सूर्य होंगे नए वर्ष के राजा, शनि को मिला मंत्री का पद

- साल भर बनी रहेगी उठापटक, सूर्य के प्रभाव से संभलेगी स्थितियां

By: harinath dwivedi

Updated: 13 Mar 2018, 10:37 PM IST

मंदसौर । भारतीय वैदिक पंचांग के अनुसार नव संवत्सर इस बार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 18 मार्च से हो रहा है। मां शक्ति की उपासना के साथ लोग नववर्ष का स्वागत करेंगे। पंचांग के अनुसार इस बार ग्रहों के बंटवारे में राजा का पद सूर्य देव को मिला है। वहीं शनि को मंत्री पद प्राप्त हुआ है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य और शनि में परस्पर वैचारिक मतभेद है। इसलिए राजनीतिक दलों में वैचारिक मतभेद उभरकर सामने आ सकते हैं। हालांकि सूर्य के प्रभाव से स्थितियां संभल जाएंगी। नव संवत्सर को विरोधकृत नाम संवत्सर के नाम से जाना जाएगा।
सूर्य और शनि के बीच वैचारिक मतभेद से दिखेगा विरोध
ज्योतिषाचार्य के अनुसार नया संवत् 2075 का प्रारंभ 17 मार्च को शाम 6 बजकर 13 मिनिट पर कन्या लग्न में हो रहा है। किंतु वर्ष प्रतिपदा सूर्योदय काल में रविवार 18 मार्च से प्रारंभ होगी, इसलिए नव संवत्सर का प्रारंभ रविवार 18 मार्च से माना जाएगा। चूंकि राजा सूर्य और मंत्री शनि के बीच वैचारिक मतभेद हैं, इसलिए देश की राजनीति में परस्पर विरोध देखने को मिलेगा। ज्योतिषाचार्य पंडित देवेंद्र शर्माके अनुसार जल लग्न के विचार से लग्नेश बुध दशम भाव में नीचस्थ है और शनि की दशम दृष्टि में है, इसलिए स्थानीय वैचारिक मतभेद के बावजूद पूरी दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ब्रह्मा, विष्णु एवं रुद्र विंशतिका के अंतर्गत 20-20 संवत्सर आते हैं और कुल 6 0 संवत्सर होते हैं।
मेघेश शुक्र एवं धनेश होंगे चंद्रदेव
ज्योतिषाचार्य के अनुसार साल 2018 के संवत्सर 2075 के मंत्री मंडल में राजा सूर्यदेव, मंत्री शनिदेव, मेघेश शुक्र एवं धनेश चंद्रदेव होंगे। विरोधकृत, रुद्र विंशतिका का 5वां संवत्सर है, जिसके स्वामी चंद्र हैं। विरोधकृत संवत्सर में सबसे ज्यादा कृषि क्षेत्र को हानि होने की आशंका है। इस साल उत्पादन में भारी कमी हो सकती है। आतंकी हमलों में वृद्धि की आशंका प्रबल हो रही है। साथ ही वर्षा में कमी, सूखा, सत्तापक्ष को मानसिक परेशानी हो सकती है। इसके अलावा अनाज महंगा होगा तथा दूध एवं फलों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी होगी। विरोधकृत संवत्सर में एक चंद्रग्रहण भारत में दिखाई देगा। ये ग्रहण आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा दिन शुक्रवार 27 जुलाई को होगा। यह खग्रास चंद्रग्रहण पूरे देश में दिखाई देगा एवं मान्य होगा।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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