विधायक के घर के सामने किया सुंदरकांड पाठ, दिया ज्ञापन

नियमितीकरण की मांग को लेकर धरने पर रहे ग्राम रोजगार सहायक

By: harinath dwivedi

Published: 10 Feb 2018, 07:57 PM IST

मंदसौर । नियमितिकरण सहित अन्य मांगो के निराकरण को लेकर शनिवार को कईअधिकारियों व कर्मचारियों ने विधायक यशपालसिंह सिसौदिया के यश नगर स्थित घर के सामने धरना दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने शासन की सद्बुद्धि के लिए सुंदरकांड का पाठ भी किया। बाद में ज्ञापन देकर मांगो के शीघ्र निराकरण की मांग की।
ग्राम रोजगार सहायको ने दिया धरना
ग्राम पंचायत रोजगार सहायक सुबह १०.३० बजे से विधायक यशपालसिंह सिसौदिया के घर के सामने एकत्र हुए। यहां शासन की सद्बुद्धि के लिए सभी ने सामूहिक धरना देकर सुंदरकांड का पाठकिया। बाद में विधायक प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा। मप्र सहायक सचिव संगठन के जिलाध्यक्ष सुरेशसिंह परमार ने बताया कि शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतो में कार्यरत रोजगार सहायक शासन की योजना मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं स्वच्छ भारत मिशन के अतिरिक्त विभिन्न विभागो की योजनाओ को धरातल एवं ग्रामीण क्षेत्रों में क्रियान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है। शासन को इनके कार्य को देखते हुए इनको तुरंत नियमित करने का कार्य करना चाहिए। इसके विपरीत न्यूनतम मानदेय में ग्राम पंचायत रोजगार सहायक ग्राम पंचायत में कार्य करने के लिए मजबूर है। यदि सरकार ने समय रहते हुए नियमितिकरण की मांग को नहीं माना तो हम इस लड़ाई को जारी रखेंगे। इस अवसर पर जिले के सभी संविदा अधिकारी कर्मचारी सहित जिलेभर के ग्राम रोजगार सहायक उपस्थित थे।
संविदा कर्मचारियों ने भी सुंदरकांड के बाद दिया ज्ञापन
मप्र संविदा कर्मचारी- अधिकारी महासंघ के आव्हान पर जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा अधिकारी कर्मचारियों ने अपनी नियमितिकरण की मांग को लेकर दोपहर 12 बजे सुंदरकांड का पाठ किया। विभिन्न विभागों में 10-25 वर्षो से कार्यरत संविदा कर्मचारी लगातार कई वर्षो से नियमितिकरण और समान कार्य समान वेतन की मांग करते आ रहे है। कर्मचारियों का कहना है जब अन्य समीपस्थ प्रदेश जैसे हरियाणा, हिमाचल प्रदेश में संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जा सकता है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं।
विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारी वर्षो से पूर्ण निष्ठा से अल्प वेतन पर कार्य करते आ रहे है। सुप्रीम कोर्ट भी समान कार्य समान वेतन का आदेश दे चुका है। किन्तु मप्र शासन द्वारा लगातार अवहेलना की जा रही है। कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा कि अब हताश संविदाकर्मी आत्महत्या जैसे प्रयास को अंजाम देने लगे है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण कुछ दिन पूर्व पद से निष्कासित संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी कुणाल वाघेला द्वारा किया गया आत्महत्या का प्रयास है। सुंदरकांड के पश्चात संविदा कर्मचारी महासंघ द्वारा नियमितिकरण और निष्कासितों की वापसी संबंधी मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन विधायक प्रतिनिधि नरेश चंदवानी को सौंपा गया। धरना स्थल पर ही विधायक ने मोबाईल से संदेश भेजकर संविदा कर्मचारियों के नियमितिकरण की मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाकर शीघ्र नियमितिकरण का आश्वासन दिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग, सर्व शिक्षा अभियान, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, ई-गर्वनेंस, लोक सेवा गारंटी, बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी सम्मिलित रहे। धरने को समर्थन देने वालो में संयुक्त मोर्चा संघर्ष समिति के अध्यक्ष तेजसिंह पंवार, अपाक्स अध्यक्ष चेतनदास गनछोड, सतीश नागर, श्यामसुंदर देशमुख, अशोक शर्मा, दिनेश शुक्ला, भगवती शर्मा ने उपस्थित होकर आगामी आंदोलन में पूर्ण समर्थन देकर संविदा मुक्त मप्र की कल्पना साकार करने का प्रण लिया। महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश आचार्य ने बताया कि मुख्यमंत्री हमें नियमित कर समस्याओं का निवारण करें। यदि शीघ्र हमारी मांग का निराकरण नहीं होता है, तो संविदा महासंघ बड़े आंदोलन के लिए दृढ़ संकल्पित है।

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harinath dwivedi Editorial Incharge
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