सुलह की ज्योत से 8  टूटे रिश्तो को मिली रोशनी

सुलह की ज्योत से 8  टूटे रिश्तो को मिली रोशनी

harinath dwivedi | Publish: Dec, 08 2018 08:11:10 PM (IST) | Updated: Dec, 08 2018 08:11:11 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

सुलह की ज्योत से 8 टूटे रिश्तो को मिली रोशनी

मन्दसौर । लोक अदालत के माध्यम से जब सुलह की ज्योत जली तो जिले के ८ टूटे रिश्तों को नवजीवन शुरुआत की रोशनी मिल गई। जी हां, लोक अदालत के माध्यम यह संभव हो सका है। 8 प्रकरणों में शनिवार को बिछड़े पति- पत्नी फिर से एक-दूजे के हो गए। शहर के न्यायालय परिसर में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न प्रकरणों का समझौते व सुलह द्वारा निराकरण किया गया। लोक अदालत में कोर्ट में लंबित 3541 मामले निराकरण के लिए रखे गए थे इसमें से कुल 48 2 प्रकरणों का निराकरण किया गया। कुल 7207 प्रीलिटिगेशन रखे प्रकरण में से 1542 प्रकरणों का निराकरण किया गया जिसमें 27 लाख 19 हजार 929 राशि की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण 8 9 निराकृत किए गए। इसमेें कुल राशि 1 करोड 8 4 लाख 45हजार का अवार्ड पारित किया गया। इस लोक अदालत में धारा 138 के अंतर्गत चेक बाउंस के प्रकरण 117 निराकृत किए गए इसमें कुल राशि 92 लाख 6 1 हजार 76 5 का अवार्ड पारित किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश तारकेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय मंदसौर एवं तहसील न्यायालय गरोठ, भानपुरा, नारायणगढ़, सीतामऊ में किया गया। संचालन मजिस्ट्रेट श्री अनिरूद्ध जैन ने किया आभार जिला विधिक सहायता अधिकारी योगेश बंसल ने माना।

छोटी-मोटी बातों पर हुआ था मनमुटा
शमा पति मोहम्मद शरीफ निवासी खानपुरा मंदसौर का विवाह मोहम्मद शरीफ पिता मोहम्मद आमीन निवासी खानपुरा के साथ सम्पन्न हुआ। लेकिन शादी के बाद ही मकान पर रहने व कुछ छोटी- मोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो गया था, दोनों लंबे समय से अलग जीवन व्यतीत कर रहे थे। शमा के पिता ने अपने अभिभाषक एके मंसूरी एवं एआर मंसूरी एडवोकेट से संपर्क किया। इनके द्वारा न्यायालय में कार्रवाईकी गई, विपक्षी के नोटिस मामिल होते ही दोनों पक्षों को न्यायाधीश शबनम कदिर मंसूरी, अभिभाषक एके मंसूरी, एआर मंसूरी एवं हिम्मतसिंह सांखला व एम अकबर कुरेशी एडव्होकेट ने समझाया और टूटते हुए घर को फिर से बसा।

शंकरलाल पिता रमेशचन्द्र माली निवासी मंदसौर का विवाह रेखा पिता भेरूलाल माली निवासी जावरा से हुआ। दोनों के मध्य छोटी- मोटी बातों को लेकर मन-मुटाव होने पर विवाद हो गया था। जिस पर से शंकर की तरफ से अभिभाषक एके मंसूरी एवं एआर मंसूरी एडवोकेट से सम्पर्क किया। इनके द्वारा न्यायालय में कार्रवाईकी गई। इसमें प्रधान न्यायाधीश राजवर्धन गुप्ता ने विपक्षी को बुलवाया। इस पर अभिभाषको ने समझाया और टूटते हुए घर को फिर से बसाया। इसी तरह निशा पुत्री गोविंद गेहलोत निवासी मंदसौर का विवाह उज्जैन निवासी नरेन्द्र राठौर पिता बाबूलाल से हुआ था, लेकिन शादी के बाद ही मकान पर रखने व कुछ छोटी-मोटी बातों को लेकर मनमुटाव हो गया था। दोनों लंबे समय से अलग जीवन व्यतीत कर रहे थे, निशा के पिता ने अभिभाषक मंसूरी से संपर्क किया। जिनके द्वारा न्यायालय में कार्रवाईकी गई। मधुबाला निवासी बनी का विवाह राधेश्याम शर्मा के साथ हुआ था। करीब ३ साल से यह अलग रह रहे थे। इस प्रकरण में पैरवी एडवोकेट प्रकाश रातडिय़ा, सुनिल शर्मा, आशीष गौड, एके मंसूरी ने की।

इनके बीच भी हुई सुलह
वहीं शहर की इंद्रा कॉलोनी निवासी कृष्णा का विवाह देवास के नागेश्वर पिता मदनलाल भाट से हुआ था। करीब ४ सालो से यह दोनो अलग रह रहे थे। इनके दो बच्चे भी है। बढ़ते मनमुटाव के कारण इन दोनो के बीच सुलह कराने के लिए कृष्णा के पिता ने अभिभाषक उमेश परमार से संपर्ककिया। शनिवार को न्यायालय में कार्रवाई के बाद दोनो एक-दूजे के हुए। डिंपल पिता राजाराम निवासी मंदसौर का विवाह विक्की पिता विजय श्रीवास्तव रेल्वे लाईन के पास, कैलाश सिनेमा लुधियाना रेखा जावरा, जया पति दीपक निवासी नयाखेड़ा का विवाह दीपक पिता देवीलाल दमामी आंत्री माता के साथ हुआ। सुनिता पति संजय जैसवार निवासी इन्द्रा कॉलोनी मंदसौर व संजय जैसवार निवासी इंद्रा कॉलोनी का विवाह हुआ था। इनके मध्य मनमुटाव होने के कारण अलग-अलग रह रहे थे। जिसका भी लोक अदालत में राजीनामा होकर समझौता हो गया। जिनकी ओर से पैरवी अभिभाषक एके मंसूरी एवं एआर मंसूरी एडवोकेट ने की।

कैंसर पीडि़ता को मिला भरण पोषण भत्ता
रेहमतबाई पिता फतेह खां निवासी बानीखेड़ी को अपने पति व ससुराल वाले ने छोडक़र तलाक दे दिया था जो बहूुत मुसीबत के दौर में गुजर रही थी और उसको कैंसर भी हो चुका था। उसके पति से भी भत्ता नहीं पा सकती थी और परिवार वालों से भरण पोषण भत्ता देने मे सक्षम नहीं थे और अचानक रेहमतबाई कैंसर पीडि़त हो गई जिसकी मुलाकात विधिक सहायता कैप के माध्यम से अभिभाषक सैलानी एके मंसूरी एडवोकेट से हुई इनके द्वारा उनके भरण पोषण के लिए मुख्य कार्यपालन अधिकारी वक्फ बोर्ड द्वारा सचिव मप्र बोर्ड भोपाल के विरूद्ध न्यायालय में 125 के तहत प्रकरण लगाया, न्यायालय द्वारा प्रतिमाह भरण पोषण दिया जाने का आदेश पारित किया गया। उक्त आदेश के पालन की वसूली न्यायालय न्यायिक दंडाधिकारी शबनम कदिर मंसूरी के न्यायालय में प्रस्तुत की गई। नोटिस तामिल होने के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी भोपाल द्वारा अधिकृत नियुक्त अभिभाषक रईसउद्दीन अधिवक्ता उज्जैन द्वारा चेक जमा कर प्रकरण में राशि अदा की गई, इससे उक्त बेसहारा महिला का एक सहारा हो गया।

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