पुलिसकर्मी क्यों छोडऩा चाहते है नौकरी यहां पढ़े

पुलिसकर्मी क्यों छोडऩा चाहते है नौकरी यहां पढ़े पुलिसकर्मियों का पुलिस विभाग से हो रहा मोह भंग -लंबी डयूटी और वेतनमान बना कारण, ११७ पुलिसकर्मियों ने

By: harinath dwivedi

Published: 04 Jan 2018, 11:46 AM IST


मंदसौर.
पुलिस विभाग से अब पुलिसकर्मियों का मोह भंग होता जा रहा है। यही कारण है कि पुलिसकर्मी का अब अन्य विभागों की और रूझान अधिक हो गया है। हाल ही में हुईपटवारी की परीक्षा इसका एक उदाहरण है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों द्वारा पटवारी परीक्षा दी गईहै। ऐसे में पुलिस अधिकारी जो पहले से बल की कमी झेल रहे है। उनको अब और भी बल की चिंता सताने लगी है।
११७ पुलिसकर्मियों ने दी परीक्षा
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार ११७ पुलिसकर्मियों ने पटवारी परीक्षा दी है। इसमें से करीब ९० से ९५ फीसदी परीक्षा देने वालों में आरक्षक है। और पांच से दस फीसदी में प्रधानआरक्षक और एएसआई पद के पुलिस अधिकारी है। जानकारी के अनुसार इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मियों को विश्वास हैकि वे इसमें चयनित हो सकते है।
कार्य की अधिकता और गे्रड पे बना कारण
पटवारी की परीक्षा देने वाले पुलिसकर्मियों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि पटवारी पद पर गे्रड पे अधिक है। और आरक्षक पद पर गे्रड पे कम है। वहीं पुलिस विभाग में कार्य की अधिकता भी बहुत है। जानकारी के अनुसार जिले में वर्तमान में करीब ६३३ पद आरक्षक के है। इनमें से करीब ११० से अधिक आरक्षक के पद रिक्त है। ऐसे में यदि पटवारी परीक्षा में चयन होता है तो बल और कम हो जाएगा।
पुलिस अधीक्षक का कहना...
पुलिस विभाग की जॉब चैलेजिंग जॉब है। इस चैलेंज को स्वीकार करना चाहिए। हां, यह बात सही हैजिले से ११७ पुलिसकर्मियों ने पटवारी की परीक्षा दी है। इसमें कार्य की अधिकता और गे्रड पे एक बड़ा कारण है।
मनोज ङ्क्षसह, पुलिस अधीक्षक।


जिले सेे ११७ पुलिसकर्मियों ने पटवारी पद के लिए परीक्षा दी है। हां, यह बात सही है कि जिले में बल की कमी है। हां, यह बात सही है कि जिले में बल की कमी है।
सुंदर ङ्क्षसह कनेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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