मंदसौर स्टेशन पर लगेगा 100 फीट ऊंचा झंडा

मंदसौर स्टेशन पर लगेगा 100 फीट ऊंचा झंडा
मंदसौर स्टेशन पर लगेगा 100 फीट ऊंचा झंडा

Nilesh Trivedi | Updated: 06 Oct 2019, 10:35:42 AM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

मंदसौर स्टेशन पर लगेगा 100 फीट ऊंचा झंडा

मंदसौर.
रतलाम डीआरएम आरएन सुनकर शनिवार को दोपहर शहर में पहुंचे। मंदसौर के साथ उन्होंने पिपलियामंडी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यात्री सुविधाओं के साथ स्टेशन के इंतजामों के अलावा स्टॉफ के कामों के बारें में जानकारी ली। मंदसौर स्टेशन पर करीब सवा घंटे तक निरीक्षण कर हर एक पहलु की जानकारी ली। तो यात्री सुविधाओं की वृद्धि के लिए निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर लापरवाही और अव्यवस्थाओं को देख वह नाराज भी हुए और उन्होंने स्थानीय स्टॉफ को फटकार भी लगाई।


टपकते पानी और पौधों को लेकर हुई नाराज
प्लेटफॉर्म १ व २ में निरीक्षण के दौरान बारिश का पानी टपकता हुआ देख नाराजगी जताई और व्यवस्था सुधारने की कहा। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में बाउंड्री बनवाकर पिछले दिनों लगाए गए पौधे भी पूरी तरह खत्म हो जाने पर फटकार लगाते हुए कहा कि इन पौधों का ध्यान ही नहीं रख सकें। सब खत्म कर दिए। तो प्लेटफॉर्म से लेकर स्टेशन परिसर में डीआरएम के निरीक्षण के दौरान श्वान भी घुमते रहे। डीआरएम ने कहा कि पिपलियामंडी में भी फूड ओवरब्रिज बनना है तो इस क्षेत्र में डबलीकरण सहित अन्य कामों को देखा है।


मंदसौर में लगाएंगे १०० ऊंचा झंडा, जगह देख ली
निरीक्षण के बाद डीआरएम ने बताया कि सांसदो के साथ हुई बैठक में सांसद ने इंदौर-उज्जैन स्टेशन पर लगे झंडे की तहर मंदसौर स्टेशन पर भी झंडा लगाने की बात कही थी। इसलिए यहां भी झंडा लगाया जाएगा। इसके लिए जगह देख ली है। मंदसौर स्टेशन पर १०० फीट की ऊंचाई वाला झंडा लगाया जाएगा। साथ ही मंदसौर स्टेशन पर आरक्षण कार्यालय के सामने रास्ते चालू करवाकर यात्री सुविधा बढ़ाने तो बाउंड्री के यहां जाली लगाकर एक ही जगह से एंट्री करने के निर्देश दिए। वहीं कार पार्किंग से लेकर वाहन पार्किंग के बेहतर इंतजाम के लिए निर्देशित किया। साथ ही रेलवे की खुली जमीन पर व्यवसायिक प्लान बनाने की बात कही। जिससे दुकान बनाकर दी जा सके और रेलवे की आय बढ़े।


मार्च तक चित्तौड़ तक हो जाएगा काम
डीआरएम ने बताया कि मंदसौर तक इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए दिसंबर तक का लक्ष्य तय किया था, लेकिन काम अगस्त में ही पूरा कर दिया। नीमच तक मार्च में पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन जिस गति से काम चल रहा है। इस माह के अंतिम में वहां तक काम हो जाएगा और फिर मार्च तक चित्तौड़ तक इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो जाएगा। तो भोपाल-इंदौर सहित बड़े शहरों से चलने वाली गाडिय़ा बिना इंजन बदले चलेंगे और इलेक्ट्रिक के इंजन से गाडिय़ां चलेगी तो डीजल की खपत भी नहीं होगी तो वायु व ध्वनि प्रदूषण भी नहीं होगा और समय की बचत भी होगी। इस तरह रेलवे से लेकर यात्रियों को इससे लाभ होगा।

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