गांवों में भूमि नामातंरण के लिए भटक रहे किसान

गांवों में भूमि नामातंरण के लिए भटक रहे किसान
-अनेक सरपंचों को अपने ही अधिकार की नहीं हैजानकारी

By: bhuvanesh pandya

Published: 18 Aug 2017, 10:16 PM IST


मंदसौर.

 


जिले के कईग्राम पंचायतों में किसानों कीभूमि नामातंरण हो ही नहीं रहे है।किसान अपने कृषि या भूखंड नामातंरण के लिए भटक रहे है। किसानों राजस्व विभाग के पास जाता हैविभाग अधिकारी कर्मचारी ग्राम पंचायत भेज देते है। और ग्राम पंचायत फिर राजस्व विभाग। इसका जो कारण सामने आया है उसमें कई ग्राम पंचायत के सरपंचों एवं सचिवों को पता ही नहीं हैकि भूमि या भूखंड नामातंरण को अब फिर से ग्राम पंचायत को मिल चुके है।
किसानों का कहना
बोलिया क्षेत्र के किसान रामलाल पाटीदार, मोहम्मद सलीम, ढाबला के किसान महेश गुप्ता, जेथल के जोरावर ङ्क्षसह, अजनोटी के रमेशचंद्र ने कहा कि वे कईदिनों से भूमि नामातंरण के लिए भटक रहे है। ग्राम पंचायत राजस्व विभाग के अधिकारियों के पास भेज देते है।और विभाग के अधिकारी फिर ग्राम पंचायत सरपंच या सचिव से मिलने के लिए कहते है। राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी किसानों को स्पष्ट समझाइश नहीं देते है कि अब ग्राम पंचायतों को फिर से भूमि नामातंरण करने का अधिकार दिया जा चुका है।वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच-सचिव अपने इस अधिकार के प्रति अनभिज्ञ है।
सरपंचों ने कहा नहीं जानकारी नामातंरण की
बोलिया के सरपंच कृपाल सिंह परिहार ने बताया कि अभी ग्राम पंचायत स्तर से कोई भी नामातंरण की प्रक्रिया शुरु नहीं की है। इस संबंध में हमें किसी भी प्रकार की कोईजानकारी नहीं है। बरखेड़ा लोया के सरपंच बालकृष्ण पाटीदार ने कहा कि मुझेे नामातंरण करने संबंधी कोईभी आदेश अभी तक नहीं मिला है। सचिव द्वारा बताया गया था। इस तरह कईसरपंचों ने नामातंरण की प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने की बात कही और कहा कि अभी तक हमें शासकीय आदेश भी नहीं मिला है।
ग्राम पंचायत प्रस्ताव पारित कर देगी पटवारी को
मल्हारगढ़ एसडीएम प्रकाश नायक ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर नामातंरण की प्रक्रिया शुरु हो गईहै। इसमें पटवारी किसी भी मृत्यु होने पर नामाकंन दर्जकरेगा। उसके वारिसों की जानकारी लिखेगा और एक काफी ग्राम पंचायत को भेजेगा। ग्राम पंचायत द्वारा विज्ञप्ति निकाल उसका प्रस्ताव पास करेगी। और पटवारी को भेजेगी। पटवारी द्वारा यह रिपोर्ट तहसीलदार के पास जाएगी और नामातंरण हो जाएगा।
सबसे अधिक नामांतरण के प्रकरण सुवासरा तहसील में
जिले के आठों तहसीलों में ंसबसे अधिक नामातंरण के प्रकरण सुवासरा तहसील में है। यहां पर १२२४ प्रकरण है। इसके बाद सीतामऊ तहसील में ९५५ प्रकरण है। गरोठ तहसील में ९०१, मंदसौर तहसील में ७९८, शामगढ़ तहसील में ८६३, मल्हागरढ़ तहसील में ४१६, भानपुरा तहसील में ३९० और दलौदा तहसील में २९५ प्रकरण वर्तमान में है। वहीं बंटवारे में मंदसौर में चार, दलौदा में छह, मल्हारगढ़ में ११ प्रकरण है।
फैक्ट फाइल
तहसील कुल ग्राम नामांतरण आवेदन
मंदसौर १६७ ७९८
दलौदा ६० २९५
मल्हारगढ़ १७४ ४१६
सीतमाऊ १७२ ९५५
सुवासरा ७५ १२२४
शामगढ़ ९७ ८६३
गरोठ १०७ ९०१
भानपुरा ९६ ३९०
इनका कहना ...
हां, सही है कि कईग्राम पंचायतों में इसकी जानकारी नहीं है। २१ से ३१ अगस्त तक इसके लिए सरपंचों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
ओपी श्रीवास्तव, कलेक्टर।

 

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