फसलों के नुकसान पर सरकार नहीं करवा रही सर्वे और न हीं कर रही कर्जमाफ

फसलों के नुकसान पर सरकार नहीं करवा रही सर्वे और न हीं कर रही कर्जमाफ

By: Nilesh Trivedi

Published: 05 Sep 2019, 11:45 AM IST

मंदसौर.
क्षेत्र में अतिवृष्टि से किसानों की फसलें चौपट हो गई साथ ही झूठी कर्ज माफी के चक्कर में किसान बीमा लाभ से वंचित रह गए। इसी को लेकर भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा द्वारा बुधवार को दोपहर में रूपनी चौपाटी पर 3 घंटे तक धरना दिया। इसके बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा।

किसान मोर्चें के धरने पर किसान लोग भी शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि सरकार अतिवृष्टि होने के बाद भी फसल नुकसानी का सर्वें नहीं करा रही है और न हीं कर्जमाफ कर रही है।


अतिवृष्टि के कारण क्षेत्र के किसानों की फसलें पूर्ण रूप से चौपट हो गई, लेकिन प्रशासनिक अमले द्वारा अब तक नुकसानी का सही आंकलन नहीं किया गया। ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि तहसील कार्यालय से जानकारी प्राप्त करने पर पाया गया कि नुकसानी का आकलन सिर्फ 10 प्रतिशत बताई गई। जिलाध्यक्ष भगवान सिंह शक्तावत ने कहा कि अगर प्रशासनिक अमला उचित नुकसानी आकलन नहीं करता है तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे। किसानों की हितैषी बताने वाली कमलनाथ सरकार ने कर्ज माफी के नाम पर किसानों के साथ छलावा किया है।

कर्जमाफी के फेर में अब किसान बीमा से भी वंचित रह गए है। धरना 11 बजे से 1 बजे तक दिया गया उसके पश्चात ज्ञापन नायब तहसीलदार आरके अहिरवार को सौंपा। इस दौरान किसान मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य तेजपाल सिंह, भाजपा जिला महामंत्री अजय सिंह चौहान, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष वि_ल गुप्ता, कयामपुर मंडल अध्यक्ष दिलीप गुप्ता, किसान मोर्चा कयामपुर मंडल अध्यक्ष महेश माली, भाजपा नेता जगदीश परमार, जिला पंचायत सदस्य जीतेंद्र सिंह कोटडा, जनपद सदस्य पंकज जाट के साथ अन्य नेता व पदाधिकारी भी मौजूद थे।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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