scriptEven after Kovid, the condition of health centers of Mandsaur district | कोविड के बाद भी मंदसौर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के हाल खराब | Patrika News

कोविड के बाद भी मंदसौर जिले के स्वास्थ्य केंद्रों के हाल खराब

४२ केंद्रो में स्वास्थ्य सुविधाएं मानकों को पूरा नहीं कर पाई है।

मंदसौर

Published: April 21, 2022 04:58:31 pm


मंदसौर.
कोविड काल में जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने का दावा प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने किया। लेकिन कितनी व्यवस्थाएं बेहतर हुई। इसकी पोल कायाकल्प अभियान की रिपोर्ट ने कर दी है। जिले की ५० स्वास्थ्य केंंद्रों में जिला अस्पताल सहित ८ केंद्रों ने मानकों को पूरा किया है। और अवार्ड जीता है। शेष ४२ केंद्रो में स्वास्थ्य सुविधाएं मानकों को पूरा नहीं कर पाई है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कायाकल्प अभियान २०२१-२२ की रिपोर्ट जारी हुई। इसमें जिला अस्पताल को तीन लाख, सिविल अस्पताल गरोठ को एक लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुवासरा को एक लाख, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नाहरगढ़ को २ लाख, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र साबाखेड़ा, संजीत, बूढा और मेलखेडा को ५०-५० हजार रूपए का अवार्ड मिला है। इसमें नाहरगढ़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को छठी बार अवार्ड मिल रहा है। तो जिला अस्पताल को भी हर साल अवार्ड मिल रहा है।
भानपुरा से लेकर मल्हारगढ़ तक सुविधाएं बेहाल
विगत छह सालों से कायाकल्प अभियान को लेकर जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की परीक्षा हो रही है। स्वास्थ्य अधिकारी हर साल पहले दो स्तर पर सुविधाओं को आंकलन करते है। और फिर कायाकल्प अभियान के लिए भोपाल स्तर पर चिह्ंित केंद्रों का नाम भेजते है। अधिकारियों ने कई बार दावा किया कि हर बार अधिक से अधिक केद्रों का नाम आए। लेकिन वही ढांक के तीन पात। जिले के ४२ स्वास्थ्य केंंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मानकों के अनुसार नहीं है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की कितनी जरूरत है।
कही सफाई नहीं तो कही बैठने की व्यवस्था
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि ४१ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, छह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और दो अस्पताल में से केवल सात केंद्रों में व्यवस्था बेहतर मिली है। तो ३४ स्वास्थ्य केंद्रों में कही मरीजों के बैठने की व्यवस्था नहीं है तो कही पानी पाने की व्यवस्था तो कही टीन शेड नहीं है। तो कही पार्किग नहीं है। कुछ जगह आवारा मवेशी परिसर में घूम रहे है। इसके अलावा डॉक्टर और स्टाफ की भी कमी सामने आई है।
जिसके कारण केंद्रों को इनाम नहीं मिला है।
इनका कहना..
हर साल कायाकल्प अभियान में जिले के केंद्रों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस साल जिला अस्पताल सहित ८ केद्रों को इनाम मिला है। आने वाले साल में और बेहतर कार्य किया जाएगा।
डॉ केएल राठौर, सीएमएचओ।
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