कथा व प्रवचन देने वाले कर रहे गलत काम और संत हो रहे बदनाम

harinath dwivedi

Publish: Jun, 14 2018 07:53:53 PM (IST) | Updated: Jun, 14 2018 07:53:54 PM (IST)

Mandsaur, Madhya Pradesh, India
कथा व प्रवचन देने वाले कर रहे गलत काम और संत हो रहे बदनाम

पिपलिया में कम्प्यूटर बाबा ने कहा

मंदसौर । पिपलियामंडी में प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त संत कम्प्युटर बाबा गुरुवार को विश्रामगृह पर पहुंचे। जहां उन्होंने पत्रकारो से चर्चा की। इस दौरान शिवराज सरकार की तारीफ करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रवचन देने वाले व कथा करने वाले भी स्वयं को संत लिखते है, यह गलत है, मैं इसका विरोध करता हंू। गौमाता को आवारा कहना ही अपमान है। पशुपालक भी जिम्मेदारी समझे। गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का मामला राष्ट्रीय स्तर पर लंबित है।
कम्प्युटर बाबा ने कहा कि साधु-संतों के खिलाफ दुष्कर्म के बढ़ते मामलों पर कहा कि कथा करने वाले व प्रवचन देने वाले भी संत लिखते है। दुष्कर्म के जो मामले जो सामने आए है, वह प्रवचन देने वाले संतों के ही सामने आए है। गलत वे करते है और बदनाम दूसरे होते है। अखाड़ा परिषद व द्वारे से जुड़े ही संत होते है। प्रवचन देने वाले संत न लिखे, इसका मैं विरोध करता हंू। कुंभ में भी इस मामले को उठाएंगें।
मेरे गुरु ने दिया मुझे यह नाम
उन्होंने कहा कि मैं वैष्णव सम्प्रदाय से हंू, मेरा नाम नामदेवदास त्यागी है, जब शुरु में कम्प्युटर आए थे, तो मेरा काम भी फास्ट था, तेज-तर्रार, कम्प्युटर की तरह, इसलिए मेरे गुरु ने मेरा नाम कम्प्युटर बाबा रख दिया। यह नाम मेरे गुरु का दिया हुआ है। नर्मदा में पौधों के घोटाले को उजागर करने के लिए रथयात्रा शुरु करने और मंत्री का दर्जा मिलने के बाद उस मुद्दे को भूल जाने को लेकर उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार संतों की सरकार है। हमारी मांग थी कि नर्मदा में संतों को काम दिया जाए, चंूकि अधिकारी हमारी बात सुने और हम समाज के लिए अच्छा काम कर सके, इसलिए शिवराजसिंह ने भरोसा जताते हुए मंत्री बनाया है। पर्यावरण, नर्मदा, स्वच्छता, पौधे लगाना, जल समस्या से निपटना आदि कार्यों को लेकर हम लगे हुए है। भ्रष्टाचार उजागर होने से डरकर मंत्री का दर्जा दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार डरती नही है। प्रदेश सरकार संतों के प्रति आशांवित है, उनकी संतों के प्रति आस्था है। डरकर मंत्री नही बनाया है।
कांग्रेस ने ६० सालों में कभी संतों का सम्मान नहीं किया
पिपलिया नगर परिषद द्वारा कांजी हाउस तोड़कर मांगलिक भवन बनाए जाने को उन्होंने गलत बताया और कहा कि इसके लिए अलग जगह चयनित की जाना चाहिए। कम्प्युटर बाबा ने कहा कि सरकार ने हम पर भरोसा जताया व राज्यमंत्री का दर्जा दिया। समाजसेवा, नर्मदा साफ-सफाई का काम कर सके। साधु-संतों को मंत्री का दर्जा देने का सरकार के निर्णय को विपक्ष गलत बता रहा है और सरकार पर निशाना साध रही है। इस पर उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना ही है। ६० सालों में कांग्रेस सत्ता में रही लेकिन साधु-संतों का कभी सम्मान नही दिया। सीएम शिवराज ने रामराज्य लाने की कोशिश की है।

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