चाइना डोर से रास्ते में जा रही छात्रा हुई घायल

-डोर फंसी गर्दन में, निजी चिकित्सालय में करवाया उपचार

By: harinath dwivedi

Published: 04 Jan 2018, 09:17 PM IST





मंदसौर.
जिले के कलेक्टर के द्वारा चाइना सहित नायलॉन के मांझे पर प्रतिबंध लगाया गया है। बावजूद इसके धड़ल्ले से इन डोरों का उपयोग किया जा रहा हैऔर इनको बेचा जा रहा है। गुरुवार को गोल चौराहा पर रहने वाली एक छात्रा कोचिंग से घर आ रही थी कि उसकी गर्दन में चाइना डोर फंस गई।जिससे वह घायल हो गई। घायल छात्रा को परिजन निजी अस्पताल ले गए। जहां उसका उपचार किया गया।
जानकारी के अनुसार गोल चौराहा क्षेत्र निवासरत नंदिनी भावसार शाम चार बजे कोचिंग से घर जा रही थी कि नईआबादी स्थित मनीष टेलिकॉम वाली गली के सामने रोउ पर एक यात्री बस में उलझी हुईचाइना डोर नंदिनी की गर्दन में फंस गई। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।घायल छात्रा को निजी चिकित्सालय ले जाया गया। जहां उपचार किया गया। नंदिनी के पिता अनिल भावसार ने कहा कि चाइन डोर पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए। ये डोर किसी कीभी जान ले सकती है।
प्रतिबंध के बावजूद कैसे हो रहा उपयोग
प्रशासन द्वारा चाइना डोर सहित अन्य मांझे पर २९ दिसंबर को प्रतिबंधित कर दी गई थी।उस आदेश के बाद चार जनवरी को यह घटना घटित हुई।इस दरमियान केवल नाम मात्र की कार्रवाईयां की गई।जबकि आदेश के तुरंत बाद ही प्रशासन एवं पुलिस को इस पर कार्रवाईयां शुरु कर देना चाहिए थी। प्रतिबंध के बावजूद शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में चाइन डोर सहित नायलॉन मांझे का उपयोग होना बड़ा सवाल खड़े कर रहा है।
वायडीनगर एवं नईआबादी थाने ने भी की कार्रवाई
वायडीनगर पुलिस ने बताया कि सेंथेटिक सामग्री एवं मांझा बिक्री करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई करते हुए आरोपी मिरदाद खान से से आठ चकरे नायलोन मांझा, अस्लम मंसूरी से चार चकरे नायलोन मांझा, कुशाल राठौर से छह चकरे जप्त किए। वहीं नईआबादी पुलिस ने लालघाटी से बंटी से ६ चकरे और पुरुषोत्तम से पांच चकरे जप्त कर मामला दर्जकिया।

शहर पुलिस ने दो प्रतिबंधित डोर बेचता पकड़ा
शहर में पंतग दुकानों पर गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने जांच की। जांच के दरमियान दो दुकानों से प्रतिबंधित डोर का जप्त किया और संबंधित के खिलाफ धारा १८८ के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया। पुलिस ने बताया कि अशोक टॉकीज के पास पुष्कर गर्गसे आठ चकरिया प्रतिबंधित मांझे की पकड़ी गई और शीतलामाता मंदिर के पास से लवीश अग्रवाल से ९ प्रतिबंधित मांझे की चकरियां पकड़ी गई। दोनों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के प्रावधानो कों लागू करते हुए आदेश दिए थे कि नायलान या किसी गैर सिंथेटिक सामग्री से बने डोर (मांझा) पतंग स्ट्रिंग पर प्रतिबंध लगाया गया है। क्योंकि यह नायलॉन, चीनी और कपास के साथ लेपित मांझा कांच के साथ बनाया जाता है जो मनुष्य, पक्षियों और जानवरों के लिए खतरा बन गया है, साथ ही पर्यावरण के लिए भी हानिकारक है। अत: सिंथेटिक सामग्री, मांझा के विनिर्माण बिक्री, भंडारण, दुकानो में खरीद और उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।

harinath dwivedi Editorial Incharge
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