तैलिया तालाब जमीन को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर ने पूर्व कलेक्टर के निर्णय पर दिया स्थगन

harinath dwivedi

Publish: Dec, 07 2017 05:17:39 (IST)

Mandsaur, Madhya Pradesh, India
तैलिया तालाब जमीन को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर ने पूर्व कलेक्टर के निर्णय पर दिया स्थगन

तैलिया तालाब जमीन को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, कलेक्टर ने पूर्व कलेक्टर के निर्णय पर दिया स्थगन



-तालाब अतिक्रमण व डूब क्षेत्र के मामले में कलेक्टर ने जांच कमेटी गठित
-एक सप्ताह में कमेटी देगी रिपोर्ट

मंदसौर.
तैलिया तालाब डूब जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने का तत्कालीन कलेक्टर स्वतंत्र कुमार ङ्क्षसह के निर्णय का तीव्र विरोध हो रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी, घाणावार तेली समाज सहित कईलोगों ने तालाब जमीन को डूब क्षेत्र से बाहर करने के निर्णय का विरोध किया। तत्कालीन कलेक्टर ङ्क्षसह के निर्णय का बढ़ता विरोध देखते हुए कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने स्वप्रेरणा से पुर्नविलोकन के लिए प्रकरण उज्जैन कमिश्रर को भेजा है। वहीं तत्कालीन कलेक्टर ङ्क्षसह के निर्णय पर तत्काल प्रभाव से स्थगन लगा दिया है।
कांग्रेस ने दिया प्रदर्शन दिया ज्ञापन
गुरुवार की दोपहर जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में एसडीएम कार्यालय के सामने कांगे्रसजनों ने तत्कालीन कलेक्टर ङ्क्षसह के निर्णय को वापस लेने एवं तालाब अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातडिय़ा ने ज्ञापन का वाचन किया। नायब तहसीलदार राजेश खरे को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में शासन प्रशासन पर किए तीखे हमले
भू-माफियाओं, नेताओं तथा प्रशासकीय अधिकारियों के अनैतिक गठजोड़ से इस तालाब की भूमियों को निजी बनाने उन पर संरचना करने और अतिक्रमण करने का सतत् प्रयास जारी है। जनता के द्वारा निरन्तर इस तालाब के संरक्षण, संधारण एवं विकास के लिए मांग की जाती रही है किन्तु रक्षक ही भक्षक बन रहे है। इस तालाब की भूमियों पर अतिक्रमण करके निर्माण करने, अधिकतम जल स्तर (मेग्जीमम वाटर लेवल एम.डब्ल्यु.एल.व एफ.टी.एल.) को बदलने तथा तालाब की भूमियों के परिक्षेत्र पर कब्जा व निर्माण करने के प्रयास को रोकने की बजाए उसे वैद्य घोषित करने का उपक्रम किया जा रहा है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश की अनेदखी की
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल खण्डपीठ भोपाल ने तालाब के संरक्षण के लिए आदेश प्रभावी किया हुआ है किन्तु उसे अनदेखा किया जा रहा है। तत्कालीन कलेक्टर स्वतंत्रकुमार सिंह ने 6 जून 2017 तिथि अंकित कर एक आदेश पारित किया। जिसमें तालाब के एमडब्ल्युएल परिक्षेत्र को समुचित तथ्यान्वेषण के बिना ही सीमित कर घोषित कर दिया। संदिग्ध कालोनियों एवं भूखण्डों पर निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया। विधिवत सीमांकन नहीं किया गया।
इस अवसर पर नवकृष्ण पाटिल, मुकेश काला, महेंद्र सिंह गुर्जर, राघवेन्द्र सिंह तोमर, शशि कान्त गर्ग, कमलेश सोनी(लाला), सरोज सिंह सिसोदिया, सोमिल नाहटा, मोहम्मद हनीफ शेख, कन्तिलाल राठौर सहित कईकांगे्रस कार्यकर्ता उपस्थित थे। स्थगन का यह दिया कलेक्टर न्यायालय ने निर्णय
कलेक्टर श्रीवास्तव ने विद्या पुखराज दशोरा बनाम शासन में पारित आदेश छह जून २०१७ द्वारा तैलिया तालाब मंदसौर की एमडब्लयूएल सीमा का सीमाकंन किया था। ७ दिसबंर को कलेक्टर ने न्यायालय ने इस निर्णय के संबंध में प्राप्त शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए स्वप्रेरणा से उज्जैन कमिश्रर को पुर्नविलोकन के लिए प्रस्ताव प्रेषित किया है।तब तक पूर्व निर्णय के दुरुपयोग को रोकने के लिए इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।
इन ङ्क्षबदूओं पर जांच कमेटी कर सकती है जांच
-तालाब के निर्माण के समय कितनी भूमि तालाब की थी।
-वर्तमान में अभिलेख में तालाब की कितनी भूमि है।
-स्थापना के समय तालाब की भूमियों का जो क्षेत्र था उसमें जो कमी हुई है वह भूमियां किनके नाम हुई, किस आदेश के आधार पर हुई।
-वर्तमान में तालाब की जो भूमियां अभिलेख पर दर्ज है उनका स्थल पर उतना परिक्षेत्र विद्यमान है या नहीं।
-तालाब का एवं एम डब्ल्यु एल व एफ टी एल परिक्षेत्र का सीमाकंन।
-तालाब में पानी की आपूर्ति के जो स्त्रोत और मार्ग है उन पर अतिक्रमण व अवैध अवरोध ।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned