डॉक्टरों पर काम का भार, अधिकारियों को नहीं सरोकार

डॉक्टरों पर काम का भार, अधिकारियों को नहीं सरोकार

By: Nilesh Trivedi

Updated: 04 Apr 2019, 09:30 PM IST


मंदसौर.
जिला अस्पताल में कई डॉक्टरों नौकरी छोडऩे और कुछ डॉक्टरों के ज्वाइन नहीं करने के बाद अब डॉक्टरों पर काम को बोझ बढ़ गया है। सबसे अधिक समस्या इमरजेंसी वार्ड में है। यहां पर डॉक्टरों को कार्य का समय बढ़ा दिया गया है। ऐसे में डॉक्टरों पर काम का बोझ अधिक हो गया है।

वही जिला स्वास्थ्य समिति ने अभी तक ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों का अभी तक अटैचमेंट नहीं किया है। आने वाले माह में दो ओर डॉक्टरों के नौकरी छोडऩे की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में और भी अधिक काम का भार आने वाले दिनों में बढ़ेगा। डॉक्टरों के ग्रामीण क्षेत्र से जिला अस्पताल में अटैचमेंट को लेकर कलेक्टर धनराजू एस ने कहा कि मैं इस मामले को दिखवाता हूं।


बढ़ाईनाइट शिफ्ट का काम
प्रभारी आरएमओ डॉवैभव जैन ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के कारण वर्तमान में डॉ सुनिल कुमावत, डॉ कुशलराज और डॉ ए जैन और मैं इमरजेंसी वार्ड में जहां पहले पांच दिन नाइट डयूटी करते थे। अब वह बढ़ाकर सात से आठ कर दी गईहै। उन्होंने बताया कि डॉ कपिल शर्मा भी अवकाश पर गए है।ऐसे में कमी ओर बढ़ गईहै।


दो बार लिख चुका अस्पताल प्रबंधन
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार कुछ माह पूर्व तत्कालीन कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव को जिला अस्पताल के प्रबंधन के द्वारा डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए पत्र भी लिखा जा चुका है।

लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं की गई। वर्तमान में जिला अस्पताल में बढ़ती डॉक्टरों की कमी के बाद बताया जा रहा है कि फिर से अस्पताल प्रबंधन जिला स्वास्थ्य के अध्यक्ष एवं कलेक्टर को पत्र लिखेगें। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की माने तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर पदस्थ डॉक्टरों की दो-दो दिन के अटैचमेंट से ही डॉक्टरों की कमी कुछ हद दूर हो सकती है।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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