जिले के तीनों खंडों में शुरु हुआ अफीम काश्तकारों को पट्टे देने का काम

जिले के तीनों खंडों में शुरु हुआ अफीम काश्तकारों को पट्टे देने का काम
जिले के तीनों खंडों में शुरु हुआ अफीम काश्तकारों को पट्टे देने का काम

Nilesh Trivedi | Publish: Oct, 11 2019 11:40:25 AM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

जिले के तीनों खंडों में शुरु हुआ अफीम काश्तकारों को पट्टे देने का काम

मंदसौर.
नई अफीम नीति जारी होने के बाद नए सीजन के लिए अफीम काश्तकारो को पट्टे जारी करने का काम गुरुवार से शुरु हो गया। जिले के तीनों खंडों में एक साथ गुरुवार से पट्टे जारी करने का काम शुरु हुआ जो २५ अक्टूबर तक चलेगा।

इस अवधि में पिछले साल के जो पट्टे यथावत है, उन्हें भी जारी करेेंगे और पिछले सालों में काटे गए पट्टे जो इस बार फिर से जारी किए गए, उन्हें भी जारी किए जाएंगे। अफीम काश्तकार अपने दस्तावेज लेकर अफीम की खेती करने के लिए पट्टे लेने के लिए यहां पहुंच रहे है। किसानों के लिए अफीम कार्यालय में टेंट लगाने के साथ अन्य तमाम इंतजाम व अफीम की खेती से जुड़ी सूचनाओं के साथ यहां लगाने के अलावा परिसर में सीसीटीवी कैमरें भी लगाए गए है।


सीसीटीवी कैमरें की निगरानी में दिए जा रहे पट्टें
अफीम केंद्र पर तीनों ही खंडों में किसानों के लिए अलग-अलग इंतजाम किए गए है। इसमें टेंट लगाकर समस्त सूचनाओं के साथ यहां पर सीसीटीवी कैमरें भी लगाए गए है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में यहां किसानों को अफीम के पट्टे दिए जाने की शुरुआत की गई। गुरुवार को सुबह ८ बजे से ही इसकी शुरुआत होना थी। अफीम के पट्टे लेने के लिए किसानों का पहुंचने का दौर भी शुरु हो गया। कोई मुखिया के साथ तो कोई सीधे यहां पहुंच रहा है।


4.5 मार्फिन को आधार मानकर दिए जाएंगे पट्टें
१ अक्टूबर से लेकर ३० सितंबर २०२० तक के लिए लागू की गई नई अफीम नीति में अफीम काश्तकारों को पट्टे अब औसत पर नहीं बल्कि मार्फिन पर दिए जा रहे है। जिन किसानों के मार्फिन औसत 4.5 तक था वे भी अब पट्टे की पात्रता में शामिल हो जाएंगे। ४.५ मार्फिन औसत तक के किसानों को पट्टें दिए जाएंगे। उन किसानों को भी 6 आरी के पट्टे की पात्रता होगी। वहीं जिन किसानों द्वारा 5.4 मार्फिन की औसत दी गई थी वे अब 10 आरी बोवनी के पात्र रहेंगे। वहीं मार्फिन प्रतिशत 5.9 से अधिक अधिक उपज वाले किसानों को 12 आरी की पात्रता होगी। साथ ही जिन किसानों ने 2017-18 व 18-19 के दौरान अफीम फसल नहीं होने के कारण जो पट्टें कटे थे, उनकी पांच सालों की औसत देखकर उन्हें पट्टें जारी किए जाएंगे।


इस बार कटे, लेकिन पूर्व के बहाल पट्टो के कारण संख्या में ज्यादा अंतर नही
जिले में अफीम के तीन खंड है। प्रथम खंड में ५६०० पट्टें करीब १५८ गांवों में पिछली बार थे। इसमें नई नीति के तहत करीब १ हजार पट़्टे कटे। और पूर्व में कटे पट्टे जो इस बार बहाल हुए वह करीब ६५० है। इस तरह प्रथम खंड में ५ हजार २५० किसानों को पट्टे इस बार दिए जा रहे है। वहीं तो खंड दो में ५८३८ पट्टें करीब १३० गांवों में थे। इसमें भी करीब ७५० पट्टें कटेंगे तो पूर्व में काटे गए पट्टे बहाल हुए है वह भी दिए जा रहे है। तृतीय खंड में भी ७५४ पट्टें कटें। पिछले साल तीसरे खंड़ें ४ हजार ६०१ पट्टें थे। इसमें से ७५४ कटे और ७१४ इस बार बहाल कर दिए जा रहे है। इस तरह इस बार तीनों खंडो में पट्टे कटे भी है, लेकिन पूर्व के पट्टे बहाल भी हुए है। ऐसे में अफीम के पट्टेधारी किसानों की संख्या में ज्यादा अंतर नहीं हुआ है। जितने कटे हुए ,उससे कम ही सही लेकिन पूर्व के बहाल हो गए है। इन्हें २५ अक्टूबर तक पट्टे अफीम की खेती करने के लिए जारी किए जाएंगे।

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