ऑनलाईन अनुज्ञा पर फिर फसा पेंच, व्यापारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी

ऑनलाईन अनुज्ञा पर फिर फसा पेंच, व्यापारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी

By: harinath dwivedi

Published: 30 Dec 2018, 05:51 PM IST

मंदसौर । कृषि उपज मंडियों में अनुज्ञा के काम को पेपर लेस करने के लिए मंडी बोर्ड ने पहले ही अनुज्ञा ऑनलाईन करने के निर्देश दे रखे है।इसे लंबे समय बाद अब १ जनवरी से लागू किया जाना है। मंडी प्रशासन ने इसकी तैयारियों भी कर ली है, लेकिन अब मंडी के व्यापारी संघ ने व्यापारी महासंघ के आह्वान का समर्थन करते हुए इस व्यवस्था के लागू होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है। व्यापारी संघ का कहना है कि १ जनवरी को यदि यह व्यवस्था लागू हुई तो हम हड़ताल कर देंगे।ऐसे में ऑनलाईन अनुज्ञा के इस मामले में फिर से पेंच फस गया है। अब यह व्यवस्था फिर से मझधार में अटक गई है।व्यापारियों के लिए लागू इस व्यवस्था का व्यापारियों ने ही खुले रुप से विरोध कर दिया है।
विभागीय तौर पर इसके लिए कवायद पिछले दो-तीन सालों से चल रही है, लेकिन अब नई साल में १ जनवरी से सभी व्यापारियों को ऑनलाईन सिस्टम से ही अनुज्ञा लेना होगी। इसके लिए मंडी समिति पेपरलेस हो जाएगी और कागजी कार्रवाई खत्म होगी। वर्तमान में व्यापारियों को अनुज्ञा ऑफ लाईन जारी करने के बाद मंडी को यह ऑनलाईन करना पड़ रही थी। पेपरलेस व्यवस्था के अलावा पारदर्शिता के कारण शासन को लाभ होगा तो व्यापारियों का मंडी द?तर में अनुज्ञा के लिए चक्कर काटने के साथ इस काम में व्यय होने वाला समय बचेगा और वह बिना मंडी द?तर पहुंचे भी अनुज्ञा ऑनलाईन ले सकेंगे। इन्हीं सब चीजों को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था लागू की जा रही है लेकिन अब व्यापारियों ही इसे व्यवस्था के पक्ष में नहीं है।
350 व्यापारी साल की लेते है 1लाख से अधिक अनुज्ञा
शहर की कृषि उपज मंडी में वर्तमान में २०० से ३०० अनुज्ञा प्रतिदिन की जारी होती है। जो ऑफलाईन जारी होती है और इसे मंडी को ऑनलाईन करना पड़ती है। इसमें बड़ा समय व्यर्थ होता है। इस तरह वर्षभर में मंडी में १ लाख से अधिक अनुज्ञाएं जारी होती है। मंडी में वर्तमान में रनिंग में करीब ३५० व्यापारी है जो किसानों की ङ्क्षजसों को खरीदने से लेकर व्यापार कर रहे है जिन्हें अनुज्ञा लेना पड़ती है। इस प्रकार इतने व्यापारियों के साथ मंडी का भी बड़ा समय इसी काम में जाता है जो एक जनवरी से लागू हो रही ऑनलाईन अनुज्ञा में नहीं जाएगा। मंडी प्रशासन से लेकर मंडी में व्यापार करने वाले व्यापारियों को इसके लिए कोई नया सिस्टम डेवलप नहीं करना है। मंडी में वैसे ही पिछले लंबे समय से अनुज्ञा ऑनलाईन करने का काम चल रहा है। ऐसे में उन्हें नए सिरे से इसके लिए कुछ संसाधन जुटाने से लेकर नया डेवलमेंट नहीं करना है।
इन्हें भी मिलेगा लाभ
व्यापारियों से लेकर मंडी प्रशासन का जो समय इसमें बचेगा। इसमें वह मंडी प्रांगण में अधिक काम कर सकेंगे। इससे हर दिन खुले प्रांगण में अपनी उपज लिए नीलाम से वंचित रहने वाले किसानों को इसका लाभ मिलेगा और यहां समय अधिक मिलने से उपज नीलाम हो सकेगी। इससे किसान को यहां रात नहीं बिताना पड़ेगी और वह उपज बेचकर समय पर घर जा सकेगा। इस नई व्यवस्था से सभी को लाभ है। अधिक माल बिकेगा तो तुलावटी से लेकर ह?माली भी अधिक होगी। और मजदूरी वर्ग से जुड़े लेागों को भी अधिक काम मिल सकेगा।
व्यापारियों ने कहा छोटे व्यापारियों के हित में नहीं
व्यापारी संघ के राजेंद्र नाहर ने कहा कि यह व्यवस्था छोटे व्यापारियों के हित में नहीं है। कईछोटे व्यापारी है। इसके लिए हर व्यापारी को सिस्टम व ऑनलाईन व्यवस्था करना होगी।इसमें नेट से लेकर सर्वर की समस्या होगी और हर व्यापारी यह सिस्टम लगा नहीं सकता। हम १ जनवरी तक देख रहे है। यदि मंडी प्रशासन यह व्यवस्था लागू करता है तो हम हड़ताल पर चले जाएंगे।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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