आज, सर्वार्थ सिद्धि योग में बाजार में उमड़ेगी भीड़

आज, सर्वार्थ सिद्धि योग में बाजार में उमड़ेगी भीड़

मंदसौर.
दीपोत्सव के पहले पुष्य नक्षत्र को लेकर बाजार पूरी तरह तैयार है। अब दुकानदारों को ग्राहको को इंतजार है। इस बार दीपावली से पहले दो दिन का पुष्य नक्षत्र रहेगा। इसमें खरीदी को लेकर शुभ मुर्हूत भी बनेंगे। खरीदी को लेकर भी कई संयोग बन रहे है। जो पुष्य नक्षत्र की खरीदी को प्रभावी बनाएंगे। सोमवार व मंगलवार दो दिन पुष्य नक्षत्र रहने वाला है। पिछले लंबे समय से बाजारों में पसरा सन्नाटा दीपोत्सव व गुरु पुष्य नक्षत्र पर टूटेगा और बाजार में ग्राहको की भीड़ उमड़ेगी।


कई सालों बाद बन रहा खरीदी का बन रहा शुभ मुहूर्त
ज्योतिषविद रवीशराय गौड़ ने बताया कि कई वर्षों बाद दीपावली के पूर्व खरीदी के शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इस कारण दीपावली पर बाजारों में अच्छी रौनक रहेगी। खरीदारी का महामुहूर्त पुष्य नक्षत्र दो दिन रहेगा। यह मुहूर्त 21 अक्टूबर से प्रारंभ होकर २२ अक्टूबर की शाम 4.45 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही दोनों दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। इसके चलते वाहन, भूमि, भवन एवं कृषि क्षेत्र के लिए यह शुभ माना जा रहा है।


पुष्य नक्षत्र की खरीदी अक्षय फल देती है
दीपावली के पूर्व आने वाले पुष्य नक्षत्र में की गई प्रत्येक वस्तु की खरीदारी अक्षय फल देती है। इसे लाभप्रद माना जाता है। जो लंबे अरसे तक चलेगी। पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि है, जो दीर्घ काल तक रहने वाला ग्रह है, इसलिए इस नक्षत्र में की गई खरीदी लंबे समय तक साथ रहती है। गौड़ के अनुसार 21 अक्टूबर को सोम पुष्य के शुभ योग में सोना, चांदी और अन्य कीमती चीजों की खरीदी करना उत्तम रहेगा। वहीं 22 अक्टूबर यानी मंगल पुष्य को भूमि, मकान, धातु की खरीदी के लिए श्रेष्ठ समय है।


चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा, यह संयोग लाभ दिलाने वाला है
अंक ज्योतिष के हिसाब से भी शुभ पुष्य नक्षत्र के दौरान चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा। जो राशि क्रम में 4 नंबर पर है। पुष्य 8 वां नक्षत्र है। अंक ज्योतिष में 4 और 8 अंक का स्वामी शनि है। इसलिए पुष्य स्वामी शनि, अंक ज्योतिष से भी दिनांक के स्वामी रहेंगे। इस तरह यह सुखद संयोग लाभ दिलाने वाला होगा। धनतेरस की शाम को यमराज और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने का महत्व है। इसलिए ये पर्व 25 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा। इस बार धनतेरस पर सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। इस योग भी खरीदी करना शुभ रहेगा।


शिवजी के साथ लक्ष्मी की पूजा कर करें खरीददारी
गौड़ ने बताया कि सोम और भौम पुष्य नक्षत्र में शिवजी के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करके खरीदे गए आभूषण अथवा जमीन-जायदाद के कागजात अर्पित करें। दिवाली के दिन भी उन वस्तुओं को पूजा में अर्पित करने से घर में बरकत बढ़ेगी। इस बार धनतेरस से पहले दो दिन तक पुष्य नक्षत्र के संयोग में खरीदारी कर सकेंगे। इस दौरान की गई हर खरीदी चिरस्थाई होगी। इस मुहूर्त को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है। इस महामुहूर्त में किए गए सभी काम पूरे तो होते ही है। साथ ही बहुत जल्दी उनके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते है। इस मुहूर्त में हर काम सिद्घ हो जाते हैं।


23 घंटे तक रहेगा पुष्य नक्षत्र प्रभावी
गौड़ ने बताया कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की 21 अक्टूबर की शाम 5.31 बजे तक पुनर्वसु नक्षत्र है। इसके पश्चात पुष्य नक्षत्र लग रहा है जो मंगलवार की शाम 5.35 बजे से पुष्य नक्षत्र का आरंभ होगा और मंगलवार को शाम 4.45 बजे तक रहेगा। 23 घंटे का पुष्य नक्षत्र प्रभावकारी है। शाम का समय प्रदोष काल होता है और इस समय पुष्य नक्षत्र लग रहा है अत: यह सोम पुष्य योग होगा। पुष्य नक्षत्र जो है वह शनि प्रधान नक्षत्र है लेकिन उसकी प्रकृति बृहस्पति, गुरु जैसी होती है। पुष्य को अमरेज्य भी कहा जाता है अर्थात वह नक्षत्र जिसमें खरीदी गई हर वस्तु अमरता को प्राप्त करती है।


बाजार में आएगी तेजी
पुष्यनक्षत्र को नक्षत्र सम्राट माना गया गया है। इसके स्वामी शनि तथा उप स्वामी बृहस्पति हैं। पुष्य नक्षत्र का प्रभाव शनि तथा बृहस्पति से जुड़े क्षेत्रों पर दिखाई देगा। सोमवार व मंगलवार को यह नक्षत्र होने से चंद्र तथा मंगल का क्षेत्र में भी उठाव आने से बाजार में तेजी नजर आएगी

Nilesh Trivedi
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