान भी किया गया था। लेकिन अब निवास नगर परिषद की रैकिंग बहुत ही पीछे खिसक गई है। नगर परिषद को अपनी रैकिंग सुधारने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। फिलहाल नगर परिषद निवास को जगह-जगह फैली गंदगी औरा नालियों अटा पड़ा कचरा को निपटाने का इंतजाम करना होगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रति उदासीन नगरीय व नगर परिषद
स्वच्छता सर्वेक्षण के प्रति उदासीन नगरीय व नगर परिषद

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

धन-संपत्ति के मामले में बेहद लकी माने जाते हैं इन बर्थ डेट वाले लोगशाहरुख खान को अपना बेटा मानने वाले दिलीप कुमार की 6800 करोड़ की संपत्ति पर अब इस शख्स का हैं अधिकारजब 57 की उम्र में सनी देओल ने मचाई सनसनी, 38 साल छोटी एक्ट्रेस के साथ किए थे बोल्ड सीनMaruti Alto हुई टॉप 5 की लिस्ट से बाहर! इस कार पर देश ने दिखाया भरोसा, कम कीमत में देती है 32Km का माइलेज़UP School News: छुट्टियाँ खत्म यूपी में 17 जनवरी से खुलेंगे स्कूल! मैनेजमेंट बच्चों को स्कूल आने के लिए नहीं कर सकता बाध्यअब वायरल फ्लू का रूप लेने लगा कोरोना, रिकवरी के दिन भी घटेइन 12 जिलों में पड़ने वाल...कोहरा, जारी हुआ यलो अलर्ट2022 का पहला ग्रहण 4 राशि वालों की जिंदगी में लाएगा बड़े बदलाव
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.