तीन घंटे कीचड़ भरे रास्ते में पैदल चल अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला

तीन घंटे कीचड़ भरे रास्ते में पैदल चल अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला

By: harinath dwivedi

Published: 24 Jul 2018, 02:02 PM IST

मंदसौर/गरोठ.
शहर से 3 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत आक्या कुंवरपदा के ग्राम ओढ़ का खेड़ा का रास्ता इन दिनों वर्षा के कारण इस प्रकार खराब हो गया है कि उस पर दो पहिया वाहन या साइकिल भी चलाना मुश्किल हो गया है। जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। एक महिला सुबह 10 बजे ग्राम से पैदल चलकर दोपहर 2 बजे अपनी गर्भवती पुत्री को लेकर अस्पताल पहुंची। गर्भवती महिला सपना पति अशोक ओढ़ को चेकअप कराने के लिए करीब 4 घंटो तक कीचड़ भरे रास्ते का सफर मशक्कत कर करना पड़ा।


मतदान के बहिष्कार के बाद भी रास्ते को तरसते ग्रामीण
गत विधानसभा उपचुनाव में सडक़ की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था जिसकी सूचना मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के साथ तत्कालीन भाजपा व कांग्रेस प्रत्याशीयो ने दोपहर बाद ग्राम में पहुंचकर समस्या का हल करने का आश्वासन दिया था तब जाकर लोगों ने मतदान किया था, परंतु उनकी यह बात मात्र आश्वासन तक ही सीमित रही। हारे हुए तो ठीक परंतु जीते हुए भाजपा प्रत्याशी वर्तमान विधायक चंदरसिंह सिसोदिया को भी अपना वादा याद नहीं रहा नतीजा पूर्व की तरह लोग भुगत रहे हैं। सडक़ नहीं बनने से लोगों को आने जाने में परेशानी आ रही है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण सोमवार को देखने को मिला। एक महिला सुबह 10 बजे ग्राम से पैदल चलकर दोपहर 1 बजे अपनी गर्भवती पुत्री को लेकर अस्पताल पहुंची। यहां लोग आज भी रास्ते के लिए तरस रहे है। गरोठ से ग्राम तक का मार्ग पूरा कच्चा होने के कारण तथा उस पर हार्डमुरम या डामरीकरण नहीं होने के कारण पूरा रास्ता कीचड़ से भरा पड़ा है जिसके कारण पैदल भी निकलना मुश्किल हो रहा है ग्राम का संपर्क गरोठ से पूरी तरह से टूट चुका है जिसके कारण लोगों को आने जाने व विशेषकर बीमार मरीजों को लाने ले जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


दोनों प्रत्याशियों ने दिया था आश्वासन
यह विडंबना है कि ग्राम के लोगों ने अपनी इस बुनियादी सुविधा को लेकर पिछले विधानसभा उपचुनाव में मतदान तक का बहिष्कार कर दिया था जिस पर जिम्मेदार अधिकारियों के साथ- साथ तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी चंदरसिंह सिसोदिया तथा कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष सोजतिया अपने- अपने समर्थकों को साथ दोपहर बाद पहुंचे थे और लोगों से कहा था कि चुनाव बाद आपकी समस्या का हल हो जाएगा परंतु 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी समस्या जैसी की तैसी बनी हुई है और खामियाजा आखिरकार ग्राम के लोग ही इस तरह से भुगत रहे हैं।


गरोठ से टूटा संपर्क, फिर करेंगे बहिष्कार
ग्रामवासी गोवर्धनलाल, बद्रीलाल राठौड़ ने बताया कि ग्राम का रास्ता पूरी तरह से कीचड़ भरा है जिससे गरोठ का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। रात्रि में ज्यादा दिक्कत आती है जब कोई बीमार हो जाता है तब उसे हाथ पर उठाकर लाना पड़ता है। गत विधानसभा चुनाव में बहिष्कार के दौरान दोनों प्रत्याशियों उनके समर्थकों ने चुनाव बाद सडक़ बनाने की कहा था परंतु जीतने वाले और हारने वाले दोनों ही इस बात को भूल बैठे हैं। यदि ग्राम की अब भी सडक़ नहीं बनाई गई तो अगले विधानसभा चुनाव में फिर मतदान का पूरी तरह बहिष्कार करने के लिए ग्रामवासी बाध्य होंगे।


इनका कहना...
वर्तमान में वर्षाकाल चलते सडक़ निर्माण संभव नहीं है। बारिश के बाद प्राथमिकता के साथ हिंगोरिया तक सडक़ निर्माण किए जाने का प्रयास किया जाएगा। यह ग्राम पंचायत की लापरवाही है कि उसने इसे सुदूर सडक़ या अपने स्तर की अन्य योजना में सम्मिलित कर नहीं बनाई है। वर्षा बाद हींगोरिया तक सडक़ का निर्माण प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।
- चंदरसिंह सिसोदिया, विधायक, गरोठ

harinath dwivedi Editorial Incharge
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