जाना है नदी पार, ‘मगर’ रास्ता है ऐसा

4 ड्रम के जुगाड़ पर बैठ पूरा करते है नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने का सफर

By: harinath dwivedi

Published: 20 Jul 2018, 09:02 PM IST

मंदसौर. बारिश के दिनखासकर ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या भरे रहते है। ऐसे में कईस्थानों पर लोगों को परेशानियों से जूझने को मजबूर होना पड़ता है। कहीं कीचड़ की परेशानी तो कहीं मंजिल तक पहुंचने के लिए नदी-नालो को पार करने की समस्या। जिले में कईजगह कुछ ऐसे ही हालात है। मंदसौर से १७ किलोमीटर की दूरी पर स्थित सौमली नदी के कारण भी बारिश में दो गांवो का आवागमन रुक गया है। यहां ग्रामीणों को प्रतिदिन नदी को पार कर ग्रामीण मंजिल तक पहुंचने को मजबूर है। नदी के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचने के लिए रस्सी का सहारा व ४ ड्रम पर पटिया रख जुगाड़ बनाया गया है। इस जुगाड़ से प्रतिदिन जान जोखिम में डाल ग्रामीण एक छोर से दूसरे छोर पर जा रहे है। नदी में मगरमच्छ भी हैऔर नदी में डूबने का भय भी इसके बावजूद ग्रामीणरोजी-रोटी के लिए नदी को पार करने को मजबूर है।
नेता आते हैऔर आश्वासन देकर चले जाते है
मंदसौर से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम दमदम व आक्या फत्तु गांव के करीब ५०० ग्रामीणोंं को बारिश में आवागमन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आवागमन के लिए नदी में 4 ड्रम का जुगाड़ बनाकर डाल रखा है, इसी से दोनों गांव के लोग एक छोर से दूसरे छोर तक जाते हैं। नदी में मगरमच्छ भी है। पर क्या करें काम करने के लिए डरते-डरते जाना पड़ता है। कई बार नदी का बहाव कम ज्यादा होने से नदी पार करते समय महिलाएं और बच्चे गिर जाते हैं। यहां ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों व नेताओं को कोसते हुए कहा कि कईसालों से नदी पर पुल या पुलिया निर्माण को लेकर आवेदन दिए है लेकिन किसी ने नहीं सुनी। समस्या जस की तस बनी हुईहै। ग्रामीणों का कहना हैकि अबकी बार चुनाव में अगर कोई वोट लेने आया तो उसे वोट नहीं दिया जाएगा।
हर साल ऐसे ही नदी पार कर निकलना पड़ता है। जान जोखिम में डालकर हम नदी पार करते हैं लेकिन हमारा सुनने वाला कोई भी नहीं है नेता लोग आते हैं बड़े बड़े वादे करके चले जाते हैं लेकिन आज तक हमारे यहां पर पुलिया नहीं बनी है पुलिया बन जाए तो ३ हजार लोगो को सुविधा होगी।
- कलाबाई गुर्जर, ग्राम दमदम
क्या करें मजबूरी है, हम हमारी जान को जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। पुलिया बनाने के लिए कईबार नेताओं व अधिकारियों से कहा, लेकिन कोईसुनता ही नहीं। केवल आश्वासन देकर और वादे करके चले जाते है। इस नदी पर एक छोटी पुलिया ही बन जाए तो बारिश में काफी सुविधा हो जाएगी।
- गोविंद अहिरवार, ग्राम दमदम
इनका कहना...
नदी में पानी होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में असुविधा हो रही है। ऐसे में नदी पार करने के लिए प्रतिदिन जुगाड़ का सहारा लेना पड़ रहा है। नदी पर पुलिया निर्माण के लिए ४ करोड ६८ लाख की राशि स्वीकृत हो चुकी है। टैंडर भी हो चुका है। बारिश के बाद पुलिया निर्माण कार्यप्रारंभ होने की संभावना है। पुलिया निर्माण से ग्रामीणों को समस्या नहीं होगी।
- विष्णुबाई राठौर, सरपंच, ग्राम पंचायत पानपुर

harinath dwivedi Editorial Incharge
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