लोकतंत्र के उत्सव के आगाज के साथ नए भारत के उदय की आस

लोकतंत्र के उत्सव के आगाज के साथ नए भारत के उदय की आस

Jagdish Vasuniya | Updated: 12 Mar 2019, 04:24:50 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India

लोकतंत्र के उत्सव के आगाज के साथ नए भारत के उदय की आस

मंदसौर । लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू हो चुकी है। दोनों ही पार्टियों ने तैयारियां भी शुरु कर दी है। सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे हमले हो रहे है। तो देश का नेतृत्व किसके हाथों में हो, इसे लेकर भी आम लोगों में चर्चा चल रही है। सोमवार को पत्रिका कार्यालय पर मंडे पॉलिटिकल क्लब की मीटिंग में इस विषय पर चर्चा की। चर्चा में चल रहे तीन बड़े विषयों पर पीएम पद के दावेदार रहे सोनिया गांधी और लालकृष्ण आडवाणी के बारे में कई तरह के तथ्य सामने आए। पार्टी से जुड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि अपने नेता के पक्ष में खुलकर बात रखी। मीटिंग में भाजपा के नरेश चंदवानी, संजय मुरडिय़ा, आशीष गौड़, कांगे्रस के मुकेश काला, राजेश रघुवंशी, मोहम्मद हनीफ शेख और सुरेश भाटी चर्चा में शामिल हुए।
सोनिया गांधी कभी भी पीएम इन वेटिंग कभी नहीं थे। और राम मंदिर को लेकर कांगे्रस पार्टी को रूख शुरु से ही स्पष्ट है। सोनिया गांधी ने हमेशा देशहित में सबसे आगे रहते हुए निर्णय लिए है। वे प्रधानमंत्री होती तो आज बेहतर विदेश नीति होती।
राजेश रघुवंशी, प्रदेश महामंत्री कांग्रेस।
सोनिया गांधी के पीएम इन वेटिंग कहना गलत है। उनको तो सभी सासंदों ने चुना था। लेकिन वे ही प्रधानमंत्री नहीं बने। कांगे्रस के समय में विदेश नीति मजबूत रही है। कांग्रेस ने कभी भी राममंदिर पर राजनीति नहीं की। भाजपा ने की है। कांग्रेस का रूख शुरु से ही राम मंदिर पर स्पष्ट रहा है।
मुकेश काला, प्रदेश महामंत्री कांग्रेस।
पीएम इन वेटिंग जैसा कोई मामला नहीं है। भाजपा का राममंदिर को लेकर रूख स्पष्ट है। नए भारत का उदय हो रहा है।वर्तमान में भारत की विदेश नीति बहुत मजबूत है। जिसका ताजा उदाहरण हमने कुछ दिनों पहले देखा है।भाजपा सबका साथ सबका विकास की विचारधारा से काम करती है।
नरेश चंदवानी, उत्तर मंडल अध्यक्ष मंदसौर।
सोनिया गांधी कभी भी पीएम इन वेटिंग नहीं रही है। वे प्रधानमंत्री होती तो आज ओर बेहतर विदेश नीति होती। राम मंदिर को लेकर कांगे्रस का रूख शुरु से स्पष्ट है। सोनिया गांधी यूपीए की नेतृत्वकर्ता है।
मोहम्मद हनीफ शेख, ब्लॉक अध्यक्ष कंाग्रेस एवं पार्षद।
सोनिया गांधी कभी भी पीएम इन वेटिंग नहीं रही है। वे स्वयं ही प्रधानमंत्री नहीं बने। कंाग्रेस का रूख राम मंदिर को लेकर स्पष्ट है। कांगे्रस के समय में विदेश नीति मजबूत रही है।
सुरेश भाटी, जिला कंाग्रेस प्रवक्ता।
आडवाणीजी सर्वमान्य नेता रहे है।उनका राजनीतिक अनुभव काम आता है। वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण विदेश नीति बहुत मजबूत है। जिसका उदाहरण हमने देखा भी है। भाजपा सबका साथ सबका विकास को लेकर काम करती है।
आशीष गौड़, भाजपा पार्षद प्रतिनिधि मंदसौर।
पीएम इन वेटिंग जैसा कोईप्रश्र नहीं है। आडवाणी जी पार्टी के वरिष्ठ नेता है। वर्तमान में जो विदेश नीति है वो सबसे श्रेष्ठ विदेश नीति है। भाजपा ने मजबूत लोकतंत्र दिया है। आज प्रधानमंत्री के कारण दुनियाभर में देश का सम्मान बढ़ा है।
संजय मुरडिय़ा, दक्षिण मंडल अध्यक्ष, मंदसौ

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