करोड़ों रूपए फूंक दिए नहीं गंूजी एक भी 'किलकारी

करोड़ों रूपए फूंक दिए नहीं गंूजी एक भी 'किलकारी
mandsaur news

Vikas Tiwari | Updated: 23 Aug 2019, 10:10:47 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India


करोड़ों रूपए फूंक दिए नहीं गंूजी एक भी 'किलकारी

मंदसौर.
शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिले इसके लिए प्राथमिक और उपस्वास्थ्य केंद्र खोले। इनके लिए हर माह मोटी राशि भी खर्च की जा रही है। लेकिन इसके बावजूद जिले के कई ऐसे चिह्ंित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। जहां पर एक भी प्रसव नहीं हो रहा है। ऐसे में गर्भवती महिला और उनके परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर केवल नाम के प्रसव हो रहे है। ऐसा नहीं कि स्वास्थ्य अधिकारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं। हर माह रिपोर्ट आने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है।
जिले में जिला मुख्यालय सहित ३५ चिह्ंित स्वास्थ्य केंद्र है। जहां पर प्रसव की सुविधाएं है। इन केंद्रों पर अधिकारियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को सुविधाएं देना अनिवार्य भी है। लेकिन कई ऐसे स्वास्थ्य केंद्र है। जहां पर प्रसव ही नहीं हो रहे है। जिसमें से चंदवासा स्वास्थ्य केंद्र, भैसोदा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गांधीसागर नंबर आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नावली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और खजूरी नाग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र। यहां पर कई महिनों से एक भी प्रसव नहीं हुआ है। वहीं इसके अलावा मेलखेड़ा जो कि ब्लॉक है यहां पर केवल तीन से पांच प्रसव, बोलिया, संजीत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन से छह प्रसव हो रहे है। इसके अलावा रेवास-देवड़ा, बालागुड़ा और बिल्लौद में माह में केवल तीन-तीन प्रसव हो रहे है।
एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर २० लाख का खर्चा
सीएमएचओ कार्यालय से िमली जानकारी के अनुसार एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर विभाग का हर माह करीब १५ से २० लाख रूपए माह का खर्चा होता है। ऐसे में विभाग द्वारा साल भर में करोड़ों रूपए खर्च किए जाते है। लेकिन इन प्रसव केंद्रों पर एक भी किलकारी नहीं गूंजती है। इन प्रसव केंद्रों पर प्रसव नहीं होने पर गरोठ, शामगढ़ या जिला मुख्यालय पर प्रसुताओं को लेकर आना पड़ता है। ऐसे में काफी परेशानी होती है।
इनका कहना...
जिलामुख्यालय सहित ३५ प्रसव केंद्र है। जहां पर प्रसव होना चाहिए। करीब पांच जगह वर्तमान में नहीं हो रहे है। डॉक्टर नहीं होने के कारण समस्या आ रही है।
राकेश शर्मा, जिला अधिकारी एनआरएचएम।

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned