बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट होगी 200 कंपनियां, प्रमोटर्स पर 10 साल की पाबंदी

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बुधवार से 200 कंपनियों को डिलिस्ट करने जा रहा है।

By: manish ranjan

Published: 22 Aug 2017, 03:49 PM IST

नई दिल्ली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बुधवार से 200 कंपनियों को डिलिस्ट करने जा रहा है। इसके बाद इन कंपनियों में कुछ सालों तक ट्रेडिंग नहीं हो पाएगी। वहीं इन कंपनियो के प्रमोटरों पर भी 10 साल तक की पाबंदी लगा दी जाएगी। जिन 200 कंपनियों पर गाज गिरने वाली है उनमें फाइनेंस, हेल्थ, टेक्सटाइल से जुड़ी क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं। तीन अलग-अलग सर्कुलर जारी कर एक्सचेंज से इसकी घोषणा की है। पहले चरण में करीब 117 कंपनियों को डिलिस्ट किया जाएगा। दूसरे सर्कुलर के दौरान 28 ऐसी कंपनियों को डिलिस्ट करने की तैयारी है जिनके पास नकदी नहीं है और वे दस साल से भी ज्यादा समय से निलंबित हैं। जबकि तीसरे सर्कुलर में 55 ऐसी कंपनियों का जिक्र है जो पहले से ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से डीलिस्ट की जा चुकी हैं।

कौन सी है ये कंपनियां

बीएसई से जिन कंपनियों को डीलिस्ट किया जाना है उनमें डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग, धनुष टेक्नोलॉजीज, आईओएल नेटकॉमएथिना फाइनेंशियल सर्विस, अंकुर ड्रग्स, ब्लू बर्ड, क्रू बॉस, कुटोन्स रिटेल, पर्ल इंजीनियरिंग पॉलिमर्स, नागार्जुन फाइनेंस, अरिहंत इंडस्ट्रीज, पारेख प्लेटिनम और स्टील ट्यूब्स ऑफ इंडिया के नाम शामिल हैं।


क्यों होंगी डिलिस्ट

दरअसल बाजार नियामक सेबी और आयकर विभाग ने भी 100 ब्रोकिंग फर्म पर शैल कंपनियों को मदद का आरोप लगाया है। इन पर 16,000 करोड़ की मनी लॉन्डरिंग का आरोप है। सेबी, आयकर विभाग ने इन पर केवाईसी नियमों में छेड़छाड़ का आरोप भी लगाया है। डीलिस्टिंग प्रोसेस के बाद इन कंपनियों के प्रमोटर्स को भी 10 साल तक के लिए ट्रेडिंग पर पाबंदी लगा दी जाएगी। गौरतलब है कि अगस्त के शुरुआत में सेबी ने 331 शेल कंपनियों पर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने पहले ही करीब 1.75 लाख ऐसी कंपनियों को डिरजिस्टर्ड कर रखा है जिनमें काफी लंबे समय से कोई काम हुआ है। गौरतलब है कि बीएसई ने यह कार्रवाई ऐसे समय में की है जब अवैध फंड के प्रवाह में मददगार बनने की आरोपी कंपनियों पर लगातार शिकंजा कसता जा रहा है।  

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