प्रसूताओं को गंभीर बताकर डॉक्टर कर रहे रैफर

एक साल में २२ प्रसूताओं को बताया गंभीर और हुआ सामान्य प्रसव

By: harinath dwivedi

Published: 13 Jun 2018, 12:18 PM IST



मंदसौर.
जिले में प्रसुताओं को गंभीर बताकर हायर सेंटर पर रैफर किया जा रहा है। ऐसा हम नहीं यह 108 एंबूलेंस में हुए प्रसव के आंकड़े बंया कर रहे है। ऐसे एक या दो मामले नहीं बल्कि करीब एक साल में 22 मामले सामने आए है। इन सभी प्रसुताओं का 108 एंबूलेंस में मौजूदा स्टाफ ने सामान्य प्रसव क रवाया। जब इस बारे में अधिकारियों इस पूछा तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि दिखवाते है। आगे से ऐसा नहीं हो इसको लेकर नोटिस भी जारी कर देगें।


एक साल में 3 हजार 98 को किया रैफर
108 एंबूलेंस कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में पांच विकासखंड़ों में एक साल में तीन हजार 98 प्रसुताओं को गंभीर बताकर रैफर किया गया है। इसमें धुंधड़का 876, मल्हारगढ़ 274, मेलखेड़ा, ६०२, संधारा 299 और सीतामऊ में सबसे अधिक 1047 को रैफर किया गया है।
गंभीर बताकर किया रैफर, हुआ सामान्य प्रसव
केस- 1
20 अक्टूबर 2017 को सूरज बाई पति शंभुलाल उम्र ३० साल निवासी तालाखेड़ी को शामगढ़ अस्पताल में गंभीर बताकर जिला अस्पताल रैफर किया गया था। यहां पर 108 एंबूलेंस से रैफर जिला अस्पताल किया गया। महिला को प्रसव पीड़ा अधिक होने के कारण 108 एंबूलेंस स्टाफ विद्या अलावा, सहायक चालक हेमंत सोनी ने रास्ते में एंबूलेंस रोककर प्रसव कराने का निर्णय लिया। और एंबूलेंस में ही सामान्य प्रसव हुआ। उसके बाद दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
केस- 2
शामगढ़ अस्पताल से 4 अक्टूबर 2017 को पिंकाबाई को प्रसव पीड़ा अधिक होने से महिला की नाजुक स्थिति को देखते हुए रैफर किया। 108 एंबूलेंस से जिला अस्पताल रैफर किया गया। खेजडिय़ा के पास में महिला को अधिक प्रसव पीड़ा हुई। यहां पर एंबूलेंस स्टाफ ने प्रसव कराने का निर्णय लिया। और सामान्य प्रसव एंबूलेंस स्टाफ द्वारा करवाया गया। इसके बाद जच्चा और बच्चा दोनों को सीतामऊ स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया।


सबसे अधिक भानपुरा से लेकर सुवासरा तक
108 एंबूलेंस के जिला प्रभारी आशीष झा ने बताया कि जिनको अस्पताल में रखकर सामान्य प्रसव हो सकता है। उन को भी रैफर कर दिया जाता है। इस तरह के मामले सबसे अधिक भानपुरा, गरोठ, शामगढ़, सुवासरा क्षेत्र से आते है। एक साल में 108 एंबूलेंस में 22 सामान्य प्रसव करवाए है। जो वास्तविक गंभीर हो उन्हीं को रैफर करना चाहिए। ताकि 108 एंबूलेंस व्यस्त ना रहे और अन्य को इसका लाभ तत्काल मिल सकें।


इनका कहना...
सामान्य को गंभीर बताकर रैफर नहंी करना चाहिए। ऐसा हो रहा है तो नोटिस दिया जाएगा। जहां डॉक्टर नहीं है वहां होने की संभावना है।
- डॉ महेश मालवीय, सीएमएचओ।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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