कल्पसूत्र का हुआ वाचन

कल्पसूत्र का हुआ वाचन

harinath dwivedi | Publish: Sep, 09 2018 09:15:01 PM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

कल्पसूत्र का हुआ वाचन

मंदसौर । शहर सहित जिले भर में पर्यूषण पर्वके अवसर पर कल्पसूत्र का वाचन हुआ। वहीं सोमवार को महावीर जन्म का वाचन भी किया जाएगा। शहर के चौधरी कॉलोनी स्थित रूपचांद आराधना भवन में साध्वीगणो के मुखारबिन्द से कल्पसूत्र का वाचन प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर पांच ज्ञानपूजा की बोली भी ली गई और लाभार्थियों ने कल्पसूत्र शास्त्र की पूजा की। साध्वी मुक्तिप्रिया मसा ने धर्मसभा में कहा कि 26 00 वर्षपूर्व भगवान महावीर ने हमे अंहिसा, अपरिग्रह, बहा्रचर्य, अस्तेय चोर न करना आदि जो संदेश दिए वे आज भी प्रेरणादायी है। भारत को आजादी अंहिसा से मिली महात्मा गाांघी को अंहिसा की प्रेरणा भगवान महावीर के अंहिसा परर्माधर्म के संदेश से ही मिली। साध्वी हर्षप्रिया मसा ने भी संबोधित किया। 10 सितम्बर सोमवार को प्रात: 9 बजे भगवान महावीर का जन्मवाचन होगा। यहां प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 10 बजे महिला मण्डल व युवा मण्डल के द्वारा प्रभुभक्ति के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहा है। 8 बच्चो द्वारा रोहिण्या चोर ने भगवान महावीर की देशना सुनकर पाप का मार्ग छोड संयम धारण किया। सभी बच्चो को पुरस्कृत किया गया। वहीं केशरिया आदिनाथ युवामण्डल का गठन किया गया। इस युवा मण्डल के अध्यक्ष सोविल पोरवाल, सचिव शरद सालेचा, कोषाध्यक्ष प्रकाश छाजेड मनोनित किए गए।
कल्पसूत्र के श्रवण से मिलती है देव गुरू की कृपा
शहर के तलेरा विहार स्थित चिदपुण्य आराधना भवन में आयोजित धर्मसभा में प्रसन्नसागर मसा ने कहा कि सभी शास्त्रो में कल्पसूत्र का विशेष महत्व है। इसके श्रवण को जैन धर्म में विशिष्ठ माना गया है जो भी श्रावक श्राविका पूरे मनोभाव से 21 बार कल्पसूत्र को श्रवण करता है वह अठाभवों के कर्मो का क्षय कर लेता है तथा मोक्षगामी बनता है। जो भी कल्पसुत्र को ह्दय में घारण करता है वह भव सागर में तिर जाता है। कल्पसूत्र देव गुरू की कृपा करने वाला शास्त्र है। इस शास्त्र की रचना जैन संत भद्रबाहु स्वामी ने की थी इस शास्त्र में कई अध्याय है जिनको श्रवण करना पुण्यकर्म माना जाता है। आदिनाथ पोरवाल जैन श्वेताम्बर ट्रस्ट व चातुर्मास समिति के द्वारा पयूर्षण महापर्व में रात्रि से 10.30 बजे तक प्रतिदिन तलेरा विहार के उपाश्रय केसामने विशाल पांडाल में प्रभु भक्ति के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। झालवाड के देवेन्द्र भाई द्वारा भक्ति गीतो की प्रतिदिन प्रस्तुति दी जा रही है।
युवाओं और बच्चों को गलत संगति से रोके
शहर के शास्त्री कॉलोनी स्थित जैन दिवाकर स्वाघ्याय भवन में आयोजित धर्मसभा में अपूर्वप्रज्ञा मसा ने कहा कि शराब व मांसाहार का सेवन करने से मनुष्य के जीवन में कई विकार उत्पन्न होते है। शराब का शोक लत में बदल जाता है। शराब पीने वाला धीरे धीरे मांसाहार व परस्त्रीगमन जैसे अवगुणो को भी अपना लेता है। शराब की लत पूरे घर परिवार बर्बाद कर देती है। यदि व्यक्ति की संगति गलत है तो तो उसका प्रभाव उस व्यक्ति पर पड़ेगा ही। निम्न कुल के बच्चे व युवा जो शराब मांसाहार का सेवन करते है और वे श्रेष्ठ कुल के बच्चो व युवा जो शराब मांसाहार का सेवन करते है और वे श्रेष्ठ कल के बच्चो व युवा के साथ रहते है तो इसकी बुरी लत उन्हें भी लग सकते है। इसीलिए अपने बच्चो व युवाओं को व्यसनों से बचाना है तो सर्वप्रथम उन्हें गलत संगति से रोके।
संयुक्त स्थानवासी जैन सामूहिक पारणा 14 को
कांतिलाल रातडिया ने बताया कि संयुक्त स्थानकवासी जैन समाज का 27वां सामहिक पारणा व क्षमापर्व 14 सितम्बर को संजय गांघी उद्यान में प्रात 6 .30 बजे से प्रात: 10.30 बजे तक आयोजित होगा। 16 वर्षो से संयुक्त स्थानकवासी जैन समाज का सत्वंतरी पर्व के अगले दिन सामूहिक रूप से पारणा व क्षमापना पर्व आयोजित हो रहा है।

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