प्रबंधक के साथ झूमाझटकी के बाद तत्काल बना दिया चेक

किसान संस्था द्वारा राशि देने से मना करने के बाद हम्माल कर्मचारी की पिटाई

By: harinath dwivedi

Published: 19 Jul 2018, 08:53 PM IST

मंदसौर । पिपलियामंडी भावांतर योजना में दो माह पूर्व करीब पौने दो लाख रुपए के चने बेचने के बाद भुगतान के कई बार चक्कर लगवाने के बाद राशि देने से मना करने पर आक्रोशिसत किसानों ने पिपलिया प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था के हम्माल व कम्प्युटर ऑपरेटर के साथ मारपीट की व प्रबंधक खूबचंद देवाणी के साथ भी झूमाझटकी की तो संस्था ने तत्काल किसान को चेक बनाकर दे दिया। सूचना पर पुलिस भी पहुंची व घटना की जानकारी ली।
गांव लूनाहेड़ा के किसान कमलेश कुमावत ने बताया कि वह 15 अप्रैल को गुड़भेली प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था के पिपलिया में खरीदी केंद्र पर उनके बेटे दिनेश के साथ 40 क्विंटल चना बेचने आए थे। जिसकी कच्ची पर्ची तुलाई के बाद दी गई। कमलेश ने बताया परिवार में गमी हो जाने के कारण कच्ची पर्ची देने पर ज्यादा बहस नही की और चले गए। चने का बिल 1 लाख 76 हजार रुपए का बना। कुछ दिनों बाद मैंने बैंक में तलाश की तो खाते में रुपए नही आए थे। सोयायटी पहुंचा तो बोले खाते में रुपए आ जाएंगे। कमलेश बताया कि बैंक में अलग-अलग दिन ५-७ बार पहुंचा, लेकिन भुगतान नहीं आया। किसान ने बताया जब दो दिन पूर्व पुन: पिपलिया में संस्था पहुंचा तो मौजूद अधिकारियों व कर्मचारियों का कहना था कि तुमने हमें चने दिऐ ही नहीं, तुम्हारे लड़के ने चने हीं और बेच दिए है। इसका कोई भुगतान तुम्हें नही मिलेगा।
किसान ने घर पर तुलाई के दौरान दी गई पर्ची को ढ़ंूढा तो वह मिल गई। इसे साथ लेकर गुरुवार को वह ग्रामीणजनों के साथ पिपलिया प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था पहुंचा। किसानों ने प्रबंधक खूबचंद देवाणी को पर्ची बताई और कहा कि हम्माल सलीम से दिलीप महावर ने 40 क्ंिवटल चने की फसल तुलवाई थी। इस बात मानने को अधिकारी- कर्मचारी तैयार नही हुए तो ग्रामीणों ने हम्माल सलीम के साथ मारपीट शुरु कर दी। बीच-बचाव करने आए कम्प्युटर ऑपरेटर समरथ पाटीदार के साथ भी हाथापाई हुई। किसानों ने प्रबंधक खूबचंद देवाणी के साथ भी झूमाझटकी की। इस दौरान संस्था अध्यक्ष शरद जैन भी पहुंचे व किसानों को समझाइश दी। विवाद बढ़ता देख संस्था ने किसान को 1 लाख 76 हजार रुपए का चेक बनाकर दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। सूचना पर डॉयल 100 से पुलिस भी पहुंची व प्रबंधक खूबचंद देवाणीए खरीदी अधिकारी प्रेमसिंह से घटना की जानकारी ली।
किसान पर्ची नही लाया था, इस कारण नही दिया जा रहा था भुगतान
इधर प्रबंधक देवाणी का कहना है किसान पूर्व में भी भुगतान नही होने के की शिकायत लेकर पहुंचा था, लेकिन चने बेचे उसकी पर्ची उसके पास नही थी। किसान का कहना था कि पर्ची कहीं गुम हो गई है। ऐसी स्थिति में भुगतान नही किया जा सका। गुरुवार को वह किसानों के साथ पहुंचा और उसके पास पर्ची भी थी। जिस पर हम्माल व तुलाई करने वाले के हस्ताक्षर थ। इसके बाद किसान को चेक बनाकर दे दिया। देवाणी ने बताया किसानों ने हम्माल व कम्प्युटर ऑपरेटर के साथ मारपीट कीए मेरे साथ मारपीट की घटना नही हुई है।
जांच की जा रही है
चौकी प्रभारी दिलीप राजौरिया ने बताया संस्था द्वारा किसान को भुगतान नही किए जाने के बाद मारपीट की शिकायत आई है, पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल प्रकरण दर्ज नही किया है।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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