नंबर एक मंदसौर की पीएचक्यू में शिकायत

नंबर एक मंदसौर की पीएचक्यू में शिकायत

harinath dwivedi | Publish: Jul, 14 2018 11:58:14 AM (IST) Mandsaur, Madhya Pradesh, India

नंबर एक मंदसौर की पीएचक्यू में शिकायत

मंदसौर.


पुलिस मुख्यालय के रैकिंग सिस्टम में पहले पायदान पर रहने के लिए जब्ती बढ़ाने का फार्मूला सामने आया है। इसका खुलासा तब हुआ जब सीसीटीएनएस में प्रोजेक्ट के अंतर्गत वरियता सूची में आने के लिए केस में प्रविष्टियों को लेकर होशंगाबाद पुलिस अधीक्षक अरविंद सक्सेना ने एक पत्र अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक राज्य अपराध अनुसंधान ब्यूरो भोपाल (पीएचक्यू) को लिखा। इसमें मंदसौर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर है। नीमच दूसरे स्थान पर है। एसपी ने मंदसौर, नीमच व सतना पुलिस द्वारा सीसीटीएनएस में की गई प्रविष्टियों पर सवाल उठाएं है। उन्होंने पत्र में लिखा कि सीसीटीएनएस के लॉगिन पेज पर प्रदर्शित किए जा रहे वरीयता क्रम में प्र्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर आने के लिए कुछ जिलों के द्वारा केस में अनावश्यक प्रविष्टियां की जा रही है। जिनमें कुल एफआईआर क्रमश: ५३८, ५४८, ६७२ है। वहीं इन जिलो द्वारा इन अपराधों मेंं जप्तियां २६३१,१४७६ एवं २७६३ डाली गई है। जो कि तीनों जिलों में लगभग ४०० प्रतिशत से अधिक है। जो व्यवहारिक रूप से सही प्रतित नहंी होता है। इसी प्रकार अन्य जिलों के द्वारा भी वरीयता सूची में स्थान प्राप्त करने के लिए अनावश्यक प्रविष्टियां की जा रही है।
गिरता है मनोबल
उन्होंने पत्र में लिखा कि इस प्रकार के कृत्य से जिन जिलों द्वारा निष्ठा एवं ईमानदारी से कार्य किया गया है। उन जिलोंं के अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल निरंतर गिरता जा रहा है। उक्त अनावश्यक कार्रवाई का उच्च स्तर पर अवलोकन कर कार्रवाई की जाए।


ऐसे करते है खेल
पुलिस मुख्यालय से सीसीटीएनएस में बेहतर काम करने वाले जिलो को रैंक दी जाती है। इस रैंक में एफआईआर दर्ज होने के साथ जब्ती, गिरफ्तारी और चालान पेश होने की संख्या के आधार पर अंक मिलते है। इसी से प्रदेश स्तर पर रैंक मिलती है।


इनका कहना...
अनावश्यक प्रविष्टियां नहीं की गई है। अपराध में विवेचना के दौरान जो-जो जप्तियां बनाई गई। उन्हीं की प्रविष्टियां की गई है।
- सुंदरङ्क्षसह कनेश, एएसपी मंदसौर।

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