रोजगार कार्यालय में रोजगार देने वाले अधिकारी ही गायब

रोजगार कार्यालय में रोजगार देने वाले अधिकारी ही गायब

By: harinath dwivedi

Updated: 18 Dec 2018, 05:42 PM IST

मंदसौर । प्रदेश से लेकर देश में रोजगार का बड़ा चुनावी मुद्दा है। हाल ही कांगे्रस ने सरकार बनाई।जिसके वचन पत्र में कई बड़े वायदे है। लेकिन जब पत्रिका की टीम ने सोमवार को रोजगार कार्यालय जाकर स्थिति देखी तो चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। रोजगार कार्यालय में छाया सन्नाटा ही नहीं टुट रहा है। विरानी का आलम तो यह है कि यहां कोई भी नहीं आता-जाता और यहां कभी सरकारी दफ्तरों में दिखने वाली रौनक और चहल-कदमी भी नहीं दिखती। एक कर्मचारी वह भी सहायक ग्रेड २ के भरोसे यह जिला मुख्यालय का दफ्तर चल रहा है। जिले में रोजगार के अवसर नहीं होने के कारण युवा भी इस दफ्तर में आने में रुचि नहीं रखते।पंजीयन की किसे जरुरत भी पड़ती हैतो वह ऑनलाईन ही हो जाता है।दफ्तर हैतो संसाधन तो सभी है। संसाधन व यहां मौजूद कर्मचारी सहित अन्य व्यय मिलाकर सरकार को हर माह का आर्थिक भार तो वहन करना पड़ रहा है, लेकिन इसका लाभ जिले के युवाओं को नहीं मिल रहा है।
9 में से दो मौजूद
अधिकारी-कर्मचारी सहित यहां ९ के पद स्वीकृत है, लेकिन इसमें से यहां सिर्फ२ ही मौजूद है। वह भी एक भृत्य और एक सहायक ग्रेड दो है। जिला रोजगार कार्यालय पर ्रभृत्य के २ पद है, इसमें से १ पदस्थ है। सहायक ग्रेड ३ के तीन पद हैऔर तीनों ही खाली है तो सहायक ग्रेड दो का एक पद है वह कर्मचारी यहां वर्ष २०१५ से पदस्थ है। और वर्तमान में वही पूरे कार्यालय का संचालन कर रहा है। इसके अलावा सहायक सांख्यिकी अधिकारी का १ तो रोजगार अधिकारी का १ पद जो स्वीकृत हैवह रिक्त पड़ा हुआ है।वार्षिक शेड्यूल के अनुसार रोजगार के मेले जरुर बजट के हिसाब से औपचारिक तौर पर लगते है। यहां पर रोजगार से लेकर कॅरियर को लेकर बड़े-बड़े पोस्टर चारों और लगे है, लेकिन इन्हें पढऩे कोईनहीं आता है। दफ्तर के हालातों की जानकारी विभाग तक है, लेकिन सुधार नहीं हो पा रहा है।
रोजगार से पहले दफ्तर की बीमारी दूर करना चुनौती
कांग्रेस युवाओं को रोजगार देने और बेरोजगारो को भत्ता देने के वादें के साथ सरकार में आई। लेकिन नईसरकार के लिए युवाओं को रोजगार और बेरोजगारों को भत्ता देने से पहले विभाग के दफ्तर के इन विरान पड़े हालातों को सुधारना बड़ी चुनौती होगा। पदों की पूर्ति के साथ रोजगार के अवसरों तैयार करने के अलावा युवाओं को रोजगार देने के लिए इन दफ्तरों की प्रभावी भूमिका बनाना भी नईसरकार के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
लंबे समय से यही स्थिति
लंबे समय से जिला रोजगार कार्यालय की स्थिति यही बनी हुई है। यहां न तो कोई आता है और न हीं यहां कभी चहलकदमी होती है। सिर्फ एक कर्मचारी और एक चतुर्थश्रेणी कर्मचारी यहां है। ऑनलाईन पंजीयन होने के कारण अब तो पंजीयन के लिए भी यहां कोईनहीं पहुंचता है। जिला मुख्यालय का दफ्तर होने के कारण कम्प्यूटर से लेकर टेबल-कुर्सी दफ्तर के लिए होने वाले अन्य सभी जरुरी संसाधन तो यहां जुटा रखे है लेकिन उन पर बैठने वाला भी यहां कोई नहीं है। ऐसा नहीं की यह स्थिति दो या चार माह से है, यहीं हालात इस कार्यालय के कईसालों से है।जिसके पास मंदसौर जिले के रोजगार कार्यालय का चार्ज है, वह पहले तो उज्जैन बैठते थे, लेकिन अब भोपाल बैठते हैऔर उनके पास भी ६ जिलों का चार्ज है। वहीं से सभी विभागीय काम संचालित हो रहे है।
साहब के पास तो ६ जिलों का हैचार्ज
यहां मौजूद सहायक ग्रेड दो के कर्मचारी एसएल राठौर ने बताया कि ३० नवंबर तक की स्थिति में जिले में ४२ हजार ५०६ युवाओं ने पंजीयन कराए थे।इसमें से ११ हजार ६६५ महिला और ३० हजार ८४१ पुरुष थे। रोजगार का पंजीयन भी अब ऑनलाईन होता है। ऐसे में कोईपंजीयन कराता है तो वह ऑनलाईन ही होता है। यहां किसी को आने की जरुरत नहीं है। यहां का चार्ज जिसके पास हैवह साहब तो भोपाल बैठते है, उनके पास प्रदेश के ६ जिलों का चार्ज है।
फेक्ट फाईल
पंजीकृत की संख्या- ४२५०६
महिला- ११६६५
पुरुष -३०८४१
आंकड़े ३० नवंबर तक की स्थिति
स्वीकृत पदों की संख्या-९
वर्तमान में मौजूद - २

harinath dwivedi Editorial Incharge
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned