इस नदी का पानी पी ले तो मर जाएं तो मौके पर ही हो जाएं मौत

मंदसौर.
शहर की शिवना नदी जहरीली हो चुकी है। इसका प्रदूषित पानी तरह- तरह के रंग में दिख रहा है।

By: harinath dwivedi

Published: 04 Jan 2018, 04:20 PM IST

भगवान पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र में पानी काई सा नीला है तो मुक्तिधाम क्षेत्र में पानी लाल रंग का है। वहीं अलावदाखेड़ी क्षेत्र में पानी का रंग दूजा। इस स्थिति को देखते हुए नगरपालिका ने केंद्रीय पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को बुलाया। गुरुवार की सुबह बोर्ड के दो साइंटिस्ट शहर आए। उन्होंने पूरी शिवना नदी का निरीक्षण किया। उन स्थानों को देखा जहां से प्रदूषित पानी शिवना नदी में मिल रहा है। इस दल के लिए मुक्तिधाम क्षेत्र में लाल पानी मिस्ट्री की तरह लगा। वे यह पता नहीं कर पाएं कि इस क्षेत्र में पानी लाल रंग का क्यों है। इस क्षेत्र में एक फैक्ट्री है, यदि उसका पानी नदी में मिलता है तो पानी काला होना चाहिए। इस क्षेत्र में कई प्रदूषित नाले मिल रहे है पर यहां ऐसी कोई फैक्ट्रियां नहीं है, जिनमें रंगो का कोई काम हो। कपड़े व लच्छा रंगने का व्यवसाय करने वाले खानपुरा क्षेत्र में रहते है और यहां से मुक्तिधाम क्षेत्र की दूरी करीब ४ किलोमीटर है। बीच में कहीं भी पानी लाल रंग का नहीं है। वैज्ञानिको ने करीब १० जगह से शिवना नदी के पानी का सैंपल लिया। इस सैंपल का परीक्षण के बाद ही वैज्ञानिक बता पाएंगे कि पानी किस हद तक जहरीला हो चुका है। फिलहाल यह सच है कि पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र से मुक्तिधाम क्षेत्र तक कहीं से भी यदि कोई व्यक्ति यह पानी पी ले तो उसकी मौके पर ही मौत होना निश्चित है।

 

बीच में कहीं भी पानी लाल रंग का नहीं है। वैज्ञानिको ने करीब १० जगह से शिवना नदी के पानी का सैंपल लिया। इस सैंपल का परीक्षण के बाद ही वैज्ञानिक बता पाएंगे कि पानी किस हद तक जहरीला हो चुका है। फिलहाल यह सच है कि पशुपतिनाथ मंदिर क्षेत्र से मुक्तिधाम क्षेत्र तक कहीं से भी यदि कोई व्यक्ति यह पानी पी ले तो उसकी मौके पर ही मौत होना निश्चित है।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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