परीक्षा की चिंता सताए तो हेल्पलाइन नंबर है ना

हेल्पलाइन नंबर है नाÓ

By: harinath dwivedi

Published: 26 Jan 2018, 12:15 AM IST

मंदसौर.
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने बोर्ड परीक्षाओं को मध्यनजर हेल्पलाइन नंबर जारी किए है। और शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे हेल्पलाइन नंबर का प्रचार प्रसार करें। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल अध्यक्ष ने आदेश भी जारी कर दिए है। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष जिले में एक छात्रा को कम नंबर आने पर उसने आत्महत्या का प्रयास किया था।
जिला शिक्षा अधिकारी आरएल कारपेंटर ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं हायरसेंकडरी स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को परीक्षा के पूर्व, परीक्षा के समय, परीक्षा के बाद होने वाले मानसिक तनाव, अकादमिक समस्याओं तथा अन्य प्रकार की व्यक्तिगत एवं मनोवैज्ञानिक समस्याओं के निदान एवं परीक्षा परिणाम घोषित होने के पूर्व और बाद में विद्यार्थियों की मनोदशा के अनुरुप उनके मार्गदर्शन के लिए हेल्पलाइन सेवा आयोजित की है।
अवकाश के दिनों में रहेगी चालू
उन्होंने बताया कि यह सेवा अवकाश के दिनों में भी संचालित की जाएगी। इसका समय सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक रहेगा। प्र्रत्येक शाला के नोटिस बोर्ड पर हेल्पलाइन नंबर चस्पा किया जा रहा है।
हेल्पलाइ नंबर
दूरभाष-०७५५-२५७०२४८,२५७०२५८
टोल फ्री नंबर-१८००२३३१७५

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पत्नी की हत्या के प्रयास में पति को १० वर्ष का सश्रम कारावास व ५ हजार रूपए का अर्थदंड
मंदसौर.
चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश एके मंसुरी ने पत्नी की हत्या करने के प्रयास में पति को १० वर्ष का सश्रम कारावास एवं पांच हजार रूपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
लोक अभियोजक प्रफुल्ल यजुर्वेदी ने बताया कि 05 जनवरी २०१७ को पत्नी शबनम के साथ पति हेमंत माली ने मारपीट कर हत्या करने का प्रयास किया। मामले में पति हेमंत के खिलाफ नईआबादी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण में अभियोजन की ओर से साक्षी जेनब व उसकी माँ सीमा सहित मेवाड़ अस्पताल उदयपुर के चिकित्सक व पुलिस अधिकारियों के कथन न्यायालय में करवाए। शबनम को स्ट्रेचर पर न्यायालय में प्रस्तुत किया। जिसमें चिकित्सक साक्षी द्वारा यह कथन किया गया कि शबनम के स्वास्थ्य में अब सुधार होने की कोई संभावना नहीं है तथा वह मरणासन्न ही है। न्यायालय ने आरोपी पति को १० वर्ष का सश्रम कारावास और पांच हजार रूपए अर्थदंड से दंडित किया।

 


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harinath dwivedi Editorial Incharge
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