भावांतर पंजीयन में अब बढ़ी किसानों की रुचि

भावांतर पंजीयन में अब बढ़ी किसानों की रुचि

harinath dwivedi | Publish: Sep, 11 2018 01:56:26 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

भावांतर पंजीयन में अब बढ़ी किसानों की रुचि

मंदसौर.
भावांतर पंजीयन के नियमों में हुए संशोधन के बाद जिले में किसान अब इसके पंजीयन के लिए अपनी रुचि दिखा रहे है। जिले में पंजीयन केंद्रों की संख्या बढऩे के साथ ही पंजीकृत किसानों की संख्या भी बढ़ी तो आगामी 20 सितबंर तक संख्या और बढऩे की संभावना जताई जा रही है। नवीन केंद्र खोलने के साथ ही विसंगतियों को दूर करने के बाद पंजीयन की गति ने रफ्तार पकड़ी है। जिले के 73 केंद्रों पर पंजीयन का काम लगातार जारी है।


20 तक हो सकेंगा पंजीयन
भावांतर भुगतान योजना में इस वर्ष पंजीयन का क्रम 20 सितबंर तक चलेगा। पंजीयन के लिए नए केंद्र खोलने के साथ 20 सितबंर अंतिम तिथि निर्धारित की है। गेहू समर्थन मूल्य पंजीयन के लिए जिले में ४१ केंद्र थे, लेकिन भावांतर के लिए केंद्र बढ़ाते हुए अब 73 कर दिए है। 73 केंद्रों पर अब तक 37133 कृषको ने अपनी-अपनी उपज को लेकर पंजीयन करवाया है। आगामी 10 दिनों में पंजीकृत किसानों की संख्या 45 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।


इन फसलों के लिए हुए पंजीयन
भावांतर में पंजीयन के दौर में सोयाबीन, मक्का, ज्वार, बाजरा, मुंगफली, अरहद सहित अन्य उपज का पंजीयन का दौर चल रहा है। वैसे धान व कपास के पंजीयन को भी इसमें पात्रता है, लेकिन जिले में इनकी पैदावार नहीं होने के कारण इसका पंजीयन नहीं हुआ है।


यह किया था बदलाव
भावांतर पंजीयन में किसानों को हो रही परेशानियों के कारण किसानों में आक्रोश बढ़ रहा था। १ सितबंर से इसमें संशोधन करते हुए नए निर्देश दिए। इसमें पंजीयन के लिए नवीन केंद्र खोलने की प्रक्रिया को सरल करते हुए अंतिम तिथि ११ से बढ़ाकर २० सितबंर की गई। समय सुबह ७ बजे से रात ९ बजे तक किया गया। किसानों द्वारा खसरा अथवा वन अधिकार पट्टे आदि दस्तावेजों में किसी एक की स्वप्रमाणित छायाप्रति मान्य की गई। अलग से राजस्व विभाग का प्रमाणीकरण की अनिवार्यता समाप्त की। तो पंजीयन के लिए भू-अधिकार ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता भी खत्म की गई थी। संयुक्त भूमि खाते की स्थिति में समस्त खाताधारियों के पंजीयन केंद्र पर उपस्थिति अथवा उनसे किसी प्रकार का सहमति प्रमाण-पत्र लिए जाने संबंधित मामले में भी स्पष्ट करते हुए किसी एक खाताधारक के आवेदन पर ही पंजीयन किया जाना सुनिश्चित किया था। इन विसंगतियों को दूर करने के बाद अब किसान भावांतर में पंजीयन के लिए रुचि दिखा रहे है।


37133 कृषकों के हुए पंजीयन
जिले में गेहूं के समर्थन मूल्य पंजीयन के 41 केंद्र थे। भावांतर के लिए 32 और बढ़ाए है। अब जिले में 73 पंजीयन केंद्र है। इन केंद्रों पर अब तक 37133 कृषको के भावांतर के लिए पंजीयन हो चुके है। धान व कपास की जिले में पैदावार नहंी होने के कारण इनके लिए पंजीयन नहीं हुए है। २० सितबंर तक पंजीयन का काम चलेगा।

-ज्योति जैन, जिला आपूर्ति अधिकारी

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