आजाद की प्रतिमा का पूजन कर आरक्षण के विरोध में सडक़ पर सपाक्स

आजाद की प्रतिमा का पूजन कर आरक्षण के विरोध में सडक़ पर सपाक्स

harinath dwivedi | Publish: Sep, 03 2018 02:32:26 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

आजाद की प्रतिमा का पूजन कर आरक्षण के विरोध में सडक़ पर सपाक्स


मंदसौर.
पदोन्नति में आरक्षण से लेकर आरक्षण की व्यवस्था के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन करने के विरोध में सपाक्स भी सोमवार को सडक़ो पर उतरी। जिले भर से एकत्रित हुए लोगों के बीच सम्राट मार्केट में चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा की पूजन के बाद महारैली शुरु हुई। इसमें करीब 8 किमी पैदल शहर नापते हुए सभी लोग गांधी चौराहा पर पहुंचे वहां रैली हुई। इसमें मंदसौर के पूर्व कलेक्टर व सपाक्स समाज के प्रांतीय संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी सहित अन्य ने संबोधित किया।
सपाक्स के प्रांतीय संरक्षक त्रिवेदी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने हमारी बात कभी नहीं की। जब पदोन्नति में आरक्षण की बात थी तो विधानसभा में कोई नहीं बोला और जब एट्रोसिटी की बात आई तो लोकसभा में कोई सांसद नहीं बोला। ऐसे में अब सपाक्स राजनीति में जाएगा और चुनाव में प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों पर सपाक्स समाज चुनाव लड़ेगा। इसके लिए सपाक्स ने चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टी के पंजीयन के लिए आवेदन भी दे दिया है। अन्य संगठन जो सपाक्स से समर्थन रखते है। वह भी जुड़ते है तो उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा। 6 सितबंर को भारत बंद को लेकर सपाक्स का नैतिक समर्थन है।
पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सपाक्स अधिकारी व कर्मचारी संघ लड़ाई लड़ रहा है, लेकिन अब इसे विस्तार देते हुए सपाक्स समाज बनाया है। इसमें सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक शामिल है। त्रिवेदी ने कहा कि 68 साल से आरक्षण चला आ रहे है। इसमें सुधार की मांग कर रहे है। इसी को लेकर आमजनता में आक्रोश है। एट्रोसिटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाईन को दरकिनार कर इसमें संशोधन किया है। अग्रिन जमानत के प्रावधान को प्रतिबंधित कर दिया है। जो अनुचित है। पहले काला कानून बना था। इसका वीर सावरकर ने विरोध किया था। सावरकर को मानने वाली पार्टी ने एट्रोसिटी के नाम पर उससे भी गंभीर काला कानून बना दिया है। समाज में आक्रोश है। इसी कारण विरोध कर रहा है। जो जायज है। समाज को गुस्सा प्रकट करने का हक है।

Ad Block is Banned