इस जिले के सांसद का क्यों हो रहा लगातार विरोध, पुतला भी फूंक दिया

इस जिले के सांसद का क्यों हो रहा लगातार विरोध, पुतला भी फूंक दिया

harinath dwivedi | Publish: Sep, 02 2018 09:21:41 PM (IST) | Updated: Sep, 02 2018 09:59:31 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

इस जिले के सांसद का क्यों हो रहा लगातार विरोध, पुतला भी फूंक दिया

मंदसौर । जिले में एससीएसटी एक्ट को लेकर अब जनप्रतिनिधियों का विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में रविवार को सुवासरा के गोवर्धनपुरा गांव में सांसद सुधीर गुप्ता का पुतला लगाकर विरोध किया। इस दौरान सांसद के पुतले को ग्रामीणों ने चप्पलों की माला पहनाकर जमकर नारेबाजी कर पुतला फूंका। और अबकी बार नोटा में वोट देने को लेकर नारे लगाए। वहीं सपाक्स के प्रांतीय संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने सर्किट हाऊस पर सुबह प्रेस वार्ता की। शाम को सपाक्स ने एससीएसटी एक्ट एवं आरक्षण के विरोध में रैली निकाली। सोमवार को इस मुद्दे को लेकर सपाक्स की महारैली है।
गांव गोवर्धनपूरा में दोपहर १२.३० बजे अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलाव को लेकर व्यापक विरोध हुआ। ग्रामीणों ने सांसद का खुला विरोध करते हुए उनके खिलाफनारेबाजी की और अबकी बार चुनाव में नोटा दबाने का आह्वान किया गया। दोपहर के समय ग्रामीणजन गांव के चौराहे पर एकत्रित हुए। जहां उन्होंने सांसद के पुतले और इस पर अलग-अगल नारों के साथ पेपर चस्पा किए। और हमारी भूल कमल का फूल के साथ सांसद मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए अबकी बार वोट फॉर नोटा की अपील की गई। यहां लामबंद हुए लोगों ने सांसद के पुतले पर अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए एट्रोसिटी एक्ट का विरोध कर पुतला फूंक दिया।
सभी को साथ आगे बढऩा होगा
मामले को लेकर सांसद सुधीर गुप्ता के बयान का वीडियो वायरल हुआ है, उसमें उन्होंने कहा हैकि सब समाज को साथ में लेकर जब चलने की धारणा और भावना होगी तो देश मजबूत होगा। सभी को साथ आगे बढऩा होगा।


सपाक्स ने किया ऐलान, 230 विधानसभाओं में लड़ेंगे चुनाव
सपाक्स के प्रांतीय संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने पत्रकारों से चर्चाके दौरान कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की सभी २३० विधानसभा सीटों पर सपाक्स समाज चुनाव लड़ेगा।इसके लिए सपाक्स ने चुनाव आयोग में राजनीतिक पार्टी के पंजीयन के लिए आवेदन भी दे दिया है। अन्य संगठन जो सपाक्स से समर्थन रखते है। वह भी जुड़ते है तो उनके साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा। ६ सितबंर को भारत बंद को लेकर सपाक्स का नैतिक समर्थन है। पदोन्नति में आरक्षण को लेकर सपाक्स अधिकारी व कर्मचारी संघ लड़ाईलड़ रहा है, लेकिन अब इसे विस्तार देते हुए सपाक्स समाज बनाया है। इसमें सामान्य, पिछड़ा व अल्पसंख्यक शामिल है। त्रिवेदी ने कहा कि ६८ साल से आरक्षण चला आ रहे है।इसमें सुधार की मांग कर रहे है। इसी को लेकर आमजनता में आक्रोश है। एट्रोसिटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट की गाईड लाईन को दरकिनार कर इसमें संशोधन किया है। अग्रिन जमानत के प्रावधान को प्रतिबंधित कर दिया है। जो अनुचित है। पहले काला कानून बना था। इसका वीर सावरकर ने विरोध किया था। सावरकर को मानने वाली पार्टी ने एट्रोसिटी के नाम पर उससे भी गंभीर काला कानून बना दिया है।त्रिवेदी ने कहा कि सपाक्स समाज में ७८ प्रतिशत है। और सभी की भावनाओं को दरकिनार कर यह कानून बनाया गया है। विडबंना तो यह हैकि कोईएक सांसद भी संसद में इसे लेकर नहीं बोला। इससे समाज में आक्रोश है।इसी कारण विरोध कर रहा है। जो जायज है। समाज को गुस्सा प्रकट करने का हक है। सपाक्स समाज में २ लाख ४० हजार सदस्य हैऔर इस बार चुनाव लडऩे की पूरी तैयारी कर चुके है। भाजपा-कांग्रेस या बीएसपी, सपा या अन्य कोईदल आरक्षण में कोईसुधार करना नहीं चाहते। इसलिए यह समाज एक होकर राजनीतिक में उतरेगा।


वाहन रैली निकालकर महारैली का दिया न्योता
एससीएसटी एक्ट और आरक्षण के विरोध में सपाक्स की महारैली सोमवार को निकलेगी। इसे लेकर सपाक्स ने रविवार की शाम को वाहन रैली निकाली। वाहन रैली निकाककर शहर को महारैली में शामिल होने का न्योता दिया गया। जो विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में सपाक्स संगठन व सपाक्स समाज के पदाधिकारी व सदस्य शामिल हुए। रैली में शामिल लोगों के हाथों में आरक्षण व एससीएसटी एक्ट के विरोध में तख्तियां नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। सोमवार को चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा की पूजन करने के बाद महारैली की शुरुआत होगी।

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