रायल्टी के नाम पर अवैध रसीदों का नहीं थम रहा खेल

रायल्टी के नाम पर अवैध रसीदों का नहीं थम रहा खेल

मंदसौर.
खनिज विभाग के ऑनलाईन सिस्टम की जिले में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। सबकुछ जानने के बाद भी विभाग अनजान बना बैठा है। रायल्टी के नाम पर ऑफलाईन अवैध रसीदों का यह खेल जोरों पर चल रहा है। ठेकेदार ही इस प्रकार फर्जी रसीदों से अवैध रेत परिवहन करवा रहे है।

शुक्रवार को भी नारायणगढ़ थाना क्षेत्र में इसी प्रकार की अवैध रसीदों से हो रही वसूली को लेकर मामला बढ़ा तो ग्रामीणों ने ६ लोगों को पीट दिया। मामला थाने तक पहुंचा। यहां तक की कांग्रेस के नेता श्यामलाल जोकचंद को कार्रवाई की मांग के लिए नारायणगढ़ थाने पर धरना देना पड़ा। फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। बताया तो यह भी जा रहा कि रिवाल्वर दिखाकर धमकाया गया। आलम तो यह हो गया कि कांग्रेस के नेताओं को अपनी ही सरकार में कार्रवाई की मांग को लेकर धरना देना पड़ा। फिर भी प्रकरण दर्ज नहीं किया गया।

खनिज अधिकारी मेजर ङ्क्षसह जमरा ने कहा कि फर्जी रसीदों का मामला सामने आया है। जांच कर प्रतिवेदन कलेक्टर को सौंपा जाएगा। दूसरी ओर बसई नदी से दो ट्रेक्टर-ट्राली अवैध खनन में पकड़े गए है।


रायल्टी के नाम पर अवैध वसूली पर हुआ विवाद
रायल्टी के नाम पर फर्जी रसीदों से हो रही अवैध वसूली को लेकर गांव मंशाखेड़ी में खनिज माफियाओं के साथ झूमाझटकी के बाद अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता जोकचंद्र व ग्रामीणजन नारायणगढ़ थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। देर शाम तक वे थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। मंशाखेड़ी में ग्रामीणों ने रेत माफियाओं द्वारा की जा रही अवैध वसूली का विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कांग्रेस सरकार में 1200 रुपए प्रति ट्राली के हिसाब से फर्जी रसीद देकर वसूले जा रहे है व खनिज माफिया रिवाल्वर लेकर डरा रहे रहे है।

रेत माफिया गिरोह के पांच सदस्यों को रेत लेकर जा रहे ट्रेक्टर चालकों से 1200 रुपए की फर्जी रसीद देकर वसूली करते हुए लोगों ने पकड़ लिया। विवाद बढ़ा तो पुलिस पहुंची। जोकचंद के साथ ही कांग्रेस महासचिव कमलेश पटेल, संजीत ब्लाक कंाग्रेस अध्यक्ष शीतलसिंह बोराना, भाजपा नेता भरत जोशी भी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों की मांग थी कि अवैध रुप से फर्जी रसीदों से की जा रही वसूली पर मामला दर्ज किया जाए।


ट्रेक्टर-ट्रॉली से रेत परिवहन करने वाले 30 लोगों ने थाने पर आवेदन दिया। इसमें बताया कि असामाजिक तत्वों द्वारा अवैध रेती ठेकेदार बनकर रेती परिवहन चालकों से अवैध राशि वसूली जा रही है। पिस्टल से धमकाया जा रहा है। निजी जमीन से रैती मजदूरों द्वारा एकत्र कर उसे बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते है। लेकिन पिछले एक माह से क्षेत्र में ठेकेदार के नाम से नारायणगढ़ के हीरालाल पाटीदार व उसके गुर्गे हमको रिवाल्वर दिखाकर डराए धमकाकर 1200 से 2000 रुपए राशि वसूल रहे है। जिसमें कल्लू मेवाती नारायणगढ़, अमजद पठान पिपलियामंडी, अजय हंस टकरावद, अमन मेवाती पहेड़ा मगरा सहित 20 से 25 व्यक्ति वाहनों को रोककर अवैध वसूली कर रहे है। इन पर मामला दर्ज किया जाए। दिनभर धरने के बाद भी प्रकरण दर्ज नहीं किया गया। यहां कांग्रेस नेताओं ने रघपुति राघव राजाराम भजन गाकर प्रशासन को सद्बुद्धि देने की भी प्रार्थना की।


बिना ईटीपी के नहीं होता परिवहन, लेकिन पुरानी तारीख का मेसेज एटिकर भेजा जा रहा है
रायल्टी के नाम पर 125 रुपए लगते है, बिना ईटीपी के रेत परिवहन नहीं हो सकता है। ऑनलाइन रसीद रेत परिवहन कर ले जा रहे चालक को देना होती है, लेकिन रेत माफिया द्वारा मां भगवती कंस्ट्रक्शन कंपनी की छपी निजी रसीदों को देकर 1200 से 2000 रुपए वसूल रहे है। ऐसा मामला कुछ दिनों पूर्व मंदसौर तहसीलदार द्वारा पकड़ी गई १० ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भी आया था। रेत लेकर जा रहे वाहन चालकों को रायल्टी के नाम पर ऑनलाइन मैसेज में मोबाइल पर पुरानी दिनांक का मेसैज एडिट कर भेजा रहा है। खनिज माफिया फर्जीवाड़े में फर्जी रसीद में दिनांक भी नहीं बदल रहे।


मंदसौर-मल्हारगढ़ विधायक ने उठाए सवाल, सरकार कर रही माफियाओं का संरक्षण
मंदसौर विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने इस घटनाक्रम को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ को ट्वीट किया। जिसमें लिखा कि खनिज माफिया के सामने शासन-प्रशासन नतमस्तक है। जिले के नारायणगढ़ थाने को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की अगुवाई में घेराव किया गया। इससे स्पष्ट है कि सरकार का माफियाओं को संरक्षण है। भाजपा के आरोपों की पुष्टि हो रही है। वहीं मल्हारगढ़ विधायक जगदीश देवड़ा ने भी रेत ठेकों के नाम पर गांव-गांव तानाशाहीपूर्ण वसूली करने का बयान जारी कर सवाल खड़े किए है। देवड़ा ने बताया कि उनसे वसूली की जा रही है, वह भी अलग-अलग दर से कोई 1200, कोई 1500 कोई 2200 तो कोई 2700 रूपए वसूल रहा है। एसडीओपी धीरज बब्बर ने बताया कि आवेदन ग्रामीणों ने दिया है। खनिज अधिकारी व राजस्व से साथ मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला खनिज अधिकारी मेजरसिंह जमरा ने मामले में कॉल रिसीव नहीं किया।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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