राजस्थान से प्रभावित होकर यहां आ रहे इस गंभीर बीमारी के मरीज

राजस्थान से प्रभावित होकर यहां आ रहे इस गंभीर बीमारी के मरीज

harinath dwivedi | Publish: Sep, 08 2018 03:08:29 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

राजस्थान से प्रभावित होकर यहां आ रहे इस गंभीर बीमारी के मरीज

मंदसौर.
जिले में स्क्रब टाइफस जैसे गंभीर बीमारी को स्वास्थ्य विभाग नियंत्रण करने में लगभग फेल हो चुका है। यही कारण है कि सीएमएचओ कार्यालय को शुक्रवार को जो रिपोर्ट मिली है उसमें ८ नए मरीजों को स्क्रब टाइफस पॉजिटिव निकला है। इसके बाद विभाग ने उन गांवों की निगरानी और सर्वे शुरु कर दिए है। जब सीएमएचओ डॉ महेश मालवीय से इसके बारे में पूछा तो उन्होंने बीमारी का ठिकरा राजस्थान पर ढोल दिया। उन्होंने कहा कि ज्यादातर प्रभावित लोग राजस्थान जाकर आए है। जहां पर इस बीमारी को मरीज निकल रहे है।


सीएमएचओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यह मरीज टिडवास, नौगांवा, बड़वन और आड़ी गांव से है। यहां पर विभाग द्वारा सर्वे करवाया गया है। वहीं जिन १२ मरीजों को टाइफस पॉजिटिव आया था। उनका स्वास्थ्य पहले से बेहतर विभाग बता रहा है। हांलाकि इस बीमारी पर नियंत्रण को लेकर अधिकारियों से जब पूछा गया तो पल्ला झाड़ लिया।


क्या है स्क्रप टाइपस
स्क्रप टाइफस एक बुखार है। यह जंगली घास में रहने वाले कीड़ों में पलने वाले पिस्सु की वजह से फैलता है। जहां पर मवेशियों को विचरण होता है। जो रिकेटसिया द्वारा उत्पन्न रोगों का समूह है। इस समूह में सू-सू गामोशी नामक कीटाणु के संक्रमण से यह बुखार होता है। इसकी जांच इंदौर या अन्य बड़े शहरों में होती है।


स्क्रप टाइफस के लक्षण
आईडीएसपी यूनिट से मिली जानकारी के अनुसार स्क्रप टाइफस बुखार के लक्षण सिरदर्द होना। सर्दी लगना, बुखार, शरीर में दर्द तथा पांचवे दिन के बीच शरीर पर लाल दाने निकलने जैसे लक्षण होते है। इसमें बुखार सात से लेकर १२ दिन तक रहता है। बेहोशी और ह्दय संबंधी समस्या सामने आती है। गहरे लाल रंग के ये दाने दो से लेकर पांच मिलीमीटर तक के होते है। यह रोग कम उम्र के लोगों के लिए खतरनाक नहीं होता है। लेकिन ४० वर्ष से ऊपर की आयु के पचास प्रतिशत रोगी एवं ६० वर्ष से ऊपर के मरीज के लिए यह बहुत खतरनाक होता है।


बुखार का उपाय बचाव
यह रोग ज्यादातर कीड़ों के माध्यम से फैलता है। इसलिए सबसे जरूरी है कि आस-पास झाडिय़ां और जंगली घास ना पनपे। घर के पास मवेशी बंधते है तो वहंा पर साफ सफाई रखे। मवेशियों का समय-समय पर पशु चिकित्सकों से परीक्षण करवाएं। कीड़ों को नष्ट करवाएं।


इनका कहना....
ज्यादातर मरीज राजस्थान में किसी ना किसी कार्यक्रम में गए थे। वहां से प्रभावित होकर आए है। आठ मरीजों को स्क्रब टाइफस पॉजिटिव आया है। सभी गांवों की निगरानी रखी जा रही है।
डॉ महेश मालवीय, सीएमएचओ।

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