सड़क पुलिया से वंचित ग्रामीणों ने जमकर किया हंगामा

पंचायत प्रतिनिधियों पर गबन का आरोप, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

By: Mangal Singh Thakur

Updated: 18 Sep 2020, 05:21 PM IST

नैनपुर. गांव पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है, पुलिया के लिए राशि आई लेकिन तीन साल बाद भी पुलिया निर्माण के लिए कोई पहल नहीं की जा रही है। ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की लापरवाही से सैकड़ों लोग परेशानी के बीच जीवनयापन कर रहे हैं। लंबे समय से पंचायत पर भरोसा जता रहे ग्रामीणों का सब्र गुरुवार को टूट गया। दर्जनों ग्रामीणों ने एकत्रित होकर सड़क में हंगामा किया और बाद में नैनपुर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
मामला नैनपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत कजरवारड़ा के ग्राम दखनी टोला सिमरिया का है। जहां वार्ड क्रमांक 12,13, 14 के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। बताया गया कि तीनो वार्ड में लगभग एक हजार की संख्या में ग्रामीण निवासरत हैं। स्कूली छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, कृषि कार्य करने किसानों को आने जाने की सुविधा नहीं मिल रही है। सड़क एवं सिमरिया नदी में पुल न होने से बारिश के दिनो में 108 एंबुलेंस, ऑटो, मोटरसाइकिल, डायल 100 वाहन, ट्रैक्टर ट्राली में गांव तक नहीं पहुंच पाते। गर्मी के दिनो में सड़क व पुलिया न होने से ग्रामीणों स्टॉप डैम के ऊपर से जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। इन सारी परेशानियों की जानकारी सरपंच, सचिव को भी है। अनेक बार ग्रामीणों द्वारा सरपंच सचिव विधायक, सांसद अन्य जनप्रतिनिधि अधिकारियों को भी सड़क व पुलिया बनाने आवेदन निवेदन किया गया। लेकिन आज तक उनके द्वारा आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला और ग्रामीण आज भी परेशान हो रहे हैं।
ग्रामीण रामस्वरूप कुम्हरे, आलोक कुमार परते आदि ने बताया कि ग्राम दखनी टोला से आवागमन के लिए एक छोटा सा पुल है जो बारिश में पूरे 4 माह जलभराव के कारण डूबा रहता है। दूसरे रास्ते में पुल ना होने से ग्रामीणों को बहुत परेशानी होती है। बीमार व्यक्ति, गर्भवती महिलाओं को लाने ले जाने में परेशानी होती है।
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10 लाख की पुलिया कर दी गायब
वर्ष 2017 में 14वें वित्त आयोग के तहत दखनी टोला से सिमरिया मार्ग पर 10 लाख की पुलिया का निर्माण के लिये राशि आहरण कर लिया गया। लेकिन उक्त पुलिया स्थल में नहीं बनी है। पुलिया की राशि का कहां उपयोग किया गया है इसकी जांच कराने की मांग की गई है। ग्राम की जनता सड़क में ग्रामीण जन आना-जाना कर अपना जीवन निर्वाह करने मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि सरपंच, सचिव, उपयंत्री ने मिलकर शासन की योजना में गोलमाल कर भारी भ्रष्टाचार किया गया हैं। जिसके कारण ग्रामीण सरपंच ओर सचिव से नाराज हैं।

Mangal Singh Thakur
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