किसानों ने किया हंगामा तो व्यापारियों ने केवल मंडी में रखी उपज की निलामी की

किसानों ने  किया हंगामा तो व्यापारियों ने केवल मंडी में रखी उपज की निलामी की

Vikas Tiwari | Updated: 04 Jul 2019, 03:45:32 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

किसानों ने किया हंगामा तो व्यापारियों ने केवल मंडी में रखी उपज की निलामी की

मंदसौर.
शहर के महू-नीमच रोड पर स्थित कृषि उपज मंडी में बुधवार सुबह ११ बजे मंडी के बाहर वाहनों की लाइन लगाकर खड़े किसान उपज निलामी को लेकर आक्रोशित हो गए। बाहर खड़े किसानों ने पहले मंडी के मुख्य गेट पर जमकर नारेबाजी की। फिर वे मंडी कार्यालय तक पहुंच गए। इस दौरान पुलिस बल भी तैनात था। प्रदर्शन कर रहे किसानों के पास मंडी सचिव ओपी शर्मा पहुंचे। यहां पर किसानों ने मंडी सचिव शर्मा को कहा कि हमारी उपज की भी निलामी की जाए। लेकिन मंडी सचिव ने इसके लिए मना कर दिया। लेकिन किसान नहीं माने। तो मंडी सचिव ने हाथ जोड़ कर कहा कि इस मामले में मैं आपकी कुछ मदद नहीं कर सकता हूं। नीमच मंडी में निलामी हो रही है। आप वहां पर जाकर उपज बेच सकते है। व्यापारियों की हड़ताल चल रही है। इसके बाद किसान मायूस होकर लौट गए।
ताल के किसान दिलीप आंजना ने कहा कि दो दिन पहले उपज लेकर ताल से आया था। दो दिन हो गए लाइन में लगे-लगे। और कहा जा रहा है कि उपज नहीं तौली जाएगी। जो लाइन में लगे है उनकी उपज की तो निलामी करना चाहिए। धार के किसान हीरालाल ने कहा कि चार दिन हो गए है। वाहन में उपज भरी हुई है और हमें बोल दिया कि उपज लेकर नीमच चले जाओ। हमारी निलामी मंदसौर मंडी में होना चाहिए। लेकिन मना कर दिया गया। आलोट के किसान गोवर्धन और उन्हेल के किसान संतोष पाटीदार का कहना कि तीन से चार दिन से लाइन में लगे है और हमारी उपज नहीं ली जा रही है।
एक से पांच बजे तक निलामी का कार्य
कृषि उपज मंडी में गत दिवस किसानों के द्वारा करीब ढाई घंटे तक उपज की िनलामी बुधवार को करवाने को लेकर हंगामा किया गया था। उसके बाद व्यापारियों द्वारा एक से पांच बजे तक निलामी कार्य करने के लिए मंडी सचिव को कहा था। जिसके तहत बुधवार को उन्ही किसानों की उपज की निलामी की गई। जिनकी उपज अंदर रखी हुई थी। इस दौरान बाहर लाइन में लगे किसानों के वाहनों को अंदर नहीं आने दिया। मंडी में व्यापारियोंं की हड़ताल के कारण सुनी रही।
पांच लाख रूपए के राजस्व का हुआ नुकसान
कृषि उपज मंंडी में प्रतिदिन ३० से ४० हजार बोरी उपज खरीदी जाती है। जिसकी मूल्य करीब पांच से छह करोड़ रूपए का होता है। इसका राजस्व प्रतिदिन छह से सात लाख रूपए होता है। ई-अनुज्ञा को लेकर व्यापारी की हड़ताल के दौरान बुधवार को किसानों के हंगामें के बाद केवल चार घंटे हुई निलामी में केवल चार से पांच हजार बोरी उपज खरीदी गई। मंडी व्यापारियों की हड़ताल के कारण करीब चार से पांच लाख रूपए के राजस्व का नुकसान कृषि उपज मंडी को हुआ है।
दशपुर मंडी व्यापारी संघ अध्यक्ष राजेंद्र नाहर ने कहा कि ई-अनुज्ञा को लेकर निलामी कार्य मंडी में बंद है। गुरुवार को इसको लेकर आवश्यक बैठक रखी गई है। जिसमें आगे मंडी में निलामी कार्य बंद रहेगा या चालू होगा। इसको लेकर निर्णय होगा। बुधवार को करीब चार से पांच लाख रूपए के राजस्व का नुकसान मंडी को हुआ है।

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