भूख हड़ताल शुरू, रेल बंद करने का निर्णय वापस

भूख हड़ताल शुरू, रेल बंद करने का निर्णय वापस

Mukesh Mahawar | Updated: 16 Jul 2019, 06:00:36 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

मंडल में 24 घंटे के लिए 100 से अधिक चालक ने भूखे रहकर चलाई ट्रेन

रतलाम. ऑल इंडिया लोको पायलट रनिंग एसोसिएशन के सदस्यों ने आगामी १७ जुलाई की प्रस्तावित रेल रोको हड़ताल फिलहाल वापस ले ली है। ये केंद्रीय समिति ने रेल मंत्रालय से चर्चा के बाद निर्णय लिया है। इन सब के बीच सोमवार सुबह ११ बजे से मंगलवार सुबह ११ बजे तक की भूख हड़ताल व भूखे रहकर ट्रेन चलाने का कार्य मंडल में १०० से अधिक चालक ने किया। सुबह संगठन के सदस्यों ने स्टेशन पर लॉबी के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन भी किया व अपनी मांग के समर्थन में नारेबाजी भी की।
बता दें कि रेलवे बोर्ड ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए थे कि जो कोई रेल रोके उसको गिरफ्तार कर लिया जाए। इसके लिए रेलवे अधिनियम 1981 की धारा 173,174 व 175 का हवाला देते हुए कार्रवाई करने को कहा गया था। इतना ही नहीं १५ व १६ जुलाई को अवकाश लेने वाले रेल चालकों के नाम भी मंगवाए गए थे। इसी बीच जब हड़ताल वापस लेने के लिए संगठन नहीं माना तो दिल्ली में केंद्रीय समिति के सदस्यों व पदाधिकारियों से मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा की। इसके बाद १७ जुलाई से होने वाली रेल रोको हड़ताल को फिलहाल वापस ले लिया गया है।

संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों व सदस्यों ने सोमवार सुबह ११ बजे से दोपहर 1 बजे तक स्टेशन पर लॉबी के बाहर अपनी मांग के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। सदस्यों का कहना था कि वे अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे है। लंबे समय से उनकी मांग को रेलवे ने लंबित रखा हुआ है। अब आर-पार की लड़ाई है। सोमवार को हुए लॉबी के बाहर खडे़ होकर मांग का समर्थन करने वाले कर्मचारियों में केंद्रीय उपाध्यक्ष जफरुल हसन, मंडल अध्यक्ष आलोक बंसल, मंडल सचिव जेके वर्मा, ब्रांच सचिव बत्तीलाल मीणा, सदस्य संजीवनी पीफी, जगदिश प्रसाद, प्रताप गिरी, प्रकाश परमार आदि उपस्थित थे।


इन मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन
रनिंग स्टाफ को किलोमीटर भता आरएसी 1980 के अनुसार दिया जाए।
2016 से पहले रिटायर रनिंग कर्मचारी की पेंशन की अनियमिता को दूर की जाए।
न्यू पेंशन योजना को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
रेलवे में विभिन्न सेवाओं को जो निजी हाथ में दिया है वो बंद हो।

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