एक साल बाद में ट्रामा सेंटर का वर्क आर्डर और टेंडर नहीं हुआ

एक साल बाद में ट्रामा सेंटर का वर्क आर्डर और टेंडर नहीं हुआ

 

By: Nilesh Trivedi

Published: 10 Apr 2019, 01:03 PM IST

मंदसौर.
जिले में साल दर साल सडक़ हादसों के मामले बढ़ते जा रहे है। लेकि न इन सडक़ हादसों में गंभीर घायलों का उपचार जिला अस्पताल में हो सके। इसके लिए अधिकारियों की कमजोर इच्छाशक्ति आड़े आ रही है। यही कारण है कि अभी तक ट्रामा सेंटर को लेकर वर्क आर्डर और टेंडर प्रक्रिया नहीं हो पाई है। ट्रामा सेंटर कब और कैसे बनेगा इसको लेकर संबंधित अधिकारियों से पूछा तो उनको इस बात की भी जानकारी नहीं है कि राज्यस्तर पर मामला कहां पर रूका हुआ है।


मेटरनिटी विंग में बनेगा ट्रामा सेंटर
जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मेटरनिटी विंग के कुछ हिस्से को तेाडक़र वहां पर ट्रामा सेंटर बनाया जाएगा। और स्मृति वन में मेटरनिटी विंग बनाईजाएगी। इसके लिए अधिकारियों ने जगह चिह्ंित की पीआईयू के अधिकारियों को दे दी थी।उसके बाद यहां पर ट्रामा सेंटर और मेटरनिटी विंग के निर्माण को लेकर पीआईयू के द्वारा आगे की कार्यकिया गया। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी अभी तक डीपीआर तय नहंी हो पाईहै। उल्लेखनीय है कि तीन साल पहले ट्रामा सेंटर के लिए दी गई राशि काम नहीं होने के कारण लेप्स हो गईथी।


साल दर साल बढ़ रही दुर्घटनाएं
मिली जानकारी के अनुसार सन् २०१७ में जिले में कुल ४९६ सडक़ हादसें हुए। उनमें ५६४ घायल हुए। और १४५ की मौत हुई। सन् २०१८ में घायलों से लेकर मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई। इस साल कुल ५७१ सडक़ हादसें हुए। और इसमें घायल होने वालों की संख्या ६४० तक जा पहुंची। इन हादसों में मरने वाली की संख्या १६५ तक हो गई। सन् २०१९ में मार्च तक १४९ सडक़ दुर्घटनाएं हुईहै। जिनमें ४३ लोगों की मौत हो चुकी है और १४४ लोग घायल हो चुके है।


कई घायल तोड़ देते रास्ते में दम
सडक़ हादसों में गंभीर घायलों को हायरसेंटर रैफर कर दिया जाता है। इन घायलों में से कई घायलों की मौत रास्ते में रैफर के दौरान ही हो जाती है। ऐसे में जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर खुलने से इन घायलों को तत्काल उपचार की सुविधा मिलेगी। हर माह बड़ी संख्या में घायलों को हायरसेंटर रैफर किया जाता है।


इनका कहना....
११ अप्रैल को भोपाल जा रहा हूं। वहां पर ट्रामा सेंटर को लेकर फाइल पर कहां तक कार्य हुआ है। इसको लेकर पूरी जानकारी ली जाएगी।
डॉ अधीर मिश्रा, सिविल सर्जन जिला अस्पताल।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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