रैली निकाली, थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर दी गिरफ्तारी

रैली निकाली, थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर दी गिरफ्तारी

By: Nilesh Trivedi

Published: 07 Mar 2020, 11:10 AM IST

मंदसौर.
आशा-ऊषा सहयोगी संगठन ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर जेलभरो आंदोलन किया। दोपहर में गांधीचौराहा से संगठन की महिलाएं नारेबाजी करते हुए रैली निकाली। जो नगर के विभिन्न मार्गों से होती कोतवाली थाना क्षेत्र में पहुंची। यहां पर महिलाओं ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ के नाम तहसीलदार नारायण नांदेड़ा को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान नायब तहसीलदार वैभव जैन, टीआई एसएल यादव मौजूद थे।

सीएम के नाम सौंपे गए ज्ञापन में महिलाओं ने मांग की है कि आशा-ऊषा सहयोगियों को अन्य राज्यों की तरह सरकार अतिरिक्त वेतन प्रदान करें। प्रोत्साहन की पूरी राशि मानदेय को हर माह के पहले सप्ताह में नियमित रुप से भुगतान किया जाए। आशा-ऊषाओं को समस्य प्रशिक्षणों, बैठकों के साथ्ज्ञ ही विभागीय यात्राओं का भत्ता दिया जाए। चिकित्सा सुविधा, व्यय प्रतिपूर्ति, मुत्यु की दिशा में ५ लाख रुपए एवं दुर्घटना में १० लाख की अनुग्रह राशि दी जाए। आशा-ऊषाओं को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की तरह भुगतान सहित प्रसूति अवकाश, सीएल, मेडिकलत्यौहार एवं अन्य अवकाश प्रदान किए जाए। अस्पतालों व प्राथमिक स्वास्थ्य कमेंद्रों में आशाओं के लिए सुरक्षित व सुविधायुक्त विश्रामगृह तैयार करने से अधिक अन्य मांगे की। इस दौरान अध्यक्ष माधुरी सोलंकी के साथ ही भारती सोलंकी, संतोष साल्वी, निधि पारीख के साथ ही शहर के साथ जिलेभर से आई आशा-ऊषा संगठन की महिलाएं मौजूद थी।


७० महिलाओं ने दी गिरफ्तार
गांधीचौराहा से शुरु हुआ प्रदर्शन कोतवाली थाने पर पहुंचकर समाप्त हुआ। विरोध प्रदर्शन के बाद महिला कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी। जेलभरो आंदोलन के दौरान करीब ७० महिलाओं ने गिरफ्तारी देकर विरोध व्यक्त किया। अध्यक्ष सोलंकी ने बताया कि संगठन की मुख्य मांग है न्यूनतम वेतनमान निर्धारित कर नियमित भुगतान किया जाए। वहीं अस्पताल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर विश्रामगृह बनाया जाए तो और स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी मानते हुए नियमित किया जाए।

ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में काम के बदले प्रोत्साहन राशि दी जाती है वह भी समय पर भुगतान नहंी होता है। जो राशि मिलती है वह तो बैठकों, प्रशिक्षणों के साथ विभागीय कामों के चलते होने वाली आवाजाही में ही पूरी हो जाती हैै। उन्होंने सरकार को चुनाव से पहले किए वचन को याद दिलाने के लिए यह आंदोलन करना बताया।

Nilesh Trivedi Desk/Reporting
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