वेस्टवेयर की ऊंचाई बढ़ाने से तालाब के समीप स्थित खेतों में घुसा पानी, फसलें हुई खराब

वेस्टवेयर की ऊंचाई बढ़ाने से तालाब के समीप स्थित खेतों में घुसा पानी, फसलें हुई खराब

harinath dwivedi | Publish: Sep, 11 2018 01:54:35 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

वेस्टवेयर की ऊंचाई बढ़ाने से तालाब के समीप स्थित खेतों में घुसा पानी, फसलें हुई खराब

मंदसौर.
भानपुरा झालावाड़ स्टेट हाईवे मार्ग पर ग्राम नीमथुर के समीप मत्स्य विभाग गांधीसागर का मत्स्य प्रजनन केंद्र स्थित है। इसके समीप मत्स्य विभाग का तालाब जिसमें मत्स्य प्रजनन केंद्र के लिए पानी का संग्रहण किया जाता है। इस तालाब के वेस्ट वेयर की ऊंचाई कुछ वर्ष पहले बढ़ा दिए जाने से तालाब क्षेत्र के पिछले हिस्से से पानी निकलकर तालाब की पाल के समीप स्थित खेतों में पानी भर जाने से खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई है। जिन खेतों में तालाब का पानी घुसा है वहां के प्रभावित किसानों का कहना है कि यह भूमि हमारे हक की है। जबकि मत्स्य विभाग के अधिकारी का कहना है की तालाब के आसपास की भूमि शासकीय है।


मक्का, ज्वार, मूंग आदि की फसलें हुई नष्ट
प्रभावित किसान फूलचंद पिता रतनलाल मीणा ने बताया कि मेरे खेत के साथ ही तालाब का पानी रघुसिंह मीणा व मदनसिंह के खेत में भी पानी घुस गया है इससे हमारे खेतों में खड़ी फसलें नष्ट हो गई है। यह कृषि भूमि हमारे हक की हैं। मत्स्य विभाग द्वारा कुछ वर्षों पूर्व तालाब की वेस्ट वेयर की ऊंचाई करीब 3 फीट बढ़ा दिए जाने एवं तालाब की पाल को पीछे की तरफ से ऊपर नहीं किए जाने से इस वर्ष अभी तक हुई जोरदार बारिश से तालाब लबालब होकर तालाब का पानी पिछले हिस्से से निकलकर हमारे खेतों में भर गया है इससे खेत में खड़ी मक्का, ज्वार, मूंग आदि की फसलें नष्ट हो गई है। खेतों में तालाब का पानी घुसने से फसलें नष्ट हो जाने से परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। मत्स्य विभाग हमारी नष्ट हुई फसलों का मुआवजा देवें एवं तालाब की पाल को ऊपर करवाएं जिससे तालाब का पानी हमारे खेतों में नहीं घुसे।


अतिक्रमण कर बोई गई है फसलें
इस संबंध में क्षेत्रीय प्रबंधक मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ गांधीसागर नेमसिंह यादव ने बताया कि ग्राम नीमथुर के समीप स्थित मत्स्य प्रजनन केंद्र के लिए जिस तालाब में पानी संग्रहण होता है वह वर्ष 1980 से विभाग के पास हैं। इस तालाब के आसपास की सभी भूमि शासकीय है जिन पर कुछ किसानों ने अतिक्रमण कर फसलें बोई हैं। तालाब के वेस्ट वेयर को वर्ष 2010 में करीब 3 फीट ऊंचा किया गया था। जिस भूमि पर तालाब का पानी भरा है, वह भूमि शासकीय हैं। पिछले वर्ष पानी की कमी के चलते मत्स्य बीज को जीवित रखने के लिए विभाग को करीब दो लाख रूपये का पानी खरीदना पड़ा।

किसान सेवा रथ 12 को आएगा मंदसौर
कृषि के क्षेत्र में मेंडिटेशन का प्रयोग फसलो पर किस प्रकार करें, इस जन जागृति को लाने के लिए प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा मंदसौर में 12 सितम्बर को रथ भेजा जाएगा। रथ का पूजन भारतमाता चौराहा पर प्रात: 9 बजे सभी सामाजिक संगठनो के प्रतिनिधि करेगें। ‘किसान सेवा रथ’ के साथ एक वाहन रैली नगर के प्रमुख मार्गो से होकर होकर नई कृषि उपज मंडी पहुंंचेगा। यहां पर सभा को संबोधित किया जाएगा। रथ 108 गांवों में भ्रमण करेगा। इस रथ के साथ खेती की दवाई गौमूत्र से कैसे बनाएं, सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ के 20 हजार पेंपलेटस का वितरण होगा। इस रथ का मुख्य उद्देश्य किसानों को व्यसन से मुक्त करना, अंधविश्वास एवं कुप्रथाओं का उन्मुलन, विध्वंसात्मक कार्यो में लगे युवाओं को सृजनात्मक कार्यो के लिए प्रेरित करना, नकारात्मक चिन्तन को समाप्त कर सकारात्मक चिन्तन के लिए प्रेरित करना। रथ के लिए पंतजली योग पीठ, गायत्री परिवार, भारत स्वाभिमान, दषपुर जागृति संगठन पूरे जिले में अपने केन्द्रो से प्रचार प्रसार के लिए सहयोग देगा।

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