एमपी में पुलिसवाले ही 'लुटेरे', इनकम टैक्स अधिकारी बन बिजनेसमैन को लूटे, दो गिरफ्तार, SI फरार


इस मामले में फरार आरोपी एसआई गोपाल गुणावद की तलाश भी पुलिस ने शुरू कर दी है

मंदसौर/ मध्यप्रदेश में पुलिस की वर्दी में लुट की वारदात को अंजाम देने की कई घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन उन मामलों में फर्जी पुलिसवाले पकड़े जाते रहे हैं। लेकिन मंदसौर में तो असली पुलिसवाले ही लुटेरे निकले हैं। पुलिस की वर्दी पहने ये आरक्षक इनकम टैक्स अधिकारी बन एक व्यवसायी को लूटे हैं। अब तक ये संदिग्ध थे। लेकिन जांच के बाद मंदसौर पुलिस ने मंगलवार को तीन पुलिसवालों को व्यापारी से लूट के मामले में आरोपी बनाया है।

आरोपी बनाए गए लोगों में मंदसौर पुलिस के दो आरक्षक हैं और एक सब इंस्पेक्टर है। दोनों आरक्षकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, आरोपी एसआई अभी फरार है। दरअसल, सर्राफा व्यापारी उमराव सिंह मूणत से एक सौ ग्यारह ग्राम सोना इन तीनों पुलिसवाले ने लूटे थे। सर्राफा व्यापारी रतलाम का रहने वाला था। जो मंदसौर आया हुआ था।

एक दिन की रिमांड पर दोनों आरक्षक
मंगलवार को मंदसौर पुलिस ने अपने दोनों आरक्षकों को कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में पेश किया। जहां से दोनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के दौरान मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। और दोनों पुलिसकर्मी को एक-एक कर न्यायालय में ले गए। पुलिस अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ शुरू कर दी है।

फरार एसआई की तलाश शुरू
इस मामले में फरार आरोपी एसआई गोपाल गुणावद की तलाश भी पुलिस ने शुरू कर दी है। सीएसपी नरेंद्र सोलंकी ने बताया कि व्यापारी मूणत का अपहरण कर लूट के मामले में आरोपी आरक्षक धर्मेंद्र गुर्जर और गौरव सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। यहां से दोनों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। उन्होंने बताया कि रिमांड पर दौरान सोना बरामदगी और फरार आरोपी उपनिरीक्षक गोपाल गुणावद के बारे में पूछताछ की जा रही है।


जांच में सहयोग नहीं कर रहे आरोपी
आरोपी आरक्षक धर्मेंद्र गुर्जर और गौरव सिंह से पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। लेकिन दोनों ही आरोपित आरक्षक पुलिस को पूछताछ में सहयोग करने को तैयार नहीं हैं। पुलिस को आधी-अधूरी जानकारी दे रहे हैं। उपनिरीक्षक मनोज महाजन ने बताया कि आरोपी उपनिरीक्षक गोपाल गुणावद की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। टॉवर लोकेशन भी निकाली जा रही है। गुणावद की गिरफ्तारी के लिए काम किया जा रहा है।

खूब दिखाते थे रईसी
आरोपी गौरव सिंह की लाइफ स्टाइल हाईप्रोफाइल है। महंगे कपड़े और अच्छी कार का शौकीन है। वहीं उपनिरीक्षक गोपाल गुणावद की कार्यशैली मंदसौर में विवादों में रहते हुए आरोप भी लगे हैं। कोतवाली थाने पर गुणावद के कार्य करने के दौरान तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने कार्रवाई की थी। पुलिस अधीक्षक हितेश चौधरी ने बताया कि दोनों आरोपी आरक्षक पूरी तरह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे है। न्यायालय इसका संज्ञान लेगा। आरोपी उपनिरीक्षक की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

ये है मामला
दरअसल, रतलाम निवासी सर्राफा व्यापारी उमराव सिंह मूणत ने एसपी हितेश चौधरी को आवेदन दिया था। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा। आवेदन में बताया गुरुवार को रेलवे स्टेशन के बाहर भाटी भजिए वाले के पास से दो पुलिस वर्दी पहने युवक बाइक से आए और उसे बाइक पर बिठाकर ले गए। दोनों युवक पुलिस पेट्रोल पंप के पास ले गए। जहां उसे कार में बैठा दिया और वह दोनों युवक भी कार में बैठ गए। उसे बोला कि हम इनकम टैक्स ऑफिसर हैं और रामटेकरी कार्यालय चलना है। लेकिन तीनों उसे राम टेकरी नहीं ले जाकर सीधे दलोदा की ओर ले गए। जहां उसके पास से सोना लेकर दो पुलिस की वर्दी पहने युवकों ने ले लिया और दलोदा में उतर गए, उसके एक युवक गाड़ी से माननेखेड़ा की ओर ले गया। टोल से पहले आरोपी ने मोबाइल से सिम निकालकर बाहर फेंक दी और उसको उतार दिया।

Muneshwar Kumar
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned