पुलिस-प्रशासन की सदूखोरों के खिलाफ मुहिम अधिकारियों की 'रस्मअदायगी से फेलÓ

पुलिस-प्रशासन की सदूखोरों के खिलाफ मुहिम अधिकारियों की 'रस्मअदायगी से फेलÓ

By: Vikas Tiwari

Published: 01 Mar 2020, 03:59 PM IST

मंदसौर.
पुलिस-प्रशासन ने माफिया का सफाया अभियान में बेहतर काम करने के बाद जिले में सूदखोरों के खिलाफ मुहिम छेड़ी। इस मुहिम की शुरुआती दौर में कुछ सूदखोरों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज हुए। लेकिन शनिवार को जिलेभर के थानों और तहसील कार्यालयों में सूदखोरों से परेशान लोगों को आवेदन देना थे। जब पत्रिका ने इसकी पड़ताल की तो सामने आया कि जिले में जितने थाने और तहसील कार्यालय है। उतने भी आवेदन अधिकारियों के पास नहीं पहुंचे। इसका सबसे बडा़ कारण यह है कि जिलामुख्यालय पर तो इस प्रचार प्रसार हुआ। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकारियों की रस्मअदायगी के कारण प्रचार-प्रसार नहीं हो पाया। और दूसरा की कुछ अधिकारियों को तो इस मुहिम की जानकारी भी नहीं थी। जब पत्रिका ने पूछा तो अधिकारी अब एलाउंस से आमजन को जानकारी देने की बात कह रहे है।
जिले में १६ थाने और ९ तहसील कार्यालय है। जब पत्रिका ने थानावार और तहसीलवार पड़ताल की तो सामने आया कि केवल १६ आवेदन शनिवार को आए है। इसमें सबसे अधिक आवेदन कोतवाली थाने में १४ आवेदन आए है। एक वायडीनगर थाने में आया है तो एक आवेदन भानपुरा थाने में आया है। आवेदनों के बारे में कोतवाली थानाप्रभारी शिवकुमार यादव ने बताया कि १४ आवेदन सूदखोरी को लेकर आए है। जिनकी जांच शुरु कर दी गई है। वहीं भानपुरा थानाप्रभारी ओपी तंतवार ने भी जांच की बात कही है।
मुहिम का हाल भी ना हो जाए फर्जी डॉक्टर की मुहिम जैसा
कलेक्टर मनोज पुष्प ने जिले में फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए थे। फर्जी डॉक्टरों के लिए हर विकासखंड स्तर पर एक टीम भी गठित है। लेकिन कलेक्टर के निर्देश के बाद अभी तक एक भी कार्रवाई नहीं की गई है। और यह मुहिम जिले में फेल हो गई। इस तरह अब सूदखोरों के खिलाफ जिले में कुछ कार्रवाई होने के बावजूद नाममत्र के आवेदन आए है। यह बड़ा सवाल अधिकारियों के सामने है।
इनका कहना....
कलेक्टर मनोज पुष्प ने बताया कि इसकी व्यापक प्रचार प्रसार किया है। उसके बाद भी आवेदन नहीं आए तो प्रचार प्रसार किया

Vikas Tiwari Bureau Incharge
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