२ माह में कार्रवाई तो १९ कर दी, लेकिन एक भी प्रकरण में मुख्य आरोपी नहीं पकड़ सकी पुलिस

- कई डोडाचुरा और अफीम तस्करी के मामलों में सीमाओं पर नहीं पैनी नजर

By: harinath dwivedi

Published: 13 Mar 2018, 01:11 PM IST

मंदसौर.
जनवरी और फरवरी माह में पिछले दो वर्षों के इन्ही महिनों में एनडीपीएस के दर्ज प्रकरणों की तुलना की जाए तो सामने आया कि इस वर्ष गत वर्षोंं की तुलना में तस्करी बढ़ी है। यह हम नहीं यह आंकड़े बंया कर रहे है। पुलिस न जनवरी से ११ मार्च तक १९ प्रकरण दर्ज किए है। जिसमें से १३ से अधिक प्रकरण जनवरी और फरवरी माह के है। इनमें से ज्यादा प्रकरणों में पुलिस केवल अफीम या डोडाचूरा ले जाने वाले यानि कोरियर को ही पकड़ा पाई है। मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है। पुलिस अधिकारी से जब इसके बारे में पूछा तो उन्हें मुख्य आरोपियों को भी पकडऩे की बात कही है। जनवरी से लेकर ११ मार्च तक जिले में १९ एनडीपीएस एक्ट के तहत अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज है।


२०१६ में पांच प्रकरण तो २०१८ में हुए १९
जानकारी के अनुसार वर्ष २०१६ में जिले के विभिन्न थानोंं में ५ एनडीपीएस के प्रकरण पंजीबद्ध हुए थे। इसमें पुलिस ने ३६० ग्राम स्मेक, २९ किलो डोडाचूरा व ३५ किलो कच्चे ढोढे पकड़े थे। वहीं २०१७ में यह प्रकरण बढ़े और पुलिस ने ७ प्रकरण अलग-अलग थानोंं में पंजीबद्ध किए। इसमें ३ किलो अफीम, ३२७.६०० किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया। वहीं २०१८ में जिले के विभिन्न थानों में १९ प्रकरण पंजीबद्ध हुए। जिसमें ६.१०० किलोग्राम अफीम, १.५०० ग्राम स्मेक, ११५१.२०० डोडाचूरा और ४५ किलो कच्चे ढोढे बरामद किए।


सीमाओं पर नहीं पैनी नजर
जिले से कई स्थानों से राजस्थान की सीमा लगती है। इन सीमाओं पर पुलिस की तैनाती की नहीं के बराबर होती है। वहीं कई कच्चे मार्ग इन राजस्थान में जाने के लिए है। जिन पर भी पुलिस की निगाहें कभी कभार ही पड़ती है। इनमें सीमाओं में सुवासरा थानाक्षेत्र से लगा हुआ चौमहला क्षेत्र, गरोठ क्षेत्र से लगा हुआ भवानी मंडी वाला क्षेत्र, भानपुरा से लगा झालावाड़ क्षेत्र, मंदसौर क्षेत्र की सीमा से लगा हुआ प्रतापगढ़ क्षेत्र है।


इनका कहना...
जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। और कार्रवाईयां भी हुई है। कार्रवाई केवल कोरियर तक सीमित नहीं है। मुख्य आरोपियों को भी पकड़ा जा रहा है। कुछ मामलों में मुख्य आरोपी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है।
- सुंदर ङ्क्षसह कनेश, एएसपी मंदसौर।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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