शिवराज ने मंच से महिलाओं को दी अपनी कसम, कहा समूह मत जमा कराना

शिवराज ने मंच से महिलाओं को दी अपनी कसम, कहा समूह मत जमा कराना
शिवराज ने मंच से महिलाओं को दी अपनी कसम, कहा समूह मत जमा कराना

Nilesh Trivedi | Updated: 23 Sep 2019, 12:03:09 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India


शिवराज ने मंच से महिलाओं को दी अपनी कसम, कहा समूह मत जमा कराना

मंदसौर.
तुम्हें, तुम्हारें भय्या की कसम है समूह का लोन जमा मत करना। यह कसम बाढ़ प्रभावितों के लिए २४ घंटे के धरने में दूसरे दिन रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने मंच से महिलाओं को दी। फिर राज्य सरकार पर हमला बोला। मंदसौर के मंच से शिवराज ने प्रदेश में स्वसहायता के समूह लोन माफ करने और बिजली के बढ़े हुए बिलों के खिलाफ प्रदेश स्तर का आंदोलन छेडऩे की बात कही और इसकी शुरुआत मंदसौर से की। इतना ही नहीं दो दिन में जितने लोग आए थे, उनसे अधिक राशि के बिजली के बिल एकत्रित कर बिलों की होली जलाई और कहा कि भरने की जरुरत नहीं।


और न हीं समूह का कर्ज भरने की जरुरत है। संघर्ष समितियां पंचायत से लेकर हर मोहल्लें में बनाई जाए और जो बिजली काटने आए, उन्हें घेर लो। साथ ही जो समूह की वसूली करनें उनका भी घेराव करों और जो पार्टी के लोग वोट मांगने आए उन्हें हाथों में झाडू उठाओं और झाड़ दो। यह आह्वान पूर्व मुख्यमंत्री ने जिले के साथ प्रदेश की महिलाओं से किया। २३ को होने वाले मुख्यमंत्री कमलनाथ के दौरे को लेकर कहा कि हमने यहां आकर इतना गदर मचाया कि अब उन्हें आना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत के काम की मॉनीटरिंग के लिए उन्होंने मंडल, विधानसभा व पंचायत स्तर पर कमेटी बनाने की बात भी कही। १


कमलनाथ से की जनता के दर्द को समझने की अपील
जनता की मांगों को लेकर चौहान व अन्य नेताओं ने कलेक्टर मनोज पुष्प को मंच पर ही ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने बताया कि सीएम से अपील की है कि बाढ़ पीडि़तों का दर्द समझो। जो सर्वे आपका प्रशासन कर रहा हूं वह भी मनमर्जी का। कोई घर नहीं जा रहा है। प्रभावितों को 25 हजार रुपए नगद, ५ लीटर मिट्टी का तेल, ५० किलो गेंहू की सहातया तत्काल दें। साथ ही नुकसानी का सर्वे करवाकर जितना नुकसान हुआ, उतनी राहत दे दो। जनता ईमानदार है, सर्वे कर पूछो तो सही सब सही बताएंगे। जनता बेईमान नहीं है। जिन विद्यार्थियों की किताबें, कॉपियां बह गई, उन्हें फिर निशुल्क किताबें दें। जब तक फिर से मकान बनकर तैयार हो, तब तक अस्थाई शेड बनाकर इनकी व्यवस्था करें। फसल नुकसानी को लेकर कहा कि सर्वे की जरुरत नहीं, ४० हजार पर हैक्टेयर से मुआवजा दिया जाए। किसानों के पास कुछ बचा नहीं ऐसे में रबी के लिए खाद बीज निशुल्क दिया जाए।

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