कांग्रेस पर्यवेक्षक ने कहा हर हाल में चाहिए अध्यक्ष तो बाहर भिड़े पार्षद

कांग्रेस पर्यवेक्षक ने कहा हर हाल में चाहिए अध्यक्ष तो बाहर भिड़े पार्षद

मंदसौर.
17 फरवरी को होने वाले नगर पालिका अध्यक्ष के उपचुनाव को लेकर शहर में चल रही राजनीतिक सरगर्मियों में शुक्रवार को कांग्रेस के नियुक्त पर्यवेक्षक बटुकशंकर जोशी मंदसौर पहुंचे। यहां उन्होंने विश्रामगृह पर बंद कमरें में पार्षदों से वन टू वन करने के साथ नेताओं से भी वन टू वन चर्चा की। तो पार्षदों को एकजुट होने का मंत्र देने के साथ विवादों और मतभेदों पर समझौता भी कराया।

वहीं दो पार्षद बाहर ही भिड़ गए। हालांकि नामों पर मंथन का दौर अब भी जारी है। भाजपा में किसी एक नाम पर सहमति नहीं होने के कारण अब फैसला संभाग से होगा तो कांग्रेस में अब किसी अन्य को मौका देने की मांग पार्षदों द्वारा उठाई जा रही है। नपा में बहुमत में होने के बाद भी भाजपा प्रदेश में कांग्रेस सरकार होने के कारण अपने पार्षदों की हार्सट्रेडिंग के डर के कारण गोपनीय जगह शिफ्ट करेगी। दोनों ही दलों में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन रही है। हालांकि पर्यवेक्षक ने सभी पार्षदों को कहा कि हर हाल में अध्यक्ष बनना चाहिए। किस रणनीति से और किससे बात करेंगे और क्या लिंक है। लेकिन हमें अध्यक्ष अपनी पार्टी का बनना है। इस दौरान विश्रामगृह पर पार्टी के बड़े नेताओं का भी जमावड़ा लगा रहा।


जिस पहले मौका मिल गए उसे छोड़ दूसरे को दे मौका
दोपहर में विश्रामगृह पर पर्यवेक्षक ने बंद कमरें में कांग्रेस पार्षदों से वन टू वन चर्चा की। इसके बाद कांग्रेस के यहां मौजूद नेताओं से भी चर्चा की। यहां उन्होंने सभी से कहा कि हमें कांग्रेस को जीताकर नपाध्यक्ष की कुर्सी हासिल करना है। वह कैसे करना इस पर बात करो। किससे कैसे बात हो सकती है। बीजेपी के पार्षदों से बात करने और वाली रणनीति पर भी बात कही।

साथ ही यभी भी कहा कि जिले के सभी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करने के बाद कांग्रेस का उम्मीदवार तय किया जाएगा। यहां कुछ पार्षदों ने तो वर्तमान अध्यक्ष हनीफ शेख का नाम रखा तो अन्य कई पार्षदों ने एकजुट होकर यह कहा कि जिसे पार्टी ने नियुक्त कर मौका दे दिया। उसे दोबारा नहीं। उसे छोड़ अन्य किसी को भी मौका मिले। पार्षदों ने अन्य उम्मीदवारों के नाम भी पर्यवेक्षक के सामने रखे। इस दौरान पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा, जिलाध्यक्ष प्रकाश रातडिय़ा, महेंद्र गुर्जर, नपाध्यक्ष हनीफ शेख, राजेश रघुवंशी, राजेंद्रसिंह गौतम, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, मुकेश काला, मनजीतसिंह मनी के साथ ही अन्य कांग्रेस के नेता व पदाधिकारी मौजूद थे।


गुर्जर-पाटिल भिड़े तो गोस्वामी- गौतम का समझोता करा गए जोशी
विश्रामगृह पर पर्यवेक्षक जोशी के आने को लेकर कांग्रेस पार्षदों को दी गई सूचना को लेकर कांग्रेस के ही पार्षद विजय गुर्जर व नपा में लोक निर्माण सभापति के पति सुदीप पाटिल आपस में भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि गाली-गलोच तक हुई। दरअसल यहां गुर्जर ने सूचना नहीं मिलने की बात कही तो पाटिल ने कहा कि सूचना तो सभी को दी मेसेज डिलीट कर दिया होगा। तभी गुर्जर ने कहा कि मैं आपके जैसा ४२० नहीं हु। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। तो वहीं वन टू वन चर्चा के बाद पार्षद प्रतिनिधि शैलेंद्रगिरी गोस्वामी व कांग्रेस नेता राजेंद्रसिंह गौतम के बीच चल रहे विवाद और मतभेदों पर पर्यवेक्षक जोशी ने चर्चा कर समझोता कराया।


भाजपा में नहीं किसी के नाम पर सहमति, संभाग से होगा तय
भाजपा में अभी किसी एक के नाम पर सहमति नहीं बनी। रायशुमारी में अधिकांश पार्षदों ने निर्णय संगठन पर छोड़ा तो कुछ ही पार्षदों ने नाम बताए।

तीन नाम राय शुमारी में आए और किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी। कोर कमेटी की बैठक में भी सभी पदाधिकारियों ने अपनी-अपनी बात रखी लेकिन वहां भी एक नाम पर सहमति नहीं बनी। इसके कारण अब भाजपा की और से नाम पर मुहर संभागीय संगठन मंत्री यहां के प्रभारी जगदीश अग्रवाल की रिपोर्ट के बाद प्रदेशाध्यक्ष राकेशसिंह से फोन पर चर्चा करने के बाद लगाएंगे। बताया तो यह भी जा रहा है कि १६ फरवरी की रात को नाम मंदसौर फायनल होकर आएगा और १७ को ही नाम से पर्दा हटाया जाएगा। वहीं अपने पार्षदों को तोडफ़ोड़ से बचाने और संभालने के लिए संगठन भाजपा पार्षदों को आज या कल कही गोपनीय जगह पर शिफ्ट करेंगे। पार्षदों को इसके लिए संकेत दे दिए गए है।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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