सूचना के बाद भी नहीं निकाला वेस्ट वेयर के गेट का पानी, अब बन गया यह पानी आफत

सूचना के बाद भी नहीं निकाला वेस्ट वेयर के गेट का पानी, अब बन गया यह पानी आफत
सूचना के बाद भी नहीं निकाला वेस्ट वेयर के गेट का पानी, अब बन गया यह पानी आफत

Nilesh Trivedi | Updated: 23 Aug 2019, 12:01:55 PM (IST) Mandsaur, Mandsaur, Madhya Pradesh, India


सूचना के बाद भी नहीं निकाला वेस्ट वेयर के गेट का पानी, अब बन गया यह पानी आफत


मंदसौर.
क्षेत्र के गोपालपुरा टैंक तालाब का पानी चार किमी तक तालाब की सीमा लांघते हुए किसानों के खेतों में पहुंच गया और किसानों की फसलें तालाबें के इस पानी में चौपट हो गई। इसी बात से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार की शाम को हंगामा किया।

लोगों को कहनाथा कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना पहले ही भेज दी थी फिर भी उन्होंने तालाब के वेस्टवियर से पानी नहीं निकाला और क्षे्रत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण अब यह स्थिति बनी है। यहां किसानों ने सिंचाई विभाग के एसडीओ का घेराव कर हंगामा किया।

तालाब का पानी बहने के कारण क्षेत्र के करीब २०० किसानों की १५० हैक्टेयर जमीन पर खड़ी फसल खराब हो गई।
क्षेत्र के ग्राम साठखेड़ा के समीप स्थित गोपालपुरा टैंक के तालाब का पानी समय पर वेस्ट वियर के गेट ना खोले जाने से करीब तीन-चार किमी तक के खेतों में फैल कर भरा गया जिससे करीब 200 किसानों की करीब 150 हेक्टेयर जमीन में स्थित खेतों की खड़ी फसलों में भरा गया। इसके कारण वर्तमान में खड़ी फसलें तो नष्ट हुई ही साथ ही खेतों की मिट्टी भी बह गई है। मामले में किसानों ने सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि १० दिन पूर्व ही सिंचाई विभाग को तालाब का लेबल से ऊपर आया पानी निकालने के संबंध में सूचित किया गया था। परंतु विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके कारण किसानों को इस प्रकार से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे आक्रोशित होकर किसानों ने गुरुवार शाम एसडीएम वीरेंद्र सिंह दांगी के पास पहुंचे परंतु एसडीएम नहीं मिले तो वह प्रदेश कांग्रेस सचिव ललित चंदेल के साथ एसडीओ सिंचाई आरएस मीणा के कार्यालय पर पहुंचे जहां पर आक्रोशित किसानों ने के साथ एसडीओ का घेराव कर दिया। बाद में एसडीओ ने गेट खोलने का संबंध में आश्वासन दिया तब जाकर किसान संतुष्ट हुए। वहीं किसानों का कहना है कि सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण हुए नुकसान का आंकलन कर शासन किसानों को मुआवजा दें अन्यथा किसानों का आंदोलनात्मक कदम उठाना पड़ेंगा।


१५० हेक्टेयर क्षेत्र के खेत तालाब में तब्दील, उपजाऊ मिट्टी भी बही
पुन्याखेड़ी के किसान मांगीलाल मीणा ने बताया कि तालाब का पानी रुक जाने से ग्राम पुन्याखेड़ी, गारीयाखेड़ी, कराडिय़ा सहित आसपास के करीब ८-१० गांव के करीब 200 किसानों की फसलें नष्ट हुई है। इसके करीब 150 हेक्टेयर जमीन के खेतों में पानी भरा गया है। 15 अगस्त को हुई तेज बारिश के बाद ग्राम के लोगों ने वेस्टवेयर के गेट खोलकर पानी निकालकर तालाब का पानी लेबल में किए जाने की होने की सूचना दे दी थी, परंतु संबंधित जल उपभोक्ता समिति के सदस्य तथा सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया जिसके कारण लगातार हो रही बारिश के कारण तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर किसानों के खेतों में भरा गया है।


दो लाख में डलवाई थी उपजाऊ मिट्टी बही
किसान कन्हैयालाल परथीलाल ने बताया कि उन्होंने इसी वर्ष वर्षा से पूर्व अपने खेत में दो लाख रुपए खर्च कर उपजाऊ मिट्टी डलवाई थी। परंतु इस प्रकार पानी भरा जाने के कारण खेत की पूरी मिट्टी बह गई है। साथ ही वर्तमान में खड़ी फसलें भी नष्ट हो गई है। किसान मांगीलाल लक्ष्मण ने बताया कि पानी भर जाने के कारण उनके खेतों में अब कंकर ही कंकर नजर आने लगे हैं।


सिंचाई विभाग के एसडीओ का गैर जिम्मेदाराना बयान
सिंचाई विभाग के एसडीओ आरएस मीणा ने गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए बताया कि किसानों की सूचना मिलने के बाद उन्होंने वेस्टवेयर के गेट के पानी को आगे निकालने के लिए पाइप लगाने के लिए उच्च स्तर पर अनुमति मांगी है परंतु अभी तक मिल नहीं पाई है जिसके कारण पाईप नही लगा सके जिससे पानी आगे नहीं निकाल पाया हैं। अभी दोनो गेट खोल रहे हैं उच्चस्तर से अनुमति मिलने के बाद आगे पाइप लाइन डालकर पानी निकाला जाएगा।

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