कंाग्रेस में चुनाव समिति घोषित होने के बाद इस्तीफों की झड़ी,संकट में कमलनाथ

जिले की गुटबाजी फिर आई सामने, मीनाक्षी नटराजन गुट से गुर्जर तो सिंधिया

By: harinath dwivedi

Updated: 23 May 2018, 03:39 PM IST

मंदसौर.
विधानसभा चुनाव के लिए कंाग्रेस की प्रदेश कार्य समिति मेंं बागियों को जगह देने से पुराने कांग्रेसी नेताओं का विरोध मुखर हो गया है। पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लडऩे के आरोप में निष्काषित हुए पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गौतम को प्रदेश की समन्वय समिति में स्थान मिलने पर संसदीय क्षेत्र के कई नेताओं ने अपने इस्तीफे प्रदेशअध्यक्ष कमलनाथ को भेजे है। मंगलवार को तीन इस्तीफे से विरोध शुरु हुआ जो बुधवार को बढ़कर २५ से अधिक के आंकड़े तक पहुंच गया है। संभावनाएं जताई जा रही है कि इन इस्तीफों का आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। वहीं सोश्यल मीडिया पर भी पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन के इस्तीफे की अफवाह दिनभर चलती रही।
इन्होंने दिया अभी तक इस्तीफें
जिला उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह गुर्जर, महिला कंागे्रस अध्यक्ष बबीता ङ्क्षसह तोमर, जिला कांगे्रस महामंत्री राघवेंद्र ङ्क्षसह तोमर, मल्हारगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष कमलेश पटेल, अनूसूचित जाति के प्रदेश संयोजक श्यामलाल जोकचंद्र ने भेजे है। वहीं ब्लॉक कंाग्रेस कमेटी मंदसौर के अध्यक्ष मोहम्मद यूनूस मेव, शक्तिदान सिंह आठ पदाधिकारियों के भी इस्तीफे देने की सूचना है। वहीं जावरा से मीनाक्षी नटराजन के समर्थक माने जाने वाले यूसूफ कड़पा और नीमच में बड़ी संख्या में मीनाक्षी नटराजन समर्थकों ने अपने इस्तीफे दिए है।
जिलाउपाध्यक्ष महेंद्र गुर्जर ने इस्तीफे में लिखा कि लोकसभा चुनाव वर्ष 2009 में मन्दसौर संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस की अधीकृत प्रत्याक्षी मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लडऩे पर कांग्रेस से निष्कासित एवं विधानसभा चुनाव 2013 में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ प्रचार करने वाले राजेन्द्र सिंह गौतम को मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी में समन्वय समिति में सदस्य बनाए जाने की जानकारी मिली। गुर्जर ने बताया कि राजेन्द्र सिंह गौतम पिछले कई वर्षों से कांग्रेस को कमजोर करने का कार्य करते आ रहे है तथा पिछले कई वर्षों से उनका इतिहास रहा कि नगरपालिका चुनाव, जिला पंचायत चुनाव, मंडी कमेटी के चुनाव, विधानसभा, लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के खिलाफ कार्य करते रहे है। गौतम ने हमेशा विभाजन की राजनीति की है। कांग्रेस की राजनीति में उन्होनें कभी भी समन्वय की भूमिका का निर्वहन नहीं किया। पिछले वर्षों में उनके आचरण एवं व्यवहार में कोई सुधार नहीं होने तथा अनेक अवसरों पर कांग्रेस की सार्वजनिक रूप से खि़लाफ़त कर भाजपा को लाभ पहुंचाने का कार्य करते आ रहे है। ऐसे पार्टी से निष्कासित व्यक्ति को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की समन्वय समिति में सदस्य बनाये जाने का विरोध करते हुए अपने पद से त्यागपत्र दे रहा हूं। और निष्कासित व्यक्ति को तत्काल समन्वय समिति से मुक्त करने की कृपा करें।
गुर्जर मीनाक्षी नटराजन तो गौतम ङ्क्षसधिया गुट से
जिला उपाध्यक्ष महेंद्र गुर्जर २००८ और २००३ में विधानसभा के कंाग्रेस प्रत्याशी रहे है। गुर्जर पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन के खेमे से आते है। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गौतम सिंधिया गुट से है। गौतम को पूर्व मंत्री महेंद्र ङ्क्षसह कालूखेड़ा २७ मई दिसबंर को कांगे्रस की मेंबरशीप दिलवाई थी। तब भी काफी हंगामा हुआ था।

 

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