सोमवार से गायब डंग कमलनाथ से चर्चा के बाद आज लौटेंगे

सोमवार से गायब डंग कमलनाथ से चर्चा के बाद आज लौटेंगे

By: Nilesh Trivedi

Published: 07 Mar 2020, 12:35 PM IST


मंदसौर.
प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों के बीच गुरुवार को जिले के सुवासरा से कांग्रेस विधायक हरदीपसिंह डंग के इस्तीफे से प्रदेश में मचे सियासी भूचाल के बाद डंग के मंत्री बनाने की अटकले भी तेज हो गई है। इस्तीफे के बाद से डंग को मंत्री बनाने की मांग लगातार की जा रही है। इस बीच सोमवार की शाम से गायब हरदीपसिंह डंग के शनिवार देररात तक लौटने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा के बाद वापस लौटने की संभावना बताई जा रही है।
मंत्री पद का बना रहे दबाव
विधायक हरदीपसिंह डंग के अचानक गायब होने और इस्तीफ के बाद से उनके माता-पिता और परिजन से लेकर समर्थक सभी डंग को मंत्री बनाने की मांग कर रहे है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि मंत्री बनने के लिए डंग की यह प्रेशर पॉलिटिक्स है। मंत्री पद के साथ ही डंग के इस्तीफे को उनकी मांग पर उनके क्षेत्र के काम नहीं होना बताया जा रहा है।

सोमवार की शाम से विधायक डंग संपर्क से बाहर
इस्तीफा वायरल होने के बीच कांग्रेस विधायक डंग सोमवार की शाम 5 बजे से संपर्क से बाहर है। उनका मोबाईल भी स्वीच ऑफ है तो वह किसी के संपर्क में भी नहीं है। गुरुवार को सुवासरा के कांग्रेस कार्यकर्ता डंग के भोपाल आने का दावा कर मिलने के लिए भी निकले थे, लेकिन देरशाम तक समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भी डंग का संपर्क नहीं हो सका। डंग की ओर से भी कोई अधिकृत बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने स्थानीय नेता भी फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।
डंग ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे में यह लिखा
विधायक हरदीपसिंह डंग का विधानसभा अध्यक्ष को दिए लेटरपेट पर उनके हस्ताक्षर के साथ इस्तीफा भेजा जो वायरल हुआ। इसमें डंग ने लिखा कि मुझे कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनता ने बड़े आशा और उम्मीदों से दूसरी बार चुना है। लेकिन बड़े दुखी मन से लिखने में आता है कि पिछले १४ माह बीत जाने केब ाद भी विधानसभा क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में लगातार उपेक्षा की जा रही है। कोई मंत्री कार्य करने को तैयार नहीं है। दलाल एवं भ्रष्टाचारी सरकार में बैठे है। मेरे द्वारा कार्यकर्ताओं के छोटे से छोटे कार्य कराने के लिए भोपाल जाना पड़ता है। भोपाल के अनेक चक्कर लगाना पड़ते है। इसी प्रकार विकास कार्य इसमें सिंचाई योजना, सड़क निर्माण बाढ़ में १०० प्रतिशत क्षति होने पर एक मुश्त मुआवजा राशि भुगतान, फसल बीमा, स्वसहायता समूह, ऋण माफी, विद्यार्थियों को लेपटॉप आदि कार्य नहीं हो पा रहे है। मेरे क्षेत्र में विकास के लिए कई बार आवेदन पर दिए। पर हर बार बजट की कमी बताई गई। जबकि मंत्रियों एवं उनके चाहने वालों के क्षेत्र में बिना किसी बाधा के कार्य हो रहे है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि वर्ष २०१३ में उज्जैन संभाग तथा वर्तमान में संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का एकमात्र विधायक होने के बावजूद मंत्री पद और ना ही विकास कार्य हुए न सम्मान मिला और न हीं भोपाल ठहरने के लिए उचित व्यवस्था दी गई। जबकि कई बार नए विधायको को सुविधाएं के साथ विकास क ार्यों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मँैं मानता हूं कि मैं एक छोटा व्यक्ति हूं। मेरी गलती रही है कि मैं न तो कमलनाथ जी और न हीं दिग्ििवजयजी न हीं सिधिंया जी के गुट का हूं। मैं सिर्फ कांग्रेस का रहा हूं। इसलिए मुझे इतनी परेशानियों का सामना और संघर्ष करना पड़ रहा है।

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Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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