MP के मंदसौर में हिंसा, सीआरपीएफ की फायरिंग में 4 किसानों की मौत, 5 घायल

किसान आंदोलन के पांचवें दिन मंगलवार को भी हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाएं हैं। मंदसौर के दलौदा में सुबह से हिंसा भड़क उठी हैं। नीमच-रतलाम हाईवे पर सैंकड़ों किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


मंदसौर/भोपाल। किसान आंदोलन के पांचवें दिन मंगलवार को भी हालात पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो पाए हैं। मंदसौर के दलौदा में सुबह से हिंसा भड़क उठी। सीआरपीएफ की फायरिंग में 4 किसानों की मौत हो गई, जबकि 5 किसान घायल हैं। इधर भोपाल से खबर है कि किसानों की मौत के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक बुलाई है। इस पर किसानों के मुद्दे पर बड़ा फैसला हो सकता है।

नीमच-रतलाम हाईवे पर सैंकड़ों किसान विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस पर पथराव की घटनाएं भी हो रही हैं। वहीं, दलौदा मुख्य चौराहा पर पुलिस ने अश्रु गैस के गोले दागे और बल प्रयोग भी किया हैं। भारी संख्या में पुलिस बल दलौदा सहित हाईवे पर तैनात कर दिया गया हैं। विरोध व पथराव के कारण हाईवे पर वाहनों का जाम लगा हुआ हैं। वहीं, पिपलियामंडी में फिर से किसान सड़कों पर उतर आए हैं। मंदसौर शहर में शांति है, लेकिन बाजार की दुकानें बंद हैं। नीमच में किसान गांधीवाटिका पर एकत्रित होकर आगे की रणनीति बना रहे हैं। सुबह से शहर थाना पर दो बार किसानों ने विरोध किया।

पिपलियामंडी में फायरिंग, 4 की मौत
पिपलियामंडी में पुलिस की फायरिंग में 4 किसानों की मौत की सूचना है। मृतक कन्हैयालाल और सुरेन्द्र का शव मंदसौर जिला अस्पताल लाया गया है। एक अन्य किसान को भी गोली लगी है और वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। आक्रोशित किसानों ने पुलिस थाना घेर रखा है और उसे आग लगाने का भी प्रयास किया। सड़क पर खड़े 6 वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। सीआरपीएफ और पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है और किसानों ने उन पर भी पथराव किया। इसके साथ ही कई दोपहिया वाहनों में तोडफ़ोड़ की। हालात नियंत्रण से बाहर होते देख मंदसौर सहित आसपास के क्षेत्र में तैनात बल को भी पिपलियामंडी की ओर रवाना कर दिया गया है। दलौदा में फिलहाल स्थिति काबू में बताई जाती है।

मंदसौर अस्पताल में लाठीचार्ज
मंदसौर के शासकीय अस्पताल में पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। यह लोग पिपलियामंडी के मृतक किसानों का शव अस्पताल लेकर आए थे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में आंदोलन समर्थक अस्पताल पहुंच गए थे। भीड़ बड़ती देख पुलिस प्रशासन ने वहां आने-जाने वालों पर रोक लगा दी, इस पर लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा। इसके बाद ही प्रशासन ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान कई पत्रकार भी पुलिस की बर्बरता का शिकार हुए हैं।

माहौल को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद
मालवांचल में किसान आंदोलन उग्र होने के बाद सरकार ने इंटरनेट और संचार सुविधाएं अघोषित रोक लगा दी गई है। मंदसौर और नीमच में सोमवार रात से ही इंटरनेट सुविधा बंद कर दी गई थी। निजी प्रोवाइडर कंपनियों के इंटरनेट भी बंद हैं। हालांकि पुलिस और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।


Violence in mandsaur


नीमच में उपद्रव, 40 बाइक जब्त, दलौदा में लाठीचार्ज
नीमच में किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे लोग मंगलवार की दोपहर सड़क पर उतर आए हैं। रैली के तौर पर निकले किसानों को पुलिस ने रोका और करीब 40 बाइक जब्त कर ली हैं। किसान इसके विरोध में पुलिस पर पथराव करने लगे हैं, हालांकि फोर्स ने हालात संभाल रखें है।


नीमच में पूरा बाजार बंद
पुलिस बल की मौजूदगी में नीमच का बाजार बंद है और वाहनों की आवाजाही बाधित हो रही हैं। इंटरनेट सुविधा पर अघोषित रोक लगी हुई हैं, संचार व्यवस्था बाधित पड़ी हैं। जावरा में किसानों की बैठक चल रही है, सब्जी मंडी में विरोध हो रहा हैं। रतलाम शहर में शांति हैं, लेकिन इंटरनेट सुविधा बंद है और पुलिस अंचल में आंदोलन समर्थकों को तलाश रही हैं। रतलाम शहर के बाजार खुले है और आज सब्जी मंडी में आंशिक कारोबार होने लगा है, हालांकि आंदोलन चल रहा हैं, विरोध शांत हुआ है।


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Manish Gite
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