हरदीप की प्रेशर पॉलिटिक्स से सकते में सरकार


हरदीप की प्रेशर पॉलिटिक्स से सकते में सरकार

By: Nilesh Trivedi

Published: 07 Mar 2020, 12:23 PM IST


मंदसौर.
प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग के आरोपों के बीच गुरुवार को जिले के सुवासरा से कांग्रेस विधायक हरदीपसिंह डंग ने इस्तीफा दे दिया। देरशाम को सोशल मीडिया पर उनका इस्तीफा वायरल हुआ। हालांकि अब तक डंग का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है। नियमों की माने तो डंग का इस्तीफा मंजूर नहीं होगा। नियमों के अनुसार इस्तीफा देने पर ही स्वीकार होगा। सोमवार से क्षेत्र से अब तक गायब डंग की लोकेशन भी नहीं मिली रही है और इस्तीफा भी सोशल मीडिया पर ही चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष से लेकर मुख्यमंत्री के साथ कांग्रेस के अन्य नेता इस्तीफे की बात से इंकार कर चुके है। ऐसे में माना जा रहा है कि डंग का इस्तीफा सिर्फ प्रेशर पॉलिटिक्स है।
मंत्री पद का बना रहे दबाव
विधायक हरदीपसिंह डंग के अचानक गायब होने और इस्तीफ के बाद से उनके माता-पिता और परिजन से लेकर समर्थक सभी डंग को मंत्री बनाने की मांग कर रहे है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में कहा जा रहा है कि मंत्री बनने के लिए डंग की यह प्रेशर पॉलिटिक्स है। मंत्री पद के साथ ही डंग के इस्तीफे को उनकी मांग पर उनके क्षेत्र के काम नहीं होना बताया जा रहा है।

सोमवार की शाम से विधायक डंग संपर्क से बाहर
इस्तीफा वायरल होने के बीच कांग्रेस विधायक डंग सोमवार की शाम 5 बजे से संपर्क से बाहर है। उनका मोबाईल भी स्वीच ऑफ है तो वह किसी के संपर्क में भी नहीं है। गुरुवार को सुवासरा के कांग्रेस कार्यकर्ता डंग के भोपाल आने का दावा कर मिलने के लिए भी निकले थे, लेकिन देरशाम तक समर्थकों व कार्यकर्ताओं से भी डंग का संपर्क नहीं हो सका। डंग की ओर से भी कोई अधिकृत बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने स्थानीय नेता भी फिलहाल कुछ कहने की स्थिति में नहीं है।
डंग ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे इस्तीफे में यह लिखा
विधायक हरदीपसिंह डंग का विधानसभा अध्यक्ष को दिए लेटरपेट पर उनके हस्ताक्षर के साथ इस्तीफा भेजा जो वायरल हुआ। इसमें डंग ने लिखा कि मुझे कांग्रेस कार्यकर्ताओं व जनता ने बड़े आशा और उम्मीदों से दूसरी बार चुना है। लेकिन बड़े दुखी मन से लिखने में आता है कि पिछले १४ माह बीत जाने केब ाद भी विधानसभा क्षेत्र एवं संसदीय क्षेत्र में लगातार उपेक्षा की जा रही है। कोई मंत्री कार्य करने को तैयार नहीं है। दलाल एवं भ्रष्टाचारी सरकार में बैठे है। मेरे द्वारा कार्यकर्ताओं के छोटे से छोटे कार्य कराने के लिए भोपाल जाना पड़ता है। भोपाल के अनेक चक्कर लगाना पड़ते है। इसी प्रकार विकास कार्य इसमें सिंचाई योजना, सड़क निर्माण बाढ़ में १०० प्रतिशत क्षति होने पर एक मुश्त मुआवजा राशि भुगतान, फसल बीमा, स्वसहायता समूह, ऋण माफी, विद्यार्थियों को लेपटॉप आदि कार्य नहीं हो पा रहे है। मेरे क्षेत्र में विकास के लिए कई बार आवेदन पर दिए। पर हर बार बजट की कमी बताई गई। जबकि मंत्रियों एवं उनके चाहने वालों के क्षेत्र में बिना किसी बाधा के कार्य हो रहे है।
उन्होंने पत्र में लिखा कि वर्ष २०१३ में उज्जैन संभाग तथा वर्तमान में संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस का एकमात्र विधायक होने के बावजूद मंत्री पद और ना ही विकास कार्य हुए न सम्मान मिला और न हीं भोपाल ठहरने के लिए उचित व्यवस्था दी गई। जबकि कई बार नए विधायको को सुविधाएं के साथ विकास क ार्यों की स्वीकृति प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि मँैं मानता हूं कि मैं एक छोटा व्यक्ति हूं। मेरी गलती रही है कि मैं न तो कमलनाथ जी और न हीं दिग्ििवजयजी न हीं सिधिंया जी के गुट का हूं। मैं सिर्फ कांग्रेस का रहा हूं। इसलिए मुझे इतनी परेशानियों का सामना और संघर्ष करना पड़ रहा है।
जीवन का समय ऐसे बर्बाद नहीं कर सकता
विधायक डंग ने इस्तीफे में कहा कि मैं अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय ऐसी ही बर्बाद नहीं कर सकता। वर्तमान सरकार तथा मेरे दूसर बार के विधायक के कार्यकाल को डेढ़ वर्ष बीत चुके है और पांच साल के कार्यकाल में से आखरी का एक साल चुनावी वर्ष होता है। मैंने पूर्व में भी माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह, सिधिंयाजी को अपनी बात कही है, लेकिन दुख की बात है कि किसी ने भी मेरी बात नहीं सुनी। मेरा त्याग पत्र स्वीकार करें, किसानों एवं क्षेत्र के विकास के लिए मेरा संघर्ष सदैव जारी रहेगा।
घर पर अभी भी छाया सन्नाटा
सोमवार शाम से विधायक डंग अपने घर के साथ पूरे क्षेत्र से नदारद है और अपने पार्टी के किसी नेता और कार्यकर्ता के भी संपर्क में नहीं है। विधायक डंग के घर सन्नाटा पसरा हुआ है। परिजनों का भी यही कहना है कि उन्हें कुछ पता नहीं है। हमेशा की तरह दौरे पर जाकर आने की बात कहकर वह यहां से निकलें है। प्रभारी मंत्री हुकुम ङ्क्षसह कराड़ा ने बडौद के कांग्रेस नेता भेरूङ्क्षसह सिसौदिया के नेतृत्व में समन्वय समिति का प्रतिनिधिमंडल विधायक डंग के परिजनों से मिलने के लिए भेजा। बुधवार की शाम को परिजनों से मिलकर कंाग्रेस नेता भेरूङ्क्षसह सिसौदिया मिलने पहुंचे थे।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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