कांग्रेस के हनीफ को हराकर भाजपा के राम के हाथ में शहर की सरकार

कांग्रेस के हनीफ को हराकर भाजपा के राम के हाथ में शहर की सरकार

मंदसौर.
23 सालों के लंबे अंतराल के बाद अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली से प्रदेश का पहला चुनाव मंदसौर में हुआ। प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा निकाय अधिनियम में किए बदलाव के बाद हुए पहले चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल की। भाजपा के राम कोटवानी मंदसौर नपा के अध्यक्ष चुने गए।

उन्होंने कांग्रेस के हनीफ शेख को पराजित किया। पांच साल के परिषद के कार्यकाल में राम कोटवानी तीसरे अध्यक्ष होंगे। सुबह से चली निर्वाचन की प्रक्रियाओं के बीच दोपहर को परिणाम की घोषणा हुई। जीत के बाद भाजपा खेमे में खुशी छा गई और कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया, वहीं कांग्रेस ने भी परिणाम पर संतोष जताया। बहुमत के चलते जीत भले ही भाजपा की हुई लेकिन एक वोट भाजपा का कांग्रेस को मिला। जो चुनाव के बाद सबसे बड़ी चर्चा का विषय शहर के राजनीतिक गलियारों में बना रहा।


सुबह १० बजे से दोपहर २ बजे तक रही गहमागहमी, फिर गुंजे नारें
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार ९.५० बजे सभी पार्षदों को परिचय पत्र देखने और मोबाईल बाहर ही जमा करने के बाद प्रवेश दिया गया। इसके बाद निर्वाचन की प्रक्रिया चली। इसमें भाजपा के राम कोटवानी व कांग्रेस की और से हनीफ शेख ने नामांकन दाखिल किया। जांच के बाद नामवापसी के बाद फिर मतदान हुआ। इसके बाद मतदान पेटी सील करने के बाद मतगणना हुई।

सभागृह से बाहर आकर पार्षद विनोद डगवार ने जीत की सूचना दी तो बाहर खड़े समर्थको ने भाजपा के नारें लगाना शुरु कर दिए। परिणाम के बाद भाजपा के खेमे में जश्न का माहौल हो गया और आतिशबाजी के बाद भाजपाईयों ने जश्न मनाया। यहां से गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने सभी नेता पहुंचे। इसके बाद जुलूस ढोल-ढमाको के साथ शुरु हुआ। परिणाम आने के बाद प्रभारी रतलाम विधायक चेतन्य काश्यप, सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर, जिलाध्यक्ष राजेंद्र सुराना, महामंत्री अजयसिंह चौहान के साथ अन्य संगठन व पार्टी के नेता मौजूद थे। मतदान प्रक्रिया के दौरान नगर पालिका उपाध्यक्ष सुनील जैन के अंदर टेबल से गिरने की खबर भी बाहर आई।


नपा के निर्वाचन में भाजपा का दबदबा बरकरार
प्रत्यक्ष चुनाव में नपाध्यक्ष पर कई सालों से भाजपा की झोली में ही अध्यक्ष की सीट शहर के मतदाताओं ने डाली है। ऐसे में ४० साल से नपा में भाजपा का अध्यक्ष है। गत वर्ष नपाध्यक्ष की हत्या के बाद प्रदेश शासन ने कांग्रेस पार्षद हनीफ शेख को जुलाई में अध्यक्ष नियुक्त किया। अब फिर अप्रत्यक्ष प्रणाली से हुए चुनाव में भाजपा ने जीत हासिल करते हुए नपाध्यक्ष की कुर्सी हासिल की। इस तहर निर्वाचन में अध्यक्ष पद पर भाजपा का दबदबा बरकरार रखने में कामयाब रही।


इसी परिषद के तीसरे अध्यक्ष होंगे कोटवानी
नपाध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की १७ जनवरी-२०१९ को हत्या होने के बाद अध्यक्ष की कुर्सी खाली थी। इसके बाद २३ जुलाई-२०१९ को प्रदेश शासन ने कांग्रेस के हनीफ शेख को अध्यक्ष नियुक्त किया। मामला हाईकोर्ट में गया और वहां के निर्देश के बाद आयोग ने चुनाव कार्यक्रम १ फरवरी को घोषित किया। इसमें भाजपा के राम कोटवानी ने जीत हासिल की। इसी परिषद के कोटवानी तीसरे अध्यक्ष होंगे। परिषद का कार्यकाल २७ जनवरी-२०२१ को खत्म होगा। ऐसे में ११ माह के बचे हुए कार्यकाल के लिए कोटवानी अध्यक्ष होंगे।


भाजपा के एक पार्षद ने किया कांग्रेस को वोट
भाजपा के २३ तो कांग्रेस के १७ पार्षद थे। परिणाम आए तो भाजपा को २२ व कांग्रेस को १८ वोट मिलें। इस तहर चार वोट से बीजेपी के कोटवानी ने जीत तो हासिल कर ली लेकिन भाजपा के एक पार्षद ने कांग्रेस को वोट किया। कांग्रेस इसी कारण परिणाम से संतुष्ट है तो भाजपा इसको कांग्रेस द्वारा प्रशासन से पार्षदों पर दबाव बनाने के कारण बता रही है।


चक्कर आने से गिरे सांसद, रोका जुलूस
परिणाम आने के बाद भाजपा का विजयी जुलूस गांधी चौराहें पर गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद शुरु हुआ। जो कुछ कदम आगे बढऩे के बाद दीनदयाल उपाध्याय उद्यान तक पहुंचा। यहां उपाध्याय की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद विधायक का भाषण खत्म होने के बाद प्रदेश महामंत्री बंशीलाल गुर्जर का भाषण चल रहा था और इसी दौरान सांसद सुधीर गुप्ता की अचानक तबीयत बिगड़ गई और चक्कर आने से वह गिर गए। तब बीजेपी ने अपना जुलूस रोका और उन्हें लेकर समीप के निजी अस्पताल पहुंचे। जहां उन्हें भर्ती कराया गया। बताया गया कि ब्लड प्रेशर लो होने के बाद तबीयत बिगड़ी थी। उपचार के बाद स्थिति में सुधार हुआ।


वोटिंग से तय हुआ कांग्रेस का प्रत्याशी
दोनों ही दलों ने चुनाव के ठीक पहले अंतिम समय में अपने प्रत्याशी तय किए। भाजपा में तो बैठक में संगठन व पार्टी के नेताओ ने सहमति बनाई व राम कोटवानी के नाम तय किया। इसके बाद कांग्रेस में पर्यवेक्षक बटुकशंकर जोशी के साथ हुई बैठक में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनने की स्थिति में वोटिंग करवाई गई। वोटिंग के दौरान ९ लोगों ने वर्तमान नपाध्यक्ष हनीफ शेख तो ८ लोगों ने इस्माईल मेल व १ ने अन्य का काम पर सहमति दी। इस आधार पर ९ वोटों को देखते हुए शेख को कांग्रेस ने प्रत्याशी घोषित किया।

एक वोट और हमें ज्यादा मिला
६ माह के हमारे कार्यकाल से प्रभावित होकर हमें एक वोट और ज्यादा मिला है। एक भाजपा पार्षद ने हमें वोट किया है। सभी १७ पार्षद हमारे एक थे। तस्वीर साफ थी। फिर भी परिणाम संतोषजनक है। आगे भी नगर विकास के लिए सकारात्मक रुख से काम करेंगे।-हनीफ शेख, कांग्रेस प्रत्याशी


नगर के विकास को आगे ले जाएंगे
कम समय मिला है लेकिन परिषद के सभी पार्षदों के साथ मिलकर नगर के विकास को आगे पहुंचाने का काम करेंगे। जो नगर के लिए जरुरी है उन कामों को गति देेंगे। नपा के कर्मचारियों व अधिकारियों के साथ सांमजस्य बनाकर विकास को गति देना ही प्राथमिकता है। यह जीत लोकतंत्र व सत्य की जीत है। -राम कोटवानी, निर्वाचित अध्यक्ष

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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